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Tips: रात भर की पढ़ाई से बचें, तनाव में पढ़ा हुआ याद रखना मुश्किल; डीप प्रोसेसिंग तकनीक कर सकती है मदद

Thu, 20 Feb 2025 09:10 AM IST
आकाश कुमार लेक्चरर एमी रीचेल्ट
लेक्चरर एमी रीचेल्ट Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 20 Feb 2025 09:10 AM IST
सार

Board Exams: एडिलेड यूनिवर्सिटी की सीनियर लेक्चरर एमी रीचेल्ट का सुझाव बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्रों के लिए खासा उपयोगी हो सकता है। वह बताती हैं कि परीक्षा से ठीक पहले की रात में जागकर पूरा सिलेबस दोहरा लेने का विचार नुकसान ज्यादा पहुंचाता है।
 

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Cramming Increases Stress: Use Deep Processing for Better Memory Retention During Exams, Check useful tips
अधिक दबाव में पढ़ाई करने पर याद रखना कठिन हो जाता है - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Board Exam Preparation Tips: अधिक दबाव में पढ़ाई करने पर याद रखना कठिन हो जाता है। जब भी कोई महत्वपूर्ण परीक्षा नजदीक आती है, तो कुछ छात्रों को एक रात पहले यह लगता है कि वह परीक्षा के लिए तैयार ही नहीं हैं। ऐसे में, घबराकर वह परीक्षा की आखिरी रात में ही सब कुछ रटने की कोशिश करने लगते हैं। यह पढ़ाई का अच्छा तरीका नहीं है। ऐसे में, आपको छात्रों को यह समझाना होगा कि परीक्षा वाली पूरी रात जागकर पूरे सिलेबस को नहीं दोहराया जा सकता है। उन्हें समझाएं कि अधिक दबाव में वे जो भी पढ़ते हैं, उन्हें याद रखना उनके दिमाग के लिए बेहद कठिन हो जाता है।

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इसलिए परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए छात्र जो कुछ भी पढ़ें, उसे याद रखने और परीक्षा में उसका बेहतर उपयोग करने की कला उन्हें सीखनी होगी। यह तभी संभव है, जब पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने और रिवीजन करने में आप उनकी मदद करेंगे।

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चीजें लंबे समय तक रहेंगी याद

कई कठिन तथ्यों को याद रखने में छात्रों के पसीने छूट जाते हैं और वे एग्जाम वाली रात उन्हें फिर से रटने लगते हैं। ऐसे में ‘डीप प्रोसेसिंग’ तकनीक बेहद कारगर साबित हो सकती है। यह एक दिमागी कसरत है, जिसमें तथ्यों या जानकारियों को किसी ऐसी चीज से जोड़कर पढ़ा जाता है, जो पढ़ने वाले को पहले से ही पता होती है। बच्चों को इसका अभ्यास करवाएं। इससे वे रटने के बजाय विषयों को समझने में अधिक दिलचस्पी लेंगे।

सिर्फ नोट्स ही काफी नहीं

छात्र अपने नोट्स को बार-बार पढ़ते हंै फिर भी हर चीज याद नहीं रख पाते। यह भी परीक्षा से पहले पूरी रात जागकर पढ़ने का एक कारण है। ऐसे में, छात्रों को इम्तिहान के बीच के समय में स्पाइडर डायग्राम, माइंड मैप या कॉन्सेप्ट मैप तकनीकों से पढ़ने के बारे में बताएं। ये तकनीकें चीजों को कुछ इस तरह से प्रस्तुत करती हैं, जो छात्रों के दिमाग पर छप जाती हैं और काफी समय तक याद रहती हैं। चीजों को हाथ से लिखने की भी आदत डालनी चाहिए। इससे लिखने की गति में सुधार होता है, जो परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।

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नींद भी है जरूरी

अमूमन कई छात्रों को लगता है कि परीक्षा की पहली रात जागकर पढ़ना चाहिए, लेकिन यह धारणा गलत है। उन्हें पर्याप्त नींद लेने के फायदे बताएं। उन्हें नींद की अवस्था ‘स्लो वेव स्लीप’ के बारे में समझाएं, जो कम समय तक याद रहने वाली चीजों को लंबे समय तक याद रखने में मददगार है। यह भी बताएं कि मस्तिष्क का ‘हिप्पोकैम्पस’ भाग याददाश्त को मजबूत बनाता है। यह नींद के दौरान सीखने के अनुभवों को बढ़ाता है। - द कन्वर्सेशन

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