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Chandrayan 3: स्कूली छात्रों के लिए वेब पोर्टल 'अपना चंद्रयान' लॉन्च, कक्षाओं के लिए 10 विशेष मॉड्यूल भी जारी

Wed, 18 Oct 2023 05:36 AM IST
यशोधन शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 18 Oct 2023 05:36 AM IST
सार

वेबपोर्टल और मॉड्यूल को एनसीईआरटी द्वारा विकसित किया गया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर बनाने के लिए इसरो अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ को धन्यवाद दिया।

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Chandrayan 3 Web portal 'Apna Chandrayaan' launched school students 10 special modules released
धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : twitter: @dpradhanbjp

विस्तार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और इसरो अध्यक्ष डॉ. श्रीधर पणिक्कर सोमनाथ ने मंगलवार को मिशन चंद्रयान-3 पर स्कूली छात्रों के लिए विकसित वेब पोर्टल 'अपना चंद्रयान' लॉन्च किया। 

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धर्मेंद्र प्रधान ने चंद्रयान-3 पर आधारित 10 विशेष मॉड्यूल भी जारी करते हुए इन्हें सभी कक्षाओं के लिए वैकल्पिक बनाने का सुझाव दिया। यह सभी मॉड्यूल चंद्र मिशन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं। इसमें स्कूली छात्रों के लिए क्विज़, पहेलियां जैसी गतिविधि आधारित सहायता सामग्री है।
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वेबपोर्टल और मॉड्यूल को एनसीईआरटी द्वारा विकसित किया गया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर बनाने के लिए इसरो अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ को धन्यवाद दिया। 
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. सोमनाथ से चंद्रयान-3 की कहानियों को देश के बच्चों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा डॉ. सोमनाथ को सौंपे गए कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया, जिसमें कक्षीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना, अगली पीढ़ी के लॉन्चिंग वाहनों का विकास आदि शामिल हैं। उन्होंने उनसे छात्रों के लिए विज्ञान को मनोरंजक बनाने का भी आग्रह किया।

इस मौके पर एनसीईआरटी द्वारा निर्मित चंद्रयान-3 की यात्रा को दर्शाती लघु फिल्म भी दिखाई गई। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय के छात्र भी शामिल थे। यहां पर फोटो फ्रेम के रूप में छात्रों की ओर से रचनात्मक अभिव्यक्तियां को भी शो-केस किया गया था। कुछ छात्रों ने चंद्रयान-3 पर आधारित कविताएं सुनाई। बच्चों ने इन सभी कविताओं की जमकर सराहना की।

स्वदेशी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर मिशन पूरा किया 
इसरो अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ ने बताया कि भारत ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर चंद्रयान-3 मिशन को पूरा किया है। उन्होंने छात्रों से 21 अक्तूबर को सुबह आठ बजे गगनयान के प्रक्षेपण को देखने का अनुरोध किया। उन्होंने युवाओं को शोधकर्ता बनने के लिए भी प्रेरित किया।

पढ़ाई के साथ छात्रों को कौशल में भी दक्ष करें
केंद्रीय शिक्षा व कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को इंडिया स्किल्स 2023 के उद्घाटन मौके पर कहा कि छात्रों को डिग्री की पढ़ाई के साथ-साथ मनपसंद कौशल में भी दक्ष करने की जरूरत है। 

21वीं सदी की जरूरतों के तहत दक्षताओं, व्यावहारिक ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण को भी समान महत्व देना होगा। नीति निर्माताओं, शिक्षा जगत और उद्योग जगत सभी को मिलकर डिग्री और कौशल के बीच के अंतर को कम करके कौशल प्रशिक्षण पर फोकस करना होगा।

दिल्ली स्थित कौशल भवन में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने नीति निर्माताओं, शिक्षा जगत और उद्योग जगत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जनांदोलन बनाने को एक साथ आने का आग्रह किया। 

उन्होंने कहा कि इसके लिए डिग्री और कौशल विकास के बीच में जो गैप या अंतर है, उसे पहले दूर करना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत डिग्री और योग्यता को मिश्रित मॉडल के तहत पढ़ाई और कौशल को एक साथ जोड़ा है। इसे लचीला और छात्रों की पसंद का भी ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता 2022 में भारत ने 58 देशों के बीच परचम लहराया है।


डिग्री, योग्यता के बीच अंतर कम करने को मैपिंग जरूरी
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को डिग्री और कौशल के बीच अंतर को पाटने को लेकर हुनर की कमी के बारे में खाका तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधान ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग, शिक्षा जगत और नीति-निर्माताओं को एक साथ काम करना होगा और कौशल विकास को एक जन-आंदोलन का रूप देना होगा।



उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 ने डिग्री और योग्यता को मिलाकर एक मिश्रित मॉडल के लिए कदम उठाया है। उन्होंने इस मौके पर ‘इंडिया स्किल्स’ 2023-24 भी पेश किया और कार्यक्रम में ‘वर्ल्ड स्किल्स’ 2022 विजेताओं को सम्मानित किया। मंत्री ने सभी को केवल डिग्री हासिल करने के बजाय योग्यता बढ़ाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान की याद दिलाई।

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