MoE: जेईई-नीट का दबाव और कोचिंग पर निर्भरता कम करने की दिशा में पहल; नौ सदस्यीय समिति गठित, होगी समीक्षा
Education Ministry: शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता, डमी स्कूलों और जेईई-नीट के दबाव को कम करने के लिए 9 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई है। यह समिति कोचिंग सेंटरों की भूमिका, स्कूल शिक्षा की खामियां और करियर काउंसलिंग की स्थिति की जांच करेगी।
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Ministry of Education: छात्रों में तेजी से बढ़ रही निजी कोचिंग पर निर्भरता और डमी स्कूलों की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो छात्रों की कोचिंग पर बढ़ती निर्भरता को कम करने के उपाय सुझाएगी।
समिति की जिम्मेदारी और नेतृत्व
यह नौ सदस्यीय समिति उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी की अध्यक्षता में काम करेगी। जोशी को इस साल अप्रैल में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी प्रगति और कार्रवाई की रिपोर्ट हर महीने शिक्षा मंत्रालय को दे।
जेईई, नीट जैसे एग्जाम की निष्पक्षता की होगी समीक्षा
मंत्रालय ने समिति से कहा है कि वह जेईई, नीट और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावशीलता और निष्पक्षता की समीक्षा करे और यह देखे कि इनका स्कूल शिक्षा प्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ता है। साथ ही यह भी जांच हो कि कोचिंग इंडस्ट्री इन परीक्षाओं के चलते कितनी तेजी से बढ़ रही है।
कोचिंग सेंटरों पर पहले ही जारी हो चुके हैं नियम
शिक्षा मंत्रालय ने जनवरी 2023 में ‘कोचिंग सेंटरों के लिए दिशा-निर्देश’ जारी किए थे। इन दिशा-निर्देशों के मुताबिक:
- कोचिंग सेंटर 16 साल से कम उम्र के छात्रों को दाखिला नहीं दे सकते।
- झूठे वादों और भ्रामक प्रचार पर रोक लगाई गई।
- हर सेंटर में CCTV कैमरे और स्नातक डिग्री वाले शिक्षक अनिवार्य किए गए।
ये नियम बढ़ती आत्महत्याओं को देखते हुए बनाए गए थे।
नई समिति की मुख्य जिम्मेदारियां
- कोचिंग सेंटरों के विज्ञापन की समीक्षा और उनके लिए उपयुक्त निगरानी तंत्र की सिफारिश करना।
- स्कूलों और कॉलेजों में करियर काउंसलिंग की उपलब्धता और प्रभावशीलता की जांच करना।
- स्कूल शिक्षा प्रणाली में मौजूद कमियों और खामियों को पहचानना, जिससे कोचिंग पर निर्भरता बढ़ती है।
- डमी स्कूलों की बढ़ती संख्या और उनकी भूमिका को समझना, जहां छात्र सिर्फ नामांकन लेकर पूरा समय कोचिंग करते हैं।
डमी स्कूलों पर CBSE की सख्ती
सीबीएसई (CBSE) ने हाल के वर्षों में करीब 300 डमी स्कूलों पर कार्रवाई की है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि जेईई मेन 2025 के एक टॉपर की सफलता को डमी स्कूल से जोड़ना भ्रामक रिपोर्टिंग है और इसकी उसने कड़ी निंदा की।
समिति में कौन-कौन हैं सदस्य?
इस समिति में देश की प्रमुख संस्थाओं और स्कूलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है:
- विनीत जोशी, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग – अध्यक्ष
- सीबीएसई चेयरमैन – सदस्य
- स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव – सदस्य
- आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधि – सदस्य
- आईआईटी कानपुर के प्रतिनिधि – सदस्य
- एनआईटी त्रिची के प्रतिनिधि – सदस्य
- एनसीईआरटी का प्रतिनिधि – सदस्य
- केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एक निजी स्कूल के प्राचार्य – सदस्य
- उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव – सदस्य सचिव
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