केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड: 14 जून तक जारी हो सकता है 12वीं का मूल्यांकन मानदंड
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अभी तक बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के लिए मूल्यांकन मानदंड जारी नहीं किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अभी तक बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के लिए मूल्यांकन मानदंड जारी नहीं किया है। ऐसे में बताया जा रहा है कि सीबीएसई बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के लिए मूल्यांकन मानदंड 14 जून तक जारी कर सकती है। हालांकि, अभी बोर्ड की तरफ से बारहवीं रिजल्ट के लिए मूल्यांकन मानदंड जारी करने की तारीख की घोषणा नहीं की गई है। आपको बता दें कि लगभग 12 लाख छात्र मूल्यांकन प्रक्रिया पर स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बारहवीं परीक्षा के रिजल्ट के लिए मूल्यांकन मानदंड सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जारी होगा।
इसे भी पढ़ें-वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी: वीआईटीईईई रिजल्ट 2021 जारी, ऐसे देखें
आपको बता दें कि सीबीएसई बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के लिए मूल्यांकन मानदंड पर निर्णय लेने के लिए अब तक एक मूल्यांकन समिति का गठन हो चुका है। जिसे अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सभी छात्रों के लिए एक निष्पक्ष मूल्यांकन फॉर्मूले को अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया था। मूल्यांकन मानदंड को लेकर भी अलग-अलग राय है। बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पास करने के लिए उनके स्कूलों में तीन साल के प्रदर्शन को देखा जा सकता है। यह सबसे चर्चित मूल्यांकन मानदंडों में से एक यह है कि छात्रों का मूल्यांकन पिछले वर्षों में क्रमशः नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं में उनके नंबरों को आधार बनाकर किया जाए। इसके अलावा, मूल्यांकन मानदंड का दूसरा विकल्प 12वीं की व्यावहारिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं को बनाया जा सकता है। इसमें बारहवीं कक्षा के छात्रों के प्री बोर्ड परीक्षाओं और टेस्ट के अंकों के आधार पर उनका रिजल्ट तैयार किया जा सकता है।
इसे भी पढ़ें-आंध्र प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2021: शिक्षा मंत्री ने कहा- 10वींं-12वीं की परीक्षा कराने की कोशिश जारी
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में पहले ही कहा जा चुका है कि जो विद्यार्थी ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया से प्राप्त नंबरों से संतुष्ट नहीं होंगे, उनको कोरोना वायरस की स्थिति के सामान्य होने के बाद परीक्षा में बैठने का विकल्प दिया जाएगा। यानी कि अगर कोई छात्र सीबीएसई की तरफ से मूल्यांकन मानदंड के आधार पर रिजल्ट जारी करने पर प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह बोर्ड परीक्षा दे सकता है।
कमेंट
कमेंट X