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CBSE Board 2019: समय पर परिणाम घोषित कर बना दिया रिकॉर्ड, इसके पीछे थी ये रणनीति

Thu, 09 May 2019 08:43 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Thu, 09 May 2019 08:43 PM IST
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CBSE Board results 2019 released in record time
इस साल के सीबीएसई दसवीं और बारहवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणाम को समय पर घोषित करने के लिए बोर्ड ने एक अलग तकनीक अपनाई और परिणाम की घोषणा के तिथि को रिकॉर्ड बना दिया । इस बार कुछ 1.67 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई और 4 अप्रैल को अंतिम परीक्षा के 16 दिनों के भीतर प्रक्रिया को पूरा किया गया। बता दें कि प्रत्येक पेपर 12 मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा संभाला गया।
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मूल्यांकन प्रक्रिया में 1.5 लाख से अधिक अधिकारियों की सेना शामिल थी, जिसमें 3,500 केंद्रीकृत मूल्यांकन केंद्रों में काम करने वाले 1.1 लाख मूल्यांकनकर्ता शामिल थे।
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बोर्ड ने अनेकों बदलाव किए जैसे मूल्यांकन केंद्रों में 40% वृद्धि, वास्तविक समय की निगरानी,  हर दिन औसतन 5.6 लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन आदि।

खास बात ये है कि जिस दिन सामाजिक विज्ञान और शारीरिक शिक्षा कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था, उस दिन 1.1 लाख मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा एक ही दिन में एक लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया था।
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यह बहुत स्पष्ट है कि परिणाम घोषणा बोर्ड के लिए आसान नहीं रही होगी। बोर्ड ने इसे इतनी जल्दी घोषित करने के लिए भारी प्रयास किए हैं। मूल्यांकन की प्रक्रिया और अन्य सभी चीजों को बोर्ड द्वारा प्रबंधित किया। बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए बोर्ड ने 1.5 लाख मूल्यांकनकर्ताओं के रूप में प्रतिनियुक्त किया है।


पहली बार, एक मूल्यांकन चार्ट बनाया गया था और मूल्यांकनकर्ताओं के बीच उत्तर पुस्तिकाओं को क्रॉस चेक किया गया था। सीबीएसई के अधिकारियों के अनुसार, मूल्यांकन के लिए केंद्रों के प्रमुख द्वारा निरीक्षण किया गया था जो हेड एग्जामिनर्स का नेतृत्व करते थे। हर हेड एग्जामिनर एक विषय का विशेषज्ञ था और उन्होंने उस विषय के पेपर के मूल्यांकन की जिम्मेदारी उठाई। इस तरह सीबीएसई ने लगभग कुछ ही समय में असंभव को संभव बना दिया।


मुख्य तथ्य-
  1. हर दिन लगभग 5.6 लाख आंसर पेपर होते थे चेक
  2. हर आंसर शीट 12 मूल्यांकनकर्ताओं की देख-रेख में चेक होती थी
  3. मूल्यांकन केंद्रों की संख्या में 40% की वृद्धि
  4. अंतिम परीक्षा के 16 दिनों के भीतर मूल्यांकन पूरा हुआ
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