फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   CBSE Board Exam : Supreme Court ask CBSE and ISC about deciding Objective Criteria For Assessment

सीबीएसई बोर्ड : परीक्षाओं पर फिर हुई सुप्रीम सुनवाई, कोर्ट ने खुशी तो जताई, लेकिन जवाब भी मांगा

Thu, 03 Jun 2021 12:24 PM IST
देवेश शर्मा राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देवेश शर्मा Updated Thu, 03 Jun 2021 12:24 PM IST
सार

जस्टिस एएम खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की अवकाश पीठ ने जनहित याचिका (एडवोकेट ममता शर्मा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य) की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। पीठ ने अब सीबीएसई और आईसीएसई से आंतरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित मानकों के बारे में जानकारी मांगी है। 

विज्ञापन
CBSE Board Exam : Supreme Court ask CBSE and ISC about deciding Objective Criteria For Assessment
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह खुश है कि सीबीएसई और आईसीएसई कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने अब सीबीएसई और आईसीएसई से आंतरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित मानकों के बारे में जानना चाहा है। पीठ ने सीबीएसई और आईसीएसई को इस संबंध में दो सप्ताह में दिशा-निर्देश लाने के लिए कहा है।

विज्ञापन


सीबीएसई की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ को जानकारी दी कि एक जून को सीबीएसई ने 12वीं की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। वेणुगोपाल ने कहा कि दो हफ्ते में आंतरिक मूल्यांकन के लिए मानक निर्धारित कर दिए जाएंगे। जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी। मालूम हो कि सीबीएसई के बाद आईसीएसई ने भी 12वीं की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था।
विज्ञापन

 

वहीं, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने पीठ से कहा कि कुछ राज्य बोर्ड अभी भी परीक्षाओं को कराने का फैसला लेने जा रहे हैं। इस पर अदालत ने वकील को धैर्य रखने के लिए कहा। पीठ ने कहा, 'हमारे दिमाग में छात्रों के हित हैं। चाहे बोर्ड अभी कुछ भी सोच रहा हो।'  पीठ ने कहा कि पहले सीबीएसई और आईएससी के मसले को हल किया जाए और फिर हम अन्य राज्य बोर्ड परीक्षाओं पर विचार करेंगे। 

गौरतलब है कि बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के लिए दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार, 31 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। तब केंद्र सरकार ने 01 जून, 2021 की प्रस्तावित बैठक का हवाला देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन का समय मांगा था। इसके बाद कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए 12वीं की परीक्षाओं को लेकर सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी थी।   

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया था। इसी फैसले की तर्ज पर काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) यानी सीआईएससीई ने ISC (Indian School Certificate) की 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया।

हालांकि, सीबीएसई और आईएससी के कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों में असमंजस की स्थिति है। उनका कहना है कि हमें किस प्रकार पास किया जाएगा, किसको क्या ग्रेड दी जाएगी, इसको लेकर वह चिंतित हैं। सीबीएसई इसका मूल्यांकन कैसे करेगा, अब इसका उन्हें बेसब्री से इंतजार है। सीबीएसई की ओर से इस संबंध में अगले दो सप्ताह में निर्णय कर लिया जाएगा। निर्णय के बाद सुप्रीम कोर्ट में यह जवाब रखा जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed