फर्जीवाड़ा: जुगाड़ से पाया मेडिकल प्रैक्टिस लाइसेंस, 73 फर्जी डॉक्टरों और 14 स्टेट काउंसिल के खिलाफ सीबीआई जांच
Munnabhai MBBS: देश में फर्जी डॉक्टरों का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। सीबीआई ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रैकेट के जरिये अपात्र लोगों को मेडिकल प्रैक्टिस का लाइसेंस मिलने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
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Medical Education Munnabhai MBBS: देश में फर्जी डॉक्टरों का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। सीबीआई ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रैकेट के जरिये अपात्र लोगों को मेडिकल प्रैक्टिस का लाइसेंस मिलने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि 2011 से कई अपात्र लोगों ने जुगाड़ के जरिये भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लाइसेंस प्राप्त किए हैं। ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है।
14 राज्यों में जारी किए गए हैं फर्जी लाइसेंस
सीबीआई ने 14 स्टेट मेडिकल काउंसिल (राज्य चिकित्सा परिषद) और 73 विदेशी चिकित्सा स्नातक (विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले) उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, इन उम्मीदवारों को अनिवार्य विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) उत्तीर्ण किए बिना भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने की अनुमति दे दी गई थी।
FMGE क्वालिफाई नहीं कर पाने के बावजूद मिला लाइसेंस
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मानदंडों के अनुसार, विदेश से मेडिकल स्नातक करने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या राज्य चिकित्सा परिषद के साथ अंतरिम या स्थायी पंजीकरण प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) द्वारा आयोजित एफएमजीई / स्क्रीनिंग टेस्ट उत्तीर्ण करना होता है। लेकिन आरोपियों के मामले में FMGE क्वालिफाई नहीं कर पाने के बावजूद उनका अंतरिम या स्थायी पंजीकरण करके उन्हें लाइसेंस दे दिया गया।
भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज
अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने कथित भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला राज्य चिकित्सा परिषदों के अज्ञात अधिकारियों, तत्कालीन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और 73 विदेशी मेडिकल स्नातकों के खिलाफ दर्ज किया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने स्वास्थ्य मंत्रालय को सूचित किया था कि 2011-22 के दौरान रूस, यूक्रेन, चीन और नाइजीरिया जैसे देशों से एमबीबीएस करने वाले 73 ऐसे मेडिकल स्नातकों ने इसकी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है और फिर भी विभिन्न राज्य चिकित्सा परिषद से पंजीकरण प्राप्त किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सीबीआई को की गई शिकायत में कहा गया है कि गैर-योग्य व्यक्तियों द्वारा इस तरह की धोखाधड़ी और फर्जी पंजीकरण नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा।
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