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कैट 2026: एमबीए में दाखिले का सपना देख रहे हैं? मॉक टेस्ट के बाद जरूर करें ये 5 काम, बढ़ सकते हैं अंक

Sun, 01 Nov 2026 07:03 AM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Sun, 01 Nov 2026 07:03 AM IST
सार

कैट 2026 परीक्षा 29 नवंबर को आयोजित होगी। एमबीए में दाखिले की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अब मॉक टेस्ट, सवालों की सही समझ और समय प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल ज्यादा सवाल हल करना काफी नहीं है। हर मॉक टेस्ट के बाद गलतियों को समझना, कमजोर विषयों पर काम करना और नए सवालों का अभ्यास करना भी जरूरी है।
 

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CAT 2026 MBA Aspirants Should Practise Unfamiliar Questions Focus on Mock Tests and Time Management
CAT 2026 - फोटो : AI Generated

विस्तार

भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर यानी आईआईएम इंदौर 29 नवंबर 2026 को कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी कैट 2026 आयोजित करेगा। इस परीक्षा के जरिए देश के बड़े प्रबंधन संस्थानों में एमबीए और दूसरे प्रबंधन पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है। परीक्षा कंप्यूटर पर होगी और इसके लिए कुल 120 मिनट का समय दिया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अब अपनी तैयारी के साथ मॉक टेस्ट, सवालों की सही समझ और समय के सही इस्तेमाल पर ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि आखिरी समय में तैयारी का तरीका ही प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
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परीक्षा में कितने हिस्से होंगे?

कैट 2026 का प्रश्नपत्र तीन हिस्सों में बंटा होगा। इनमें वर्बल एबिलिटी एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन यानी VARC, डेटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग यानी DILR और क्वांटिटेटिव एबिलिटी यानी QA शामिल हैं। तीनों हिस्सों के लिए 40-40 मिनट मिलेंगे। यानी उम्मीदवारों को हर हिस्से के सवाल तय समय में हल करने होंगे। एक हिस्से की परीक्षा देते समय दूसरे हिस्से पर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसलिए उम्मीदवारों को अपनी तैयारी इस तरह करनी चाहिए कि वे हर हिस्से में समय के अंदर सवाल हल कर सकें और जल्दबाजी में गलतियां न करें।
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मॉक टेस्ट के बाद क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञ पवन कुमार के मुताबिक, उम्मीदवारों को सिर्फ यह नहीं देखना चाहिए कि उन्होंने कितने सवाल हल किए, बल्कि यह भी समझना चाहिए कि कितने जवाब सही और कितने गलत हुए। हर मॉक टेस्ट के बाद गलतियों को अलग-अलग हिस्सों में बांटना चाहिए। मसलन, कौन-सा सवाल किसी विषय की जानकारी न होने के कारण गलत हुआ, कहां सवाल ठीक से नहीं पढ़ा गया और कहां गणना में गलती हुई। जल्दबाजी में दिए गए गलत जवाबों को भी पहचानना जरूरी है। इससे उम्मीदवारों को अपनी कमजोरियां समझने और अगली बार उन्हें सुधारने में मदद मिलेगी।
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पिछले मॉक टेस्ट से क्या सीखें?

पवन कुमार का कहना है कि उम्मीदवारों को अपने पिछले आठ से दस मॉक टेस्ट का विश्लेषण करना चाहिए। इससे पता चलेगा कि उनका प्रदर्शन लगातार एक जैसा रहा है या उसमें बहुत उतार-चढ़ाव आया है। साथ ही यह भी समझ आएगा कि वे अपने लक्ष्य के मुताबिक अंक हासिल कर पा रहे हैं या नहीं। अगर किसी एक हिस्से में बार-बार अंक कम हो रहे हैं, तो उस पर खास ध्यान देना चाहिए। केवल कई अध्याय पूरे कर लेना या लगातार मॉक टेस्ट देना सफलता की गारंटी नहीं है। असली बात यह है कि परीक्षा के दबाव में सीखी हुई जानकारी का सही इस्तेमाल कैसे किया जाता है।

तीनों हिस्सों की तैयारी कैसे करें?

VARC यानी भाषा और गद्यांश वाले हिस्से में उम्मीदवारों को किसी लेख का मुख्य विचार समझने और दिए गए पाठ के आधार पर सही विकल्प चुनने का अभ्यास करना चाहिए। DILR में आंकड़ों को समझने, सवालों के सही समूह चुनने और तर्क लगाने की क्षमता पर काम करना जरूरी है। वहीं, QA यानी गणित वाले हिस्से में जरूरी अवधारणाओं को पहचानकर उनका सही इस्तेमाल करना सीखें। विशेषज्ञों की सलाह है कि केवल पहले से हल किए गए सवालों पर निर्भर न रहें। नए और अनजाने सवालों को हल करने की आदत डालें, ताकि परीक्षा में किसी नए तरीके का सवाल आने पर घबराहट न हो।

अगला मॉक टेस्ट देने से पहले क्या करें?

एक मॉक टेस्ट पूरा होने के तुरंत बाद दूसरा टेस्ट देने की जल्दबाजी न करें। पहले यह देखें कि कहां गलती हुई और किस विषय में सुधार की जरूरत है। अपनी सबसे बड़ी कमजोरियों की पहचान करें और उन्हीं विषयों को दोबारा पढ़ें। इसके बाद उन सवालों का अभ्यास करें, जिनमें बार-बार परेशानी आ रही है। जब कमजोर हिस्सों पर काम पूरा हो जाए, तब अगला मॉक टेस्ट दें। इस तरह हर टेस्ट से कुछ नया सीखने को मिलेगा। कैट 2026 में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास, सही रणनीति, सटीक जवाब और समय का सही इस्तेमाल सबसे जरूरी है।
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