Career Tips: नौकरी को ही जिंदगी न बना लें, निजी और पेशेवर जीवन को इस तरह से रखें अलग
Career Tips: नौकरी को लेकर हर कोई सीरियस होता है, लेकिन नौकरी को ही जिंदगी बना लेना सही नहीं है। नौकरी से इतर भी बहुत कुछ है। निजी और पेशेवर जीवन को लेकर नजरिया अलग-अलग होना चाहिए। इससे जीवन में कुछ नया करने का रोमांच और संतुलन बना रहेगा।
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Career Tips: अपनी नौकरी से प्यार करना बेशक आपको करिअर का सबसे बड़ा लक्ष्य लगे, लेकिन इसे ही जिंदगी बना लेना कतई उचित नहीं है। नौकरी से इतर भी जीवन के कई रंग-रूप होते हैं। ऐसे में, अगर आप चौबीस घंटों में से ज्यादातर समय पेशेवर काम को ही देंगे, तो बाकी चीजों से कैसे जुड़ पाएंगे? यह समस्या युवा पेशेवरों में आम हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण है बड़ती प्रतिस्पर्धा और खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने की ललक अपने काम में पूरी तरह से डूब जाना प्रेरणा और संतुष्टि जरूर बढ़ा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह कतई न हो कि आपका काम ही आपके शौक और जिंदगी को परिभाषित करे।
ऐसे में जरूरी हो जाता है कि व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के लिए आपका नजरिया अलग-अलग हो। इस तरह से न सिर्फ आपका करिअर बेहतर होगा, बल्कि आपकी जिंदगी में हर दिन कुछ नया करने का रोमांच और संतुलन भी बना रहेगा।
तालमेल है जरूरी
हर कोई अपने काम के प्रति जुनूनी नहीं होता है। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि काम के प्रति जुनून दो तरह का होता हैः सामंजस्यपूर्ण और जुनूनी। सामंजस्यपूर्ण जुनून तब होता है, जब कोई व्यक्ति अपनी नौकरी से प्यार करते हुए भी जीवन के अन्य पहलुओं के साथ बेहतर तालमेल और संतुलन बनाए रखता है। ऐसे लोगों का उनके काम पर नियंत्रण होता है।
दूसरी ओर, जुनूनी जुनून वाले व्यक्तियों का काम उनके जीवन पर हावी हो जाता है। ऐसे व्यक्ति अक्सर पदोन्नति या वेतन पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। इसलिए ऐसी नौकरी का लक्ष्य रखें, जिससे जीवन में संतुलन बना रहे और इस बात पर विचार करें कि आपका व्यक्तित्व काम के साथ आपके बाकी रिश्ते को कैसे प्रभावित करता है।
व्यक्तित्व की भूमिका
आपका व्यक्तित्व काम के प्रति आपके जुनून के प्रकार को निर्धारित करने में बड़ी भूमिका निभाता है। जो लोग आसानी से परेशान होने वाली प्रवृत्ति के होते हैं, उनमें जुनूनी जुनून विकसित होने की अधिक संभावना होती है, खासकर उन नौकरियों में, जिनमें बहुत अधिक दवाव या प्रतिष्ठा पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
दूसरी ओर, संतुलित दृष्टिकोण और जोशीले इन्सान की नौकरी और जीवन में तनाव कम और संतुलन ज्यादा होता है। अत्यधिक दबाव से बचने के लिए आपको यह समझना होगा कि आपके पास अपनी नौकरी के लिए किस तरह का जुनून है। बेहतर होगा कि आप जीवन के तराजू के एक पलड़े पर पेशेवर काम को रखें और दूसरे पलड़े पर अन्य व्यक्तिगत चीजों को। यह भी ध्यान रखें कि दोनों पलड़ों का संतुलन बना रहे।
बदलाव पर विचार
अगर आपको लगता है कि काम के प्रति आपका मिजाज जुनूनी तरह का है और उस पर आपका नियंत्रण नहीं है या आप अपनी सफलताओं का आनंद नहीं ले पा रहे हैं, तो आपको अपने कॅरिअर में बदलाव करने पर विचार करना चाहिए। आपको ऐसी भूमिका की तलाश करनी चाहिए, जिसमें कलात्मक या सामाजिक तत्व अधिक हों।
आप अपना व्यक्तित्व तो नहीं बदल सकते, लेकिन नौकरी बदलने से आपको ज्यादा संतुष्टि, संतुलन और काम के अलावा अपने जुनून को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। इसलिए अपने व्यक्तित्व के अनुरूप नौकरी की तलाश करें।
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