बंद किए जा सकते हैं खराब परफॉर्म करने वाले कॉलेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि अब जितने भी ऐसे कॉलेज जो उम्मीद से कमतर परफॉरमेंस कर रहे हैं या लाख कोशिशों के बाद भी कॉलेज की स्थिति में सुधार नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे कॉलेजों को बंद किया जा सकता है या फिर उन्हें किसी दूसरी यूनिवर्सिटी के साथ या किसी और इंस्टीट्यूशन के साथ जोड़ा जा सकता है।
पिछले कुछ समय से 'UGC' ऐसे इंस्टीट्यूशन्स को आगे बढ़ाने के लिए उनमें सुधार करने के लिए मेंटरिंग कर रही है लेकिन इसके बाद भी जिनमें सुधार की गुंजाईश नहीं दिख रही है उनके ऊपर इस तरह की कार्यवाही हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक 'UGC' इस बार कॉलेजों को लेकर एक बिलकुल ही नए रोडमेप के साथ तैयार है जिसे ह्यूमन रिसोर्स डेवेलोपमेंट मिनिस्ट्री द्वारा तैयार किया गया है। जिसमें कॉलेज या इंस्टीट्यूशन को ज्यादा स्वायत्ता देने की तैयारी भी है।
बजट भाषण में भी किया गया था जिक्र...
अपने बजट भाषण के दौरान केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी इस बाबत जिक्र किया था कि यूजीसी में कुछ नए रिफॉर्म्स लाए जाएंगे।
इस नए रोडमेप के हिसाब से यूजीसी के तहत आने वाले जो भी शिक्षण संस्थान हैं उन्हें 'आउटस्टैंडिंग', 'इंस्टीट्यूशन्स विद स्कोप ऑफ इम्प्रूवमेंट' और 'अंडरपरफॉर्मिंग' इंस्टीट्यूशन की केटेगरी में बांटा जाएगा।
इसके बाद इन अलग-अलग केटेगरी के हिसाब से इनके ऊपर आगे का फैसला लिया जाएगा। जैसे कि आउटस्टैंडिंग इंस्टीट्यूशन की केटेगरी में आने वाले संस्थानों को और ज्यादा स्वायतत्ता दी जाएगी वही जो दूसरे केटेगरी के तहत आएंगे उन्हें उनकी कमियों के बारे में बताए जाने की बात है।
इस बाबत अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कमेंट
कमेंट X