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UGC के फैसले के बाद घट सकती है आरक्षित शिक्षकों के पदों की संख्या
amarujala.com- Presented by : अपूर्वा राय
Updated Mon, 23 Oct 2017 09:20 AM IST
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HRD मंत्रालय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित नए फार्मूला को लागू करने पर विचार करती है तो विश्वविद्यालय परिसरों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी फैकल्टी की संख्या कम हो सकती है।
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पिछले महीने किए गए एक फैसले में, UGC ने निर्णय लिया है कि आरक्षित फैकल्टी पदों की संख्या को विभागवार किया जाएगा। ये विश्वविद्यालय के कुल पदों के आधारित नहीं होगा। केंद्र सरकार के पूर्व सचिव पीएस कृष्णन के मुताबिक, प्रस्तावित परिवर्तन से एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पदों की संख्या कम हो सकती है।
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यदि इस यूजीसी फॉर्मूले को लागू किया जाता है, तो विश्वविद्यालय में आरक्षण यूनिट के तौर पर होगा। इसका मतलब ये है कि सभी विभागो में आरक्षित पदों की संख्या प्रत्येक विभाग के लिए अलग से निर्धारित की जाएगी।
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