Safalta Talks : आने वाले 20 सालों तक कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री की क्षमता तेजी से बढ़ेगी : रविचंद्रन वी.
विषय : निर्माण उद्योग में कॅरिअर के अवसर
अतिथि वक्ता : रविचंद्रन वी, संस्थापक एवं निदेशक सेल्स इनेवलर्स
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सफलता.कॉम द्वारा निर्माण उद्योग में कॅरिअर के अवसर विषय अतिथि वक्ता रविचंद्रन वी ने कहा कि मैंने देश की टेक्नोलॉजी को 1991 से बदलते देखा है। जब हम लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करते थे। उसके बाद ई-मेल की शुरूआत हुई। फिर वेबसाइट्स आयीं। सोशल मीडिया आया। यूट्यूब आया, लिंक्डइन आया टेलीफोन का डब्बा बदलकर हाथ वाले छोटे से मोबाइल में आ गया। पहले जब इंटरनेट के भी पैसे लगते थे। कॉल उठाने के पैसे लगते थे। अब देश में 24 घंटे सातो दिन इंटरनेट सेवा उपलब्ध है। अब पूरा विश्व एक दूसरे से कनेक्टेड है। जिसका सभी फायदा उठा सकते हैं।
कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में होंगे अपार अवसर
रविचंद्रन वी ने कहा कि आने वाले 20 वर्षों में कंस्ट्रक्शन और भारी उपकरण उद्योग के लिए गोल्डेन पीरियड की तरह होंगे। क्योंकि इन दो दशकों में कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री तेजी से क्षमतावान होगी। इस इंडस्ट्री में युवाओं के लिए भी अपार कॅरिअर संभावनाएं विकसित होंगी। हालांकि डिजिटलाइजेशन होने से पहले इस इंडस्ट्री में युवाओं के लिए ज्यादा अवसर नहीं थे। आजकल कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट, डीलर्स से जोड़ने के लिए कई सारे एप्स, सॉफ्टवेयर आ गए हैं। हर कंस्ट्रक्शन कंपनी आज डिजिटल मार्केटिंग कर रही है।
उच्च क्षमता का लेखन जानना युवाओं के लिए जरूरी
रवि ने कहा कि अगर युवा इस इंडस्ट्री से जुड़ना चाहते हैं तो कंटेंट भी एक महत्वपूर्ण सेगमेंट हैं जहां से वह अपनी शुरूआत कर सकते हैं। अब जानना ये होगा कि लेखन में उच्च क्षमता कैसे विकसित की जा सकती है। कैसे आपके कंटेंट की रीच बढ़ाई जा सकती है। आज कंस्ट्रक्शन उद्योग समझ चुका है कि डिजिटल प्रजेंस के बगैर उनकी ब्रांड वैल्यू नहीं बढ़ने वाली। इसलिये वह तेजी से ऐसे युवाओं को हायर कर रहे हैं जो बेहतर कंटेंट लेखन करना जानते हों।
कंस्ट्रक्शन कंपनियां आज किस तरह से इस्तेमाल कर रही हैं टेक्नोलॉजी को
आज टेक्नोलॉजी के कारण कनेक्टिविटी बढ़ी है। जैसे ओला-उबर से आपको हर जगह गाड़ी मिल जाती है। वैसे ही आजकल रिपेयरिंग, निर्माण के लिए आपको ठेकेदार, लेबर, मशीन आदि एप्स के जरिये आसानी से मिल जा रहे हैं। इसके अलावा पहले जब मशीन खराब होती थी तो इसके पार्ट्स लाने में काफी टाइम लगता था। लेकिन अब डीलर एप पर ढूंढ़ता है कि उसके लोकेशन में आस-पास कौन सी दुकान है जो इस तरह के पार्ट्स बेचती है और कुछ ही समय में वो पार्ट्स लेकर मशीन ठीक कर लेता है। स्विगी-जोमैटो ब्लिंकिट की तरह ही कुछ कंपनियां मशीनी पार्ट्स की डिलीवरी भी शुरू कर चुकी है।
चैट जीपीटी के भरोसे न रहें युवा
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि अगर आप डिजिटल में कॅरिअर शुरू करने जा रहे हैं तो चैट जीपीटी के भरोसे न रहें। आपकी क्षमता और जानकारी को दुरुस्त करें। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है ये जान लें। एंड यूजर को क्या चाहिेए। ये जान लें फिर कंटेंट तैयार करें। जैसे सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट बहुत चल जाता है। आपको देखते ही लगेगा कि ये कंटेंट कितना अच्छा, साफ सुथरा, क्लीयर है। तो ऐसा कंटेंट तैयार करें जो बेहतर हो।
डिजाइनिंग में ये मेथड आयेगा काम
उन्होंने कहा कि अगर कोई युवा डिजाइनिंग कर रहा है। कोई मार्केटिंग विजुअल तैयार कर रहा है तो बहुत सारे अच्छे विजुअल्स को देखते रहना जरूरी है। केवल एआई या चैपजीपीटी के भरोसे रहना ठीक नहीं है। इंटरनेट के जरिये सोशल मीडिया पर आएं और अपने डोमेन के ऐसे लोगों को फॉलो करें जो अच्छा कर रहे हैं। अगर आपका कंटेंट अच्छा होगा तो आप पसंद किये जाओगे। जैसे एक फिल्म जब सुपरहिट होती है तो उसका श्रेय उसके डायरेक्टर को जरूर मिलता है। क्योंकि जिस इंट्रेस्ट के साथ वो कहानी पेश करता है वो तरीका अलग है। वो तरीका है क्वालिटी कंटेंट का। तो आपको भी अपने कंटेट में क्वालिटी लेके आना होगा। उसके लिए आपको स्टडी करना पड़ेगा।
आज के जमाने की सोच के हिसाब से चलें युवा
आपको आज के जमाने के हिसाब से चलना सीखना होगा। लोगों की सोच क्या है। क्योंकि आजकल लोगों का अटेंशन टाइम कम हुआ है। एक नजर में अगर कोई चीज आपको पसंद आयी तो ठीक है नहीं आयी तो आप दोबारा उसे नहीं देखते हैं। तो जो युवा डिजाइन में काम कर रहे हैं वो ऐसा कंटेंट बनाएं कि उसे पलट कर देखना पड़े। लोग बोलें ग्राफिक-कंटेंट तो अच्छा है।
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