Safalta Talk Master Class : बच्चों को टारगेट करने के लिए कंपनियां उनके स्टाइल में करें संवाद : राहुल धमधेरे
Safalta Master Class Expert : Rahul Dhamdhere, Chief Marketing Officer, KidZania India
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सफलता डॉट कॉम द्वारा चिल्ड्रेन द होली ग्रेल ऑफ मार्केटिंग विषय पर आयोजित किए गए मास्टर क्लास सत्र में किडजानिया इंडिया के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर राहुल धमधेरे ने बच्चों के लिए मार्केटिंग पर कहा कि 12 साल से अधिक उम्र के बच्चे इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर आ गए हैं। आजकल के बच्चे 20-30 साल पहले के बच्चों से ज्यादा स्मार्ट हैं। उनको छठवीं कक्षा में जो सीखने को मिल रहा है वो हम जैसे लोगों ने ग्रेजुएशन के बाद सीखा था। आज डिजिटल मार्केटिंग आ गया है। एआई आ गया है। बच्चों ने पेनड्राइव, चिट्ठी जैसी देखी ही नहीं है वो ई मेल देख रहे हैं। इसलिए हमें नए तकनीकि के अनुसार बदलना होगा। आज के समय में बच्चे कहीं पर भी बैठकर फोन पर कुछ भी देखते हैं। कोई नेटफ्लिक्स देख रहा है, कोई सोशल मीडिया पर चैट कर रहा है। हम सबसे टेलीफोन रिसीवर वाला फोन चलाया था। आज के बच्चे आईफोन चला रहे हैं। आज के बच्चे बहुत स्मार्ट हैं उनसे उन्हीं की भाषा में बात की जानी चाहिए। तभी आप उन्हें टारगेट कर सकते हैं।
ये भी सीखें
मास्टर डिजिटल मार्केटिंग
एडवांस डिजिटल मार्केटिंग
कामकाजी पैरेंट्स के लिए बच्चों को संतुष्ट करना पहली प्राथमिकता
साथ ही आज के वर्किंग कल्चर में जहां मां बाप दोनों काम कर रहे हैं वहां बच्चों को संतुष्ट करना पैरेंट्स के लिये बेहद जरूरी है। जो बच्चे मांगते हैं अभिभावकों को उन्हें देना पड़ता है। साथ ही बड़ी कंपनियां बच्चों को टारगेट न कर पैरेंट्स को टारगेट कर रही हैं। जिसमें कोका कोला, पेप्सी, कैडबरी जैसे ब्रांड शामिल हैं। साथ ही आजकल के बच्चे अपनी पसंद के लिए अभिभावकों को भी इंफ्लुएंस कर रहे हैं। अगर उन्हें किसी ब्रांड का कोई उत्पाद पसंद है तो वही घर आता है। चाहे वह वाहन हो या फिर कोई फर्नीचर। आजकल के बच्चे अभिभावकों के यात्रा प्लान्स को भी तय कर रहे हैं। कि अगली छुट्टी, मालदीव में मनानी है या मुंबई में, नैनीताल जाना है कन्याकुमारी। बच्चे तय करते हैं कि कहां घूमने जाना है अभिभावक उनकी बात मानते हैं।
बड़े ब्रांड बच्चों को लेकर रहते हैं सतर्क
उन्होंने किडजानिया इंडिया द्वारा बच्चों को दिये जा रहे तमाम प्रोफेशन्स के अनुभवों पर भी बात की। बच्चों को ब्रांड्स द्वारा की गई एक्टिविटी से अगर कोई क्षति होती है तो उसके सवाल पर राहुल ने कहा कि कोका कोला, कैडबरी, डेयरी मिल्क आदि बच्चों से दूर रहते हैं। ताकि उच्च शर्करा वाले उत्पाद को वह बच्चों को नहीं दिखाना चाहते। कोका कोला का आमिर खान, कैडबरी का रनबीर कपूर, डेयरी मिल्क का काजोल ये भी बच्चों को नहीं दिखाते। न एड वाले बच्चों को लेते हैं। जैसे एक्स ब्रांड एक स्किन केयर कंपनी है जिसमें दीपिका पादुकोड हैं हम किडजानिया में उनका फोटो नहीं लगाते।
ये भी सीख रहे युवा
प्रोफेशनल डिजिटल मार्केटिंग
क्लासरूम डिजिटल मार्केटिंग
बच्चों को क्या सीखना है ये तय करें पैरेंट्स
कोविड के बाद डिजिटलाइजेशन आ गया है तो आज के समय में कंपनियां किस तरह की मार्केटिंग स्ट्रेटजी बच्चों तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। पर राहुल ने कहा कि मेरी जो छोटी बेटी है वो फोन और लैपटॉप पर रहती है। तो मुझे लगता है कि उसकी आंख पर असर पड़ सकता है। मैं चाहता हूं वो आउटडोर गेम खेलें। हर महीने हम अभियान चलाते हैं। बच्चों के क्या सपने हैं। वो कहां जाना चाहते हैं, क्या करना चाहते हैं। बच्चों को प्लान करने की अपॉरचुनिटी देनी चाहिए। बच्चों को क्या सिखाया जाए ये पैरेंट्स को तय करना चाहिए। बच्चे क्या मजा करना चाहते हैं उसे पैरेंट तय करें कि उसमें वह कुछ सीख भी लें। बच्चों का अटेंशन स्पैन 20 मिनट का है। इसलिए बच्चों छोटे छोटे अंतराल में ही सिखाएं।
हर एफएमसीजी सेक्टर कंपनी में अभिभावक पैनल का होना जरूरी
बच्चों के लिए खाने के उत्पाद बना रहीं कुछ कंपनियां द्वारा नुकसानदायक पदार्थ उत्पाद में न हों इस पर कैसे काम करना चाहिए पर राहुल ने कहा कि हर कंपनी जिसके लिए किड्स टारगेट हैं वहां एक पैरेंट्स का पैनल होना चाहिए। जो उत्पाद कंपनियां लेकर आ रही हैं उसमें ताकि ये बताया जा सके कि बच्चे के लिए क्या जरूरी है क्या नहीं।
आई क्यूलिस बन रहे बच्चों के लिए नया एक्सपीरियंस का साधन
एआई, एआऱ और वीआर के सवाल पर राहुल ने कहा कि ब्रांड बच्चों की लैंग्गुएज में बात करते हैं। मेटावर्स एक ऐसा टेक्नोलॉजी आ रहा है। जिसमें आदमी घर बैठे मॉल घूम सकता है, थिएटर में फिल्म देखने का अनुभव कर सकता है। ये जो आईक्यूलिस है उसे कंपनियां पहनाके बच्चों को नया एक्सपीरिएंस देना चाहती हैं। आजकल मार्केटिंग डिजिटल हो गई है। मेटावर्स पर पूरा लैंडिंग पेज बनाकर एफएमसीजी सेक्टर आ गया है। मॉल्स में दुकानें सिर्फ स्पेस लेती हैं जबकि वो सेल ऑनलाइन कर रही हैं।
स्किल आधारित विषयों पर पढ़ाई करानी है जरूरी
आज के समय में छात्र एजुकेशन लेते हैं कोर्स सीखते हैं तो ये ध्येय होता है कि उन्हें पैसा कितना मिलेगा। इस सवाल पर राहुल ने कहा कि आज के स्कूल में जो बच्चों को सिखाया जा रहा है। वह ये सोच के नहीं सिखाया जा रहा है कि बच्चे क्या सीखना चाहते हैं ये सोच के सिखाया जा रहा है कि ये तो बच्चों को सीखना ही है। इंजीनियरिंग, मेडिकल, वकील के क्षेत्र से हटकर दूसरे विषयों के बारे में क्यों नहीं सिखाया जा रहा।
मटीरियलिस्टिक सोच को दिमाग से निकाल दें युवा
युवाओं के कॅरिअर पर राहुल ने कहा कि युवा मटीरियलिस्टिक सोच को दिमाग से निकाल दें। ये करेंगे तो इतना मिलेगा ये नहीं उन्हें सोचना है। एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से अलग कैसे हो सकता है। देश में इतने इंजीनियरिंग कॉलेज हैं कि एमबीए पास युवाओं का नंबर बहुत बढ़ गया है। अगर मुझे किसी को हायर करना है तो आप क्या अलग लेकर आ रहे हैं। क्या आप उत्पाद लेकर आ रहे हैं। आप को 50 हजार रुपये क्यों मिलेंगे दूसरे को क्यूं नहीं इसको जरूर सुनें। उन्होंने युवाओं को पढ़ने के लिए कहा आप पढ़ोगे तो आपका ही नॉलेज बढ़ेगा। युवाओं को न सिर्फ एक विषय पर कई विषयों पर पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बिजनेस के लिए मेंटरशिप की होती है जरूरत
बहुत से युवा जीवन में उतार चढ़ाव आने पर बिजनेस के बारे में सोचते हैं इस पर राहुल ने कहा कि उतार चढ़ाव हर किसी के जीवन में आता है। अगर आपको बिजनेस करना है तो आपको एक मेंटर हायर करना होगा। या आपको पहले सोचना होगा। क्योंकि बिजनेस के बारे में जब आप प्लान कर रहे हैं तो अपने लाइफ साइकिल के बारे में जरूर सोचें। बिजनेस अगर ठप हो जाए तो आप कैसे जीवन को चलाएंगे। ये जरूर सोचकर रखें। एक बैकअप प्लान बनाकर रखें।
सफलता के साथ बनाएं अपना कॅरिअर
देश की जानी - मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं, तो फिर देर किस बात की आज ही सफलता से जुड़ें और अपना शानदार कॅरिअर बनाएं। आप अपने फोन में safalta app डाउनलोड करके भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।
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