Positive Feedback: प्रतिक्रिया हो तो ऐसी, जो केवल शब्दों में तारीफ न हो बल्कि मेहनत और योगदान को सच में सराहे
Constructive Feedback: अच्छी प्रतिक्रिया सिर्फ 'बहुत बढ़िया' कहने से नहीं बनती। यह दूसरों की मेहनत और उनके योगदान को सही ढंग से समझने और सराहने में है।
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Employee Engagement: लीडर अक्सर बोनस, अवॉर्ड या सामान्य प्रशंसा देकर मान लेते हैं कि उन्होंने कर्मचारियों को महत्व दिया, लेकिन इससे कर्मचारी यह महसूस नहीं कर पाते कि वे सच में खास हैं। समस्या तारीफ की कमी की नहीं, बल्कि तारीफ के तरीके की है। ‘पुष्टि’ का अर्थ है किसी व्यक्ति की अलग पहचान को समझना और यह साफ-साफ बताना कि उसकी सोच, मेहनत या खास गुणों से संगठन को क्या लाभ हुआ। हर इन्सान चाहता है कि उसे भीड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि एक अलग व्यक्ति के रूप में देखा जाए।
जब लीडर उदाहरण देकर बताते हैं कि किसी कर्मचारी ने क्या अच्छा किया और उससे क्या सकारात्मक असर पड़ा, तो इससे विश्वास और जुड़ाव बढ़ता है। ऐसी पुष्टि कर्मचारियों को यह एहसास कराती है कि उनकी मौजूदगी सच में मायने रखती है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
अवलोकन है जरूरी
अच्छी और असरदार तारीफ तभी संभव होती है, जब लीडर अपनी टीम को सही तरह से समझे। एक अच्छा लीडर सिर्फ काम के नतीजे नहीं देखता, बल्कि यह भी समझता है कि कौन-सा व्यक्ति किस काम में सबसे बेहतर है और उसकी असली ताकत क्या है। जब किसी कर्मचारी की मेहनत या खास क्षमता को पहचानकर व्यक्तिगत रूप से उसकी सराहना की जाती है, तो उसका असर गहरा होता है। इससे कर्मचारी को यह महसूस होता है कि उसे देखा और समझा जा रहा है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है।
खूबी को पहचानें
किसी व्यक्ति की असली ताकत वही होती है, जिस काम को वह खुशी-खुशी करता है और जिसमें वह निपुण होता है। इसे पहचानने के लिए देखें कि वह कब सबसे अच्छा काम करता है, किस स्थिति में ज्यादा उत्साहित रहता है और टीम के लोग उससे किस काम के लिए मदद लेते हैं। इन बातों को सीधे शब्दों में कहना कि आप इस काम में बहुत अच्छे हैं या आपकी वजह से टीम बेहतर हो रही है, व्यक्ति को अपनी अहमियत का स्पष्ट एहसास कराता है।
स्पष्ट प्रतिक्रिया दें
कर्मचारियों की सराहना करते समय केवल सामान्य शब्दों का इस्तेमाल न करें, बल्कि उन्हीं उदाहरणों का जिक्र करें, जिन्हें आपने खुद देखा या अनुभव किया हो। बैठकों या व्यक्तिगत बातचीत के दौरान अपने अवलोकन साझा करें और उनके योगदान के असर को स्पष्ट रूप से बताएं कि ‘मैंने देखा कि आपने यह किया’ इस तरह की सच्ची और स्पष्ट सकारात्मक प्रतिक्रिया कर्मचारियों को प्रेरित करती है और उनके काम व उत्पादकता में सुधार लाती है।
अनोखी प्रतिभाओं की सराहना करें
सिर्फ ‘धन्यवाद’ कहने के बजाय, लीडर्स को यह बताना चाहिए कि कर्मचारी ने क्या किया, कैसे किया और वह काम क्यों महत्वपूर्ण था। आभार व्यक्त करते समय उसके विशिष्ट कार्यों और उसकी अनोखी प्रतिभाओं का उल्लेख करना जरूरी है। यदि सराहना करते हुए उसकी शक्ति, उद्देश्य, दृष्टिकोण और बुद्धिमत्ता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर यह समझाया जाए कि उसके प्रयासों से संगठन को क्या सकारात्मक लाभ हुआ, तो कर्मचारी को अपने योगदान की असली कीमत समझ में आती है।
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