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अब एमबीए करने के बाद भी नहीं मिल रही नौकरी

Mon, 14 Aug 2017 02:33 PM IST
amarujala.com- Presented by: अपूर्वा राय
amarujala.com- Presented by: अपूर्वा राय Updated Mon, 14 Aug 2017 02:33 PM IST
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one in two MBAs in India fails to land a job

एमबीए के बाद नौकरी की गांरटी अब नहीं रही। एक दौर था जब अकादमिक स्तर पर कभी एमबीए की मांग थी। इसे अच्छी नौकरी और बिजनेस के लिए जरूरी माना जाता था पर अब हालात बदल रहे हैं। पिछले कुछ सालों के रिकॉड देखें तो इस कोर्स से अब पहले जैसी कमाई नहीं हो रही। हर दो में से करीब एक एमबीए ग्रेजुएट को नौकरी नहीं मिल रही है और इस क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।

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साल 2016 में 75 हजार 658 छात्रों को कैंपस से नौकरी मिली थी। हालांकि इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है कि उन अन्य छात्रों का क्या हुआ जिन्होंने देशभर में फैले करीब 3080 कॉलेज में एमबीए में दाखिला लिया था।
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ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के चेयरमैन अनिल सहस्त्रबुद्धि ने बताया कि कुछ छात्र जिन्हें प्लेसमेंट नहीं मिलता वो छोटी-मोटी नौकरी करने लग जाते हैं। कुछ को ग्रेजुएशन के एक या दो साल बाद किसी कंपनी में नौकरी मिल जाती है। उन्हें उम्मीद है कि इंटर्नशिप जरूरी करने के बाद हालात में सुधार होंगे।
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पढ़ें- IIT खड़गपुर के छात्रों को सेमेस्टर के शुरू में ही मिला रिकॉर्ड प्‍लेसमेंट

एमबीए के 7 फीसदी छात्रों को ही कोर्स के दौरान मिलती है नौकरी

one in two MBAs in India fails to land a job

वहीं दूसरी ओर कंपनियों का कहना है कि IIM के छात्रों का 100 परसेंट प्लेसमेंट होता है लेकिन टियर-बी के स्कूलों से ग्रैजुएशन करने वाले छात्र उतने कामयाब नहीं हो पाते। कई छात्र जो बड़े स्कूलों में दाखिला नहीं ले पाते वो अन्य कॉलेज में भी नहीं जाते। इसके चलते करीब 233 बी-स्कूल बंद भी हुए हैं।

पिछले साल ASSOCHAM की एक स्टडी के मुताबिक टॉप 20 कॉलेजों को छोड़ दें तो भारत के बिजनस स्कूलों से एमबीए करने वाले सिर्फ 7 फीसदी छात्रों को ही कोर्स करते नौकरी मिलती है।

स्टडी में कहा गया था, 'खराब क्वॉलिटी कंट्रोल और संसाधन, कैंपस प्लेसमेंट से कम तनख्वाह और पढ़ाने वालों के खराब स्तर के चलते ही भारत में बिजनस स्कूलों का बुरा हाल हो रहा है। कई बिजनस स्कूलों में फैकेलटी को रि-ट्रेन नहीं किया जाता इसके चलते वे बेकार का कोर्स पढ़ाते रहते हैं।'

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