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फर्स्ट इयर में ही डॉक्टर बन जाएंगे मेडिकल के छात्र!
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2014 12:37 PM IST
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मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) 17 साल बाद एमबीबीएस के सिलेबस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब छात्र प्रथम वर्ष से ही ट्रीटमेंट की प्रैक्टिस करेंगे। इसकी तैयारी पूरी हो गई है। जल्द ही नया सिलेबस एमसीआई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
इससे पहले वर्ष 1997 में सिलेबस बदला गया था। तब प्रथम वर्ष का समय 18 महीने से घटाकर 12 महीने किया गया था। साथ ही प्रैक्टिस तीसरे वर्ष से लागू की गई थी। यानी दो वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही ट्रीटमेंट का मौका।
जानकारी के मुताबिक नए सिलेबस में एमबीबीएस रेडियोलॉजी और एमबीबीएस सर्जरी का कोर्स भी शुरू किया जाएगा। छात्र प्रथम वर्ष से ही मरीजों का ट्रीटमेंट कर सकेंगे। किताबी पढ़ाई के साथ व्यवहारिक ज्ञान की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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फिलहाल तीसरे साल से मिलता है ट्रीटमेंट का मौका
एमसीआई का सिलेबस वर्तमान परिपेक्ष्य के हिसाब से काफी पिछड़ा हुआ है। इसमें परिवर्तन की जरूरत है। प्रथम वर्ष से ही छात्रों को अस्पताल भेजना शुरू करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतरीन डॉक्टर सामने आएंगे। - डा. आरपी भट्ट, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा
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इससे पहले वर्ष 1997 में सिलेबस बदला गया था। तब प्रथम वर्ष का समय 18 महीने से घटाकर 12 महीने किया गया था। साथ ही प्रैक्टिस तीसरे वर्ष से लागू की गई थी। यानी दो वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही ट्रीटमेंट का मौका।
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जानकारी के मुताबिक नए सिलेबस में एमबीबीएस रेडियोलॉजी और एमबीबीएस सर्जरी का कोर्स भी शुरू किया जाएगा। छात्र प्रथम वर्ष से ही मरीजों का ट्रीटमेंट कर सकेंगे। किताबी पढ़ाई के साथ व्यवहारिक ज्ञान की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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फिलहाल तीसरे साल से मिलता है ट्रीटमेंट का मौका
एमसीआई का सिलेबस वर्तमान परिपेक्ष्य के हिसाब से काफी पिछड़ा हुआ है। इसमें परिवर्तन की जरूरत है। प्रथम वर्ष से ही छात्रों को अस्पताल भेजना शुरू करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतरीन डॉक्टर सामने आएंगे। - डा. आरपी भट्ट, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा
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