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इंटरनेशल मार्केट में बनाइए पहचान और कैरियर भी
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 05 Mar 2016 01:03 PM IST
सार
- जॉब की कोई कमी नहीं
- एक्सपोर्ट मैनेजर
- एग्जीक्यूटिव
- पर्चेज ऑफिसर
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int
- फोटो : getty
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विस्तार
किसी देश की तरक्की में 'अंतरराष्टरीय व्यापार का अहम योगदान होता है। इससे न केवल देश के चहुमुखी विकास में मदद मिलती है, बल्कि रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। देखा जाए, तो हाल के वर्षों में दूसरे देशों के साथ एक्सपोर्ट और इंपोर्ट के व्यापार में जबरदस्त वृद्धि होने के कारण जॉब के नए रास्ते खुलने लगे हैं।
कार्य-क्षेत्र
इस इंडस्ट्री में आज जॉब की कोई कमी नहीं है। यहां आप प्रोडक्शन, ट्रांसपोर्ट ऐंड शिपिंग, मार्केटिंग ऐंड डॉक्युमेंटेशन के अलावा, एक्सपोर्ट यूनिट्स और मल्टीनेशनल कंपनियों में कार्य कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इस फील्ड में कहां है आपके लिए रोजगार के अवसर...
एक्सपोर्ट मैनेजर : एक्सपोर्ट मैनेजर किसी कंपनी के एक्सपोर्ट डिविजन के प्रमुख होते हैं। इनका कार्य इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि एक्सपोर्ट से जुड़ी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के ऊपर होती है। इन्हें इस बात का भी ख्याल रखना पड़ता है कि कैसे विभिन्न एजेंसियों के साथ परस्पर सामंजस्य कायम किया जाए।
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एग्जीक्यूटिव : एक्सपोर्ट और इंपोर्ट हाउस में कार्य करने वाले एग्जीक्यूटिव को लोकल और इंटरनेशनल मार्केट के एजेंट्स के साथ डील करने के लिए संपर्क बनाना पड़ता है। एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य करने के लिए लोकल और इंटरनेशनल मार्केट के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस क्षेत्र में कार्य करने वाले कैंडिडेट्स को एक्सपोर्ट डॉक्युमेंटेशन वर्क के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।
पर्चेज ऑफिसर : इनका मुख्य कार्य रॉ मैटेरियल को खरीदने के साथ ऐसे मर्चंडाइज को सिलेक्ट करना होता है, जो निर्यात के अनुरूप हो। इसके अलावा, पर्चेज ऑफिसर को लोकल और इंटरनेशनल मार्केट के न्यू ट्रेंड के बारे में जानना जरूरी होता है।
कस्टमर ब्रोकर : ब्रोकर इंपोर्टर और कस्टमर के बीच मिडिएटर का काम करते हैं। आप स्वतंत्र रूप से भी कस्टमर-ब्रोकर का कार्य कर सकते हैं।
एक्सपोर्ट ऐंड इंपोर्ट एजेट : आज अनेक कंपनियां लैंग्वेज प्रॉब्लम, रूल-रेगुलेशन आदि की जानकारी के लिए एजेंट बहाल करती हैं। इनका कार्य कंपनी को मार्केट की स्थिति के बारे में सूचना देना होता है। साथ ही इनका काम कंसल्टेंसी सर्विस प्रदान करना भी होता है। इसके अलावा, किसी खास प्रांत में कंपनी गुड्स के सेल के लिए क्या योजना बनाए, इसके लिए भी ये महत्वपूर्ण सलाह देते हैं।
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कार्य-क्षेत्र
इस इंडस्ट्री में आज जॉब की कोई कमी नहीं है। यहां आप प्रोडक्शन, ट्रांसपोर्ट ऐंड शिपिंग, मार्केटिंग ऐंड डॉक्युमेंटेशन के अलावा, एक्सपोर्ट यूनिट्स और मल्टीनेशनल कंपनियों में कार्य कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इस फील्ड में कहां है आपके लिए रोजगार के अवसर...
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एक्सपोर्ट मैनेजर : एक्सपोर्ट मैनेजर किसी कंपनी के एक्सपोर्ट डिविजन के प्रमुख होते हैं। इनका कार्य इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि एक्सपोर्ट से जुड़ी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के ऊपर होती है। इन्हें इस बात का भी ख्याल रखना पड़ता है कि कैसे विभिन्न एजेंसियों के साथ परस्पर सामंजस्य कायम किया जाए।
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एग्जीक्यूटिव : एक्सपोर्ट और इंपोर्ट हाउस में कार्य करने वाले एग्जीक्यूटिव को लोकल और इंटरनेशनल मार्केट के एजेंट्स के साथ डील करने के लिए संपर्क बनाना पड़ता है। एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य करने के लिए लोकल और इंटरनेशनल मार्केट के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस क्षेत्र में कार्य करने वाले कैंडिडेट्स को एक्सपोर्ट डॉक्युमेंटेशन वर्क के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।
पर्चेज ऑफिसर : इनका मुख्य कार्य रॉ मैटेरियल को खरीदने के साथ ऐसे मर्चंडाइज को सिलेक्ट करना होता है, जो निर्यात के अनुरूप हो। इसके अलावा, पर्चेज ऑफिसर को लोकल और इंटरनेशनल मार्केट के न्यू ट्रेंड के बारे में जानना जरूरी होता है।
कस्टमर ब्रोकर : ब्रोकर इंपोर्टर और कस्टमर के बीच मिडिएटर का काम करते हैं। आप स्वतंत्र रूप से भी कस्टमर-ब्रोकर का कार्य कर सकते हैं।
एक्सपोर्ट ऐंड इंपोर्ट एजेट : आज अनेक कंपनियां लैंग्वेज प्रॉब्लम, रूल-रेगुलेशन आदि की जानकारी के लिए एजेंट बहाल करती हैं। इनका कार्य कंपनी को मार्केट की स्थिति के बारे में सूचना देना होता है। साथ ही इनका काम कंसल्टेंसी सर्विस प्रदान करना भी होता है। इसके अलावा, किसी खास प्रांत में कंपनी गुड्स के सेल के लिए क्या योजना बनाए, इसके लिए भी ये महत्वपूर्ण सलाह देते हैं।
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