JEE Main: सिर्फ NCERT का अध्ययन पर्याप्त नहीं, ऐसे करें तैयारी की प्लानिंग
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जेईई मेन परीक्षा में अब कुछ ही दिन बचे हैं और यह समय विद्यार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय जरूरत होती है कि सिलेबस का गहन अध्ययन कर उसका रिवीजन किया जाए और ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट का अभ्यास किया जाए।
इस समय पढ़ाई को धार देने के लिए अपने कमजोर पक्षों की पहचान करना व प्रत्येक टेस्ट का गहन विश्लेषण किया जाना बहुत जरूरी होता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे कमजोर पक्षों पर ज्यादा से ज्यादा काम करें और विषय से संबंधित विशेषज्ञों की मदद लें, इससे छात्रों को खुद में तेजी से सुधार देखने को मिलेगा।
आदर्श रूप से, इस समय तक सभी गंभीर उम्मीदवारों को पाठ्यक्रम पूरा कर लेना चाहिए था। लेकिन यदि अभी भी सिलेबस पूरा न पढ़ा हो, तो सिर्फ एक ही चीज आपके काम आ सकती है और वह है सटीक प्लानिंग। तैयारी के लिए एक रणनीतिक योजना बनाने से छात्रों को बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलती है।
माह के अनुसार बनाएं प्लानिंग
विद्यार्थी अपनी शेष तैयारी को तीन चरणों में कर सकते हैं।
फेज-1: पहला फेज बहुत ही महत्वपूर्ण है और संशोधनों के लिए इसे प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए। सभी महत्वपूर्ण अध्यायों की पहचान करके विषयवार प्लानिंग करें और इसके लिए विशेषज्ञों की सहायता भी लें। यह सिलेबस की अवधारणाओं को बेहतर तरीके से सुनिश्चित करेगा और तैयारी में कमी को दूर करेगा। इस फेज में समय-प्रबंधन स्किल्स की अनिवार्यता है।
फेज-2: बोर्ड परीक्षा लेने वाले छात्रों के लिए, जेईई (मेन) और जेईई (एडवांस्ड) की तर्ज पर मॉक टेस्ट लेने के लिए समय का उपयोग कुशलतापूर्वक किया जाना चाहिए। उम्मीदवारों को मॉक टेस्ट के दौरान अपनी गलतियों को समझना और उनमें तेजी से सुधार लाने की जरूरत है। ऐसे विद्यार्थी जो पुनः इस परीक्षा में बैठने जा रहे हैं, वे जेईई मेन के वर्तमान पैटर्न पर आधारित मॉक टेस्ट में विषयवार क्रैश कोर्स को ज्वॉइन कर सकते हैं।
फेज-3: बोर्ड और प्रवेश परीक्षा दोनों की जरूरतों के आधार पर विषयवार खानपान का उपयोग किया जाना चाहिए। जेईई के वर्तमान पैटर्न के अनुसार विश्वसनीय स्रोतों से कॉन्प्सेप्ट वाइस/चैप्टर वाइस एक व्यवस्थित संशोधन योजना तैयार करें।
सिर्फ एनसीईआरटी का अध्ययन पर्याप्त नहीं
जेईई (मेन) और जेईई (एडवांस्ड) में से प्रत्येक के लिए तैयारी करते समय पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए और इस बात का ध्यान दें कि सिर्फ एनसीईआरटी पुस्तकों को सुलझाने से सफलता हाथ लगेगी यह जरूरी नहीं। लेकिन प्रवेश परीक्षा में पूछे गए वैचारिक समस्याओं को हल करने के लिए यह पर्याप्त हो सकती है।
प्रत्येक प्रवेश परीक्षा, एक विशेष लक्ष्य के साथ तैयार की जाती है और इनका सिलेबस समान दिख सकता है। लेकिन इन सवालों के पैटर्न और स्तर किसी भी तरह की परीक्षा से भिन्न होते हैं। एनसीईआरटी पुस्तकों में प्रश्न बोर्ड परीक्षा से संबंधित होते हैं। प्रवेश परीक्षा में अवधारणाओं के बीच में सम्मिलित होने वाले प्रश्नों के साथ वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं और आम तौर पर इनका स्तर कठिन होता है। जेईई परीक्षा के लिए आप जितने प्रमाणिक स्रोतों से अभ्यास कर सकते हैं आपकी अवधारणा उतनी ही मजबूत होती चली जाएगी।
जेईई मेन व एडवांस में अंतर
जेईई मेन के लिए, बहुत से विद्यार्थी यह विचार करते हैं कि जेईई एडवांस के लिए की गई तैयारी जेईई मेन के लिए भी पर्याप्त होगी, लेकिन यह सत्य नहीं है। जेईई मेन के लिए तैयारी करते समय, उन्हें सीबीएसई पाठ्यक्रम से भी अतिरिक्त विषयों को कवर करना होगा। इसके अलावा, जेईई मेन अपनी गति और सटीकता के लिए उम्मीदवारों का परीक्षण करता है। परीक्षा का जवाब देने के ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके के लिए उचित प्रशिक्षण महत्वपूर्ण साबित होगा।
इन विषयों पर दें ज्यादा ध्यान
सामान्तयः जेईई परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों में कक्षा XI और XII के पाठ्यक्रम से समान रूप से विषय शामिल होते हैं। निम्नलिखित विषयों में से कुछ ऐसे विषय हैं, जिन पर विशेष बल दिया जा सकता है...
मैथेमैटिकः उम्मीदवारों को कुछ टॉपिक्स जैसे- क्वाड्रेटिक इक्वेशन एंड एक्सप्रेशंस, कॉम्प्लेक्स नंबर्स, प्रोबेबिलिटी, वेक्टर्स, सर्किल, पैराबोला, हाइपरबोला इन को-ऑर्डिनेट जिओमेट्री, फक्शंस, लिमिट्स, कॉन्टिन्यटी एंड डिफ्रेंशिएबिलिटी इत्यादि।
फिजिक्सः क्वालिटी प्रॉबलम्स का अभ्यास करना इस विषय में सफलता की कुंजी बन सकती है। यदि आपका कॉन्सेप्ट स्पस्ट है तो यह विषय नंबर प्राप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। आपको काइनेमैटिक्स, ग्रेविटेशन, फ्लड्स, हीट एंड थर्मोडायनामिक्स, वेव्स एंड साउंड, कैपेसिटर्स एंड इलेक्ट्रोस्टेटिक्स, मैगनेटिक्स, इलेक्ट्रोमैगनेटिक इडंक्शन आदि।
केमिस्ट्रीः अकार्बनिक रसायन विज्ञान को पढ़ने के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकों का अध्ययन करें, जबकि कार्बनिक रसायन विज्ञान के लिए सबसे पहले अपनी बुनियादी अवधारणाओं का निर्माण करें और फिर ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करें। भौतिक भाग के लिए, कई संख्यात्मक समस्याओं का अभ्यास करें। इन टॉपिक्स को भी पढ़ें- कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री एंड केमिकल बॉन्डिंग इन इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, मोल कॉप्सेप्ट इन फिजिकल केमिस्ट्री एंड ऑर्गेनिक केमिस्ट्री। छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में चयनात्मक अध्ययन से बचने की सलाह दी जाती है।
शेष दिनों में प्लानिंग कैसी होनी चाहिए
तैयारी के दौरान आपको आने वाली समस्याओं को पहचानना व उन्हें दूर करने के उपाय निकालने होंगे, कॉन्सेप्ट को समझना होगा और अपनी कमियों को जल्द से सुधारना होगा।
यदि आप एक गंभीर उम्मीदवार हैं और कुछ समय से तैयारी कर रहे हैं और जेईई पाठ्यक्रम के अधिकांश हिस्से को कवर कर चुके हैं, तो निम्नलिखित टिप्स आपकी मदद करेंगे।
समय प्रबंधन के साथ जेईई मेन स्तर की समस्याओं को तेज गति से हल करें।
मॉक टेस्ट सीरीज का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करें।
सैंपल पेपर न सिर्फ हमें नए आइडिया देते हैं, बल्कि समय प्रबंधन के साथ सुधार करने में मदद भी करते हैं।
यदि आप जेईई मेन के ऑनलाइन मोड का चयन कर रहे हैं तो www.mypat.in जैसे प्रतिष्ठित स्रोतों से कुछ मॉक टेस्ट लेना कारगर साबित हो सकता है।
कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान दें और उन्हें जल्द दूर करें।
जेईई स्तर के प्रश्नों का अभ्यास आवश्यक है क्योंकि यह आपकी तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता में सुधार लाता है।
प्लानिंग ही सफलता की कुंजी है। याद रखिए, टॉपर्स अपने कमजोर क्षेत्रों से सीखते हैं और सभी संभव तरीकों से सुधार के लिए समय पर अच्छी तरह अभ्यास करते हैं।
टॉपर्स स्वयं पर विश्वास रखते हैं। इस प्रकार वे धीरे-धीरे अपने आत्मविश्वास का स्तर बढ़ाते हैं और किसी भी मुश्किल प्रश्न को हल करने के लिए तैयार होते हैं। वे पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करते हैं और अपनी अवधारणाओं को स्पष्ट रखते हैं। इसके अलावा दिए गए सुझावों पर अमल करते हुए आत्मविश्वास हासिल करें, सकारात्मक बनें निश्चय ही आप जेईई (मेन) 2018 में शानदार प्रदर्शन करेंगे।
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