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केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बनेंगी आधुनिक शोध प्रयोगशालाएं
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 06 May 2017 11:02 AM IST
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प्रकाश जावड़ेकर
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि सतत खुशहाली केवल नवाचार से ही आ सकती है। देश के प्रतिभाशाली युवा नवाचार को बढ़ावा दे सकें, इसके लिए सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सबसे अच्छी शोध प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने ये बातें शुक्रवार को नेहरू मेमोरियल लाइब्रेरी और रेस्पेक्ट इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से ‘सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा’ विषय पर तीन मूर्ति ऑडिटोरियम में आयोजित कवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति व्याख्यान में कही।
जावडे़कर ने कहा कि विकास के लिए उच्च शिक्षा में अनुसंधान आवश्यक है। प्रतिभा पलायन की समस्या रोकने के लिए अनुसंधानों और नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना जरूरी है। भारत और चीन ने अभियांत्रिकी के कारण पिछले 30 वर्षों में प्रगति हासिल की है और कम पारिश्रमिक के कारण ये दोनों देश मूल्य प्रतिस्पर्धी भी बन गए हैं।
उन्होंने बताया कि शोध को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आधुनिक शोध प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। आईआईटी अब विदेशों में रहे भारतीय छात्रों का साक्षात्कार ले सकेंगे, जिससे वे अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति कर सकें। इससे भारत को अच्छे शिक्षक, विद्यार्थी और प्रयोगशालाएं प्राप्त होंगी। विद्यालयों से ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार भी सरकार की प्राथमिकता है। इस मौके पर एनसीपी से राज्यसभा सदस्य डीपी त्रिपाठी ने दिनकर को याद करते हुए कहा कि वे एक कालजयी कवि ही नहीं, आजादी के बाद सभ्यता और संस्कृतिमूलक विमर्श के प्रस्तावक रहे हैं।
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जावडे़कर ने कहा कि विकास के लिए उच्च शिक्षा में अनुसंधान आवश्यक है। प्रतिभा पलायन की समस्या रोकने के लिए अनुसंधानों और नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना जरूरी है। भारत और चीन ने अभियांत्रिकी के कारण पिछले 30 वर्षों में प्रगति हासिल की है और कम पारिश्रमिक के कारण ये दोनों देश मूल्य प्रतिस्पर्धी भी बन गए हैं।
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उन्होंने बताया कि शोध को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आधुनिक शोध प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। आईआईटी अब विदेशों में रहे भारतीय छात्रों का साक्षात्कार ले सकेंगे, जिससे वे अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति कर सकें। इससे भारत को अच्छे शिक्षक, विद्यार्थी और प्रयोगशालाएं प्राप्त होंगी। विद्यालयों से ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार भी सरकार की प्राथमिकता है। इस मौके पर एनसीपी से राज्यसभा सदस्य डीपी त्रिपाठी ने दिनकर को याद करते हुए कहा कि वे एक कालजयी कवि ही नहीं, आजादी के बाद सभ्यता और संस्कृतिमूलक विमर्श के प्रस्तावक रहे हैं।
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