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CBSE ने दिया निर्देश, स्कूल स्टाफ का कराया जाए साइकोमेट्रिक टेस्ट
amarujala.com- Presented by: अपूर्वा राय
Updated Thu, 14 Sep 2017 09:45 AM IST
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गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई एक बच्चे की हत्या के 6 दिन बाद CBSE ने इस पर चुप्पी तोड़ी है। CBSE ने कहा है कि स्कूल परिसर में मौजूद बच्चों की सुरक्षा का दायित्व स्कूल प्रशासन का ही है। यह बच्चों का मौलिक अधिकार है कि वह एक ऐसे माहौल में पढ़ें जो डर से फ्री हो, फिर चाहे यह फिजिकल हो, मेंटल हो या इमोशनल। CBSE ने स्कूलों को चेतावनी देते हुए कहा है कि दिशा-निर्देशों के पालन में कोताही बरतने पर स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है।
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स्कूल परिसर का सुरक्षा ऑडिट कराएं
बोर्ड ने अपने संबंधित स्कूलों में 'बच्चों की सुरक्षा' को लेकर एक सर्कुलर भेजा था जिसमें सभी कर्मचारियों के मनोचिकित्सा मूल्यांकन को पूरा करने के लिए दो महीने दिए गए थे। इसमें शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, बस चालक और कंडक्टर शामिल थे। CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वह स्थानीय पुलिस से तत्काल अपने स्कूल परिसर का सुरक्षा ऑडिट कराएं और सुरक्षा संबंधी सुझावों पर शीघ्रता से अमल करें।
स्टाफ का हो पुलिस वेरिफिकेशन
इसके अलावा स्कूल में काम करने वाले सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए भी कहा गया है। पुलिस के साथ-साथ साइकोमेट्रिक इवैल्युएशन भी कराना है। खासकर नॉन टीचिंग स्टाफ, जिसमें बस ड्राइवर, कंडक्टर, चपरासी अन्य सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। उनका साइकोमेट्रिक टेस्ट हर हाल में कराने का निर्देश दिया गया हैं।
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