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एक्टिंग की ABCD, बॉलीवुड में बनाओ कैरियर
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Oct 2014 11:40 AM IST
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शाहरुख और सलमान खान जितना एक साल में कमा लेते हैं, उतना लोग जीवन में भी नहीं कमा पाते होंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत में बॉलीवुड में तरक्की की जबरदस्त संभावनाएं हैं। अगर आपको भी एक्टिंग पसंद है तो बॉलीवुड या टीवी में काम करके अपना कैरियर बना सकते हैं। शिखर पर पहुंचने के लिए जबरदस्त मेहनत के बल पर आप इस इंडस्ट्री में नाम और पैसा कमा सकते हैं। आज अभिनय के क्षेत्र में पैसा, ग्लैमर, और प्रसिद्धि सब कुछ है। आज फिल्म और टीवी इंडस्ट्री भारत की सबसे तेजी ग्रोथ करने वाली इंडस्ट्री है।
आपमें क्या होना चाहिए
अगर आपको एक्टर बनना है तो आपमें एक्टिंग का गुण होना चाहिए। कुछ लोग स्कूल लेवल से ही ड्रामे और नाटक इत्यादि में भाग लेते रहते हैं और वो स्टेज पर घबराते नहीं। ऐसे लोगों को एक्सपोजर के समय कोई दिक्कत नहीं होती। अच्छी शक्ल सूरत होना जरूरी नहीं लेकिन चेहरे पर भाव आने चाहिए। हालांकि नए जमाने में फिल्मों में औसत चेहरे वाले कलाकारों को भी अच्छी खासी वाहवाही मिली है और उसका कारण उनकी अभिनय प्रतिभा है।
एक्टिंग के लिए यूं तो हर शहर में डिप्लोमा, डिग्री कोर्स होते हैं लेकिन एक्टिंग के क्षेत्र का सबसे बड़ा इंस्टिट्यूट है नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा। कई बड़े कलाकार यहां से निकले हैं और रजत पटल पर छा गए हैं। हालांकि इस इंस्टिट्यूट में सीटें कम होने के कारण काफी मुश्किल एडमिशन प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। लेकिन यदि आपने मेहनत और लगन है तो आप यहां दाखिला पा सकेंगे।
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अगर इस संस्थान में प्रवेश न हो पाए तो भी मायूस न हों। कई निजी एक्टिंग संस्थान भी कई तरह के एक्टिंग का कोर्स करवाते हैं। पीजी डिप्लोमा इन एक्टिंग का दो साल का कोर्स, डिप्लोमा इन एक्टिंग तीन साल का कोर्स, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सिनेमा का तीन साल का कोर्स और एक्टिंग फास्ट ट्रेक छह महीने का कोर्स करके इस फील्ड में उतरा जा सकता है।
एक्टिंग के कोर्स के लिए इन बड़े संस्थानों में संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा मुंबई में कई बड़े और वेटरन सितारे निजी एक्टिंग स्कूल के जरिए नए नवेले कलाकारों को अभिनय की एबीसीडी सिखा रहे हैं।
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आपमें क्या होना चाहिए
अगर आपको एक्टर बनना है तो आपमें एक्टिंग का गुण होना चाहिए। कुछ लोग स्कूल लेवल से ही ड्रामे और नाटक इत्यादि में भाग लेते रहते हैं और वो स्टेज पर घबराते नहीं। ऐसे लोगों को एक्सपोजर के समय कोई दिक्कत नहीं होती। अच्छी शक्ल सूरत होना जरूरी नहीं लेकिन चेहरे पर भाव आने चाहिए। हालांकि नए जमाने में फिल्मों में औसत चेहरे वाले कलाकारों को भी अच्छी खासी वाहवाही मिली है और उसका कारण उनकी अभिनय प्रतिभा है।
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एक्टिंग के लिए यूं तो हर शहर में डिप्लोमा, डिग्री कोर्स होते हैं लेकिन एक्टिंग के क्षेत्र का सबसे बड़ा इंस्टिट्यूट है नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा। कई बड़े कलाकार यहां से निकले हैं और रजत पटल पर छा गए हैं। हालांकि इस इंस्टिट्यूट में सीटें कम होने के कारण काफी मुश्किल एडमिशन प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। लेकिन यदि आपने मेहनत और लगन है तो आप यहां दाखिला पा सकेंगे।
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अगर इस संस्थान में प्रवेश न हो पाए तो भी मायूस न हों। कई निजी एक्टिंग संस्थान भी कई तरह के एक्टिंग का कोर्स करवाते हैं। पीजी डिप्लोमा इन एक्टिंग का दो साल का कोर्स, डिप्लोमा इन एक्टिंग तीन साल का कोर्स, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सिनेमा का तीन साल का कोर्स और एक्टिंग फास्ट ट्रेक छह महीने का कोर्स करके इस फील्ड में उतरा जा सकता है।
एक्टिंग के कोर्स के लिए इन बड़े संस्थानों में संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा मुंबई में कई बड़े और वेटरन सितारे निजी एक्टिंग स्कूल के जरिए नए नवेले कलाकारों को अभिनय की एबीसीडी सिखा रहे हैं।
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