इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए अब होगी एक ही प्रवेश परीक्षा
AICTE(ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेकनिकल एजुकेशन) जो कि देशभर के इंजीनियरिंग और दूसरे प्रोफेशनल कोर्सेस के संचालन के पैमाने तय करता है। उन्होंने अपने पुराने नियम में बदलाव करते हुए ये फैसला किया है कि अगले साल से पूरे देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए अब सिर्फ एक ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकरी के मुताबिक मंगलवार को AICTE ने देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए एक पूरा नया पैकेज तैयार किया है ताकि इंजीनियरिंग के गिरते स्तर को ऊपर लाया जा सके।
साथ ही साथ AICTE ने इंजीनियरिंग कॉलेजों को भी ये निर्देश दिया है कि छात्रों के लिए शुरूआती दिनों में इंडक्शन कोर्स जरूर पढ़ाए जाएं और साल दर साल कर्रिकुलम को भी समय के हिसाब से अपडेट करते रहें।
साथ ही ये भी पता चला है कि इस नए पैकेज को लागू करने में 250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
सभी राज्यों को भी मानना होगा अन्यथा उनसे AICTE का अप्रूवल छीन लिया जाएगा
आपको बता दें कि अभी फिलवक्त देशभर में विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए अलग-अलग टेस्ट लिए जाते थे। इससे पहले IIT में दाखिले के लिए अलग, NIT के लिए अलग और इसके अलावे विभिन्न राज्यों के लिए अलग-अलग टेस्ट लिए जाते थे। इससे छात्रों को भी अलग-अलग प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए कई फॉर्म भरने होते थे, जिससे शायद अब निजात मिले।
AICTE के एक अधिकारी के बकौल, "इंजीनियरिंग और साथ ही साथ आर्किटेक्चर के विभिन्न कोर्स में दाखिले के लिए लिया जाने वाला टेस्ट NEET की तरह होगा, जिसमें कि विभिन्न मेडिकल से लेकर डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए इस एक परीक्षा का परिणाम मान्य होता है। NEET के पैटर्न को साल 2016 से ही लागू किया गया है।
IIT और दूसरे अन्य सभी कॉलेजों में दाखिला लेने के बीच का अंतर ये होगा कि जिन बच्चों को सिर्फ और सिर्फ IIT में दाखिला लेना है उन्हें अलग से एक एडवांस परीक्षा को भी पास करना होगा।
AICTE एक्ट के तहत नियमावली जारी कर दी गई है जिसे सभी राज्यों को भी मानना होगा अन्यथा उनके राज्य के कॉलेजों से AICTE का अप्रूवल छीन लिया जाएगा।
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