डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में हिन्दुस्तान काॅलेज में आयोजित हुआ 17वां इनोवेशन-डे
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31 अक्टूबर, 2017 को शारदा ग्रुप आॅफ इन्सटीट्यूशंस के प्रतिष्ठित संस्थान हिन्दुस्तान काॅलेज आॅफ साइंस एण्ड टेक्नोलाॅजी में भारत रत्न डाॅ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्मदिवस इनोवेशन- डे के रूप में मनाया गया। जिसमें मुख्य अतिथि श्री देवाशीश चक्रवर्ती, निदेशक ए.डी.आर.डी.ई. आगरा रहे, जिन्होने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर तथा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
इस एक दिवसीय इनोवेशन- डे में तकनीकी मॉडल्स एवं सह विज्ञान प्रदर्शनी प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में आगरा से लगभग 25 माध्यमिक स्कूलों से 550 विद्यार्थियों के जरिये लगभग 90 साइंस मॉडल्स और मथुरा के 10 माध्यमिक स्कूलों से 200 बच्चों के जरिये लगभग 40 साइंस मॉडल्स प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल्स पर प्रदर्शित किये गये। साथ ही वरिष्ठ वर्ग में इंजीनियरिंग एवं विज्ञान स्नातकों के स्तर पर विभिन्न काॅलेजों के लगभग 80 चलित एवं अचलित साइंस मॉडल्स वरिष्ठ स्टॉल्स पर प्रदर्शित किये गये।
इसके अलावा सामान्य ज्ञान पर आधारित एक प्रश्नोतरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विजयी घोषित टीमों को रु. 60,000/- से अधिक के नकद पुरस्कार संस्थान द्वारा परिणाम घोषित होने के उपरान्त वितरित किये गए।
कार्यक्रम के संयुक्त समन्वयक कम्प्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष मुनीश खन्ना और इनफोरमेशन टेक्नोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष शंकर ठाकर ने बताया कि कनिष्ठ वर्ग में प्रदर्शित माॅडलों को संस्थान के तीन वरिष्ठ प्रोफेसरों की टीम ने जांचा-परखा व विज्ञान एवं तकनीकी पर आधारित माॅडल्स की प्रदर्शनी को शारदा ग्रुप के बाहर से बुलाये गये प्रोफेसर एवं वैज्ञानिकों की टीम के पैनल्स ने जांचा-परखा।
इस प्रदर्शनी में दयालबाग ऐजुकेशनल इंस्टीटयूट के मैकेनिकल चतुर्थ वर्ष के छात्रों द्वारा लगाया गया ‘थ्री-डी प्रिंटर’ माॅडल दर्शकों द्वारा सराहनीय रहा जो आज अनेक शिक्षा व व्यवसायिक क्षेत्रों में अनिवार्य प्रतीत होता है और भविष्य में अनेक समस्याओं का समाधान करने वाला है। इसके अलावा हिन्दुस्तान काॅलेज के सिविल इंजी. विभाग के चतुर्थ वर्ष के छात्र / छात्रओं द्वारा ‘नवोन्मेषित दृढ़ कुलावा’ माॅडल जो कि भारतीय किसानों की पानी की समस्या को दूर करने के लिए नहरों से जल सतह के कम या अधिक होने के बावजूद निश्चित बहाव के लिए बनाया गया एक दर्शनिय माॅडल रहा जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा।
वहीं सिविल इंजी विभाग के ही चतुर्थ वर्ष के छात्र/छात्राओं द्वारा बनाये गये अन्य माॅडल ‘बेस आॅयसोलेशन’ पर आधारित भूकंप विरोधी भवन को भी प्रशंसा मिली।
संस्थान के निदेशक डाॅ. राजीव कुमार उपाध्याय ने इस इनोवेशन-डे की सफलता के लिए सभी विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं विद्यार्थियों को शुभकामनायें देते हुये बधाई संदेश दिया और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनायें भी दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देवाशीश चक्रवर्ती ने अपने उद्घाटन सम्बोधन में प्रतिभागी छात्र/छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए भारत रत्न डाॅ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के भाव के जरिये निरन्तर अविष्कार करते रहने के लिए प्रेरित किया और कहा कि हमें बड़े स्वप्न देखने चाहिए पर उन्हें सच साबित करने के लिए नींद से जागना भी पड़ेगा अगर आप उड़ने की तमन्ना नहीं रखते तो आप कदापि नहीं उड़ सकते, अतः अपनी मातृभूमि के लिए अगाध प्रेमावेश की आवश्यकता है।
आज भारतीय तकनीक शिखर पर हैं और प्रक्रमक (प्रोसेसर) युवा टेक्नोक्रेट के मस्तिष्क में है और टीम भावना के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा और अपने देस का नाम दुनिया में ऊंचा करके गर्व के साथ विदेशियों के पैकेज लालच को दरकिनार कर मातृभूमि की सेवा के एक अनोखे सुख का अनुभव करना होगा, खासतौर से आलस्य त्यागकर।
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