WBJEE 2025: दोबारा जारी होगी पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट सूची, हाईकोर्ट ने दिया 15 दिन का समय
Calcutta High Court: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड को 2025 की परीक्षा के लिए नई मेरिट लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मेरिट लिस्ट ओबीसी आरक्षण के नियमों का उल्लंघन करती है।
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Calcutta High Court On WBJEE 2025: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड (WBJEEB) को निर्देश दिया है कि वह 2025 की परीक्षा के लिए नई मेरिट लिस्ट जारी करे। कोर्ट ने कहा कि पहले से प्रकाशित मेरिट लिस्ट ओबीसी आरक्षण से जुड़े उसके पुराने आदेश के अनुसार नहीं है।
इन वर्गों को मिलेगा 7% का आरक्षण
न्यायमूर्ति कौशिक चंदा ने कहा कि नई मेरिट लिस्ट में उन 66 ओबीसी वर्गों को 7 प्रतिशत आरक्षण देना होगा, जिन्हें वर्ष 2010 से पहले पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग विभाग ने मान्यता दी थी। कोर्ट ने यह पूरा काम आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अगली सुनवाई की तारीख (तीन हफ्ते बाद) पर बोर्ड के रजिस्ट्रार और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को अनुपालन हलफनामा दाखिल करना होगा।
न्यायमूर्ति चंदा ने कहा कि 21 मई 2025 को हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया था, उसके उल्लंघन में यह मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला स्वतः संज्ञान में लिया गया था, जब कुछ परीक्षार्थियों ने उन्हें ईमेल के जरिए शिकायतें भेजीं।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि WBJEE बोर्ड ने 2025 की परीक्षा के लिए नई आरक्षण नीति के आधार पर मेरिट लिस्ट गुरुवार को प्रकाशित करने की योजना बनाई थी। यह नई नीति 10 जून 2025 से लागू हुई थी, लेकिन हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 17 जून को इस पर रोक लगा दी थी।
बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को एक अंतरिम आदेश जारी कर इस नई नीति को 11 अगस्त तक अस्थायी रूप से लागू करने की अनुमति दी थी।
न्यायमूर्ति चंदा ने पूछे तीखे सवाल
न्यायमूर्ति चंदा ने यह भी कहा कि WBJEE 2025 की सूचना पुस्तिका 24 दिसंबर 2024 को जारी की गई थी, आवेदन की आखिरी तारीख 23 फरवरी 2025 थी और परीक्षा 27 अप्रैल 2025 को आयोजित हुई थी।
कोर्ट ने कहा, "ऐसे में यह समझ से परे है कि 10 जून 2025 से लागू हुई नई आरक्षण नीति का इस परीक्षा पर कोई प्रभाव कैसे पड़ सकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "मान लेते हैं कि यह नीति भविष्य में मान्य हो जाती है, तब भी इसे केवल आगे के लिए लागू किया जा सकता है। इसलिए 2025 की मेरिट लिस्ट में इस नीति को लागू करना पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य है।"
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