BSEB: किसी की मां को कैंसर तो कोई है दर्जी का बेटा; प्रेरणादायक हैं बिहार बोर्ड टॉपर्स के संघर्ष के किस्से
Bihar Board 10th Topper: गुदड़ी के लाल... बिहार के होनहारों के लिए कही जाने वाली इस कवाहत को एक बार फिर से बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों ने साकार किया है। बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजे आज 29 मार्च को जारी हुए। साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी और रंजन वर्मा पूरे राज्य में अव्वल आए हैं। इसके अलावा, टॉपर लिस्ट में शामिल अन्य छात्रों के संघष की कहानी वाकई प्रेरणादायक है। इन होनहार छात्रों में किसी की मां बीमार हैं तो किसी की माता को कैंसर है। किसी के पिता मजदूर हैं, तो किसी के पेंटर और टेलर। 10वीं के इन मेधावियों की कहानियां उनके लिए मिसाल हैं, जो अक्सर अपनी असफलता का जिम्मा किसी परिस्थिति के सर मढ़ देते हैं। आइए पढ़ते हैं बिहार बोर्ड 10वीं के मेधावियों की प्रेरणादायक कहानी।
बिहार बोर्ड 10वीं के छात्र यहां क्लिक करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं।
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विस्तार
Bihar Board 10th Topper 2025: बिहार बोर्ड ने 10वीं की वार्षिक परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। मैट्रिक परीक्षा में कुल 15,58,077 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 12,79,294 छात्रों ने परीक्षा पास की है। टॉप-10 की सूची में कुल 123 विद्यार्थियो ने जगह बनाई। इनमें 60 लड़के और 63 लड़कियां है। बिहार बोर्ड 10वीं के टॉपर्स के संघर्ष की कहानियां वाकई हर किसी को प्रेरणा देने वाली है। हमने यहां ऐसी ही कुछ कहानियों को संजोया है।
Bihar Board 10th Topper Sakshi Kumari Story: आर्थिक परेशानियों के बीच साक्षी कुमारी ने रोशन किया नाम
समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव की रहने वाली साक्षी ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में 489 अंक लाकर टॉप किया है। साक्षी के पिता रामनरेश शर्मा कारपेंटर का काम करते हैं और संगीता कुमारी गृहणी है। आर्थिक परेशानियों के बीच साक्षी ने पढ़ाई पूरी की। साक्षी ने शिक्षकों के मार्गदर्शन, कोचिंग और रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई के दम पर यह मुकाम हासिल किया। साक्षी सोशल मीडिया से दूर रहती हैं। फेसबुक, ट्विटर पर उनका कोई अकाउंट नहीं है। हालांकि, यूट्यूब से पढ़ाई में जरुर मदद ली।
IAS बनना चाहती हैं साक्षी
अपनी सफलता के बाद साक्षी ने बताया कि वह आगे चलकर IAS बनना चाहती हैं। उनका सपना है कि वह समाज में बदलाव लाएं और अपने जिले तथा राज्य का नाम रोशन करें।
Bihar Board 10th Topper Anshu Kumari Story: किसान की बेटी बनी स्टेट टॉपर
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से 35 किलोमीटर दूर गहरी गांव की रहने वाली अंशु कुमारी ने भी मैट्रिक परीक्षा में 489 अंक लाकर प्रदेश में टॉप किया है। अंशु कुमार एक किसान की बेटी हैं। उनकी मां गृहिणी हैं, जो कैंसर से पीड़ित हैं। परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं। पिता भूपेंद्र साह एक किसान हैं।
टॉपर छात्रा अंशु कुमारी ने बताया कि उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली। उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से घर पर रहकर पढ़ाई की। अंशु की सफलता में उनकी बड़ी बहन पूजा कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उसकी बहन पूजा कुमारी एक प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका है जो उन्हें पढ़ने में मदद करते थी।
नेट की तैयारी करेंगी अंशु कुमारी
अंशु की सफलता ने साबित कर दिया है कि आर्थिक स्थिति कभी प्रतिभा को नहीं रोक सकती। उनकी मां लगातार बीमार रहने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई के लिए संघर्ष करती रहीं। आज उनकी मेहनत रंग लाई है। वे आगे चलकर नेट की तैयारी कर डॉक्टर बनना चाहती है।
Bihar Board 10th Topper Ranjan Verma Story: पिता के देहांत के बाद चाचा ने पढ़ाया, टॉपर बन दिया रिटर्न गिफ्ट
बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा में जहां पूरे सूबे में दो लड़कियां अव्वल आई हैं, वहीं इस लिस्ट में एक लड़के का भी नाम शामिल है। भोजपुर जिले के अगिआंव बाजार हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्र रंजन वर्मा ने 489 अंक लाकर रैंक-1 हासिल की है। रंजन के पिता स्वर्गीय शिवकुमार सिंह पेशे से किसान थे, जबकि माता शिला देवी गृहिणी हैं। रंजन वर्मा के पिता का निधन करीब डेढ़ साल पहले ब्रेन हेमरेज से हुआ था। रंजन वर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, परिवार और गुरुजनों को दिया। रंजन वर्मा का सपना आइएएस बनना है और उनका कहना है कि वो इस सफलता को भी जरूर हासिल कर लेंगे।
Bihar Board 10th Topper Juhi Kumari Story: सीमित संसाधनों में भी अव्वल आईं जूही
गया जिले की जूही कुमारी ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया है। डोभी प्रखंड के अमारुत गांव की जूही ने 96.2% अंक प्राप्त कर अपने परिवार, स्कूल और गांव का नाम रोशन किया है। जूही के पिता अरविंद प्रजापति मजदूरी का काम करते हैं और मां गृहिणी हैं।
सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद जूही ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया। परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी, लेकिन माता-पिता ने कभी भी उसे पढ़ाई से दूर नहीं किया। अपनी सफलता पर जूही ने कहा कि मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया और कठिनाइयों के बावजूद मुझे पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। मेरी यह सफलता उन्हीं के संघर्ष और समर्थन का नतीजा है।
अब IAS बनने का सपना
जूही ने बताया कि अब मेरा सपना IAS बनकर देश की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि आगे की पढ़ाई पूरी मेहनत और लगन से जारी रखेंगी और अपने माता-पिता का सपना पूरा करेंगी।
Bihar Board 10th Topper Aditya Story: आदित्य ने हासिल किया चौथा स्थान
मोतिहारी के सुदूर देहाती क्षेत्र में स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय जिहुली के छात्र आदित्य कुमार ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2025 में चौथा स्थान प्राप्त किया। आदित्य ने गांव में रहकर ही अपनी पूरी पढ़ाई की। उनके पिता धर्मेंद्र कुमार सुगौली उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक हैं और माता भारती कुमारी गोनाही मध्य विद्यालय में शिक्षिका हैं।
डॉक्टर बनने का है सपना
आदित्य का सपना डॉक्टर बनने का है, और वे इसके लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा, "हमें डॉक्टर बनना है और इसके लिए पूरी मेहनत करेंगे।"
Bihar Board 10th Topper Vishal Kumar Story: टेलर मास्टर के बेटे ने किया कमाल
सीतामढ़ी के सुरसंड नगर पंचायत में एक टेलर मास्टर के बेटे ने मेहनत और लगन से सफलता की नई कहानी लिखी है। मुकेश रावत के पुत्र विशाल कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में 483 अंक प्राप्त कर जिले में पहला और बिहार में 7वां स्थान हासिल किया है। उन्होंने गांव के प्राथमिक विद्यालय से अपनी शिक्षा शुरू की। वर्तमान में वह सरयू हाई स्कूल सुरसंड में पढ़ाई कर रहे हैं। विशाल रोजाना 8 से 10 घंटे की सेल्फ स्टडी और एक घंटे की कोचिंग से इस मुकाम तक पहुंचे हैं। स्थानीय शिक्षक राकेश सर के मार्गदर्शन में उन्होंने यह सफलता हासिल की।
डॉक्टर बनने का है सपना
विशाल के पिता दर्जी का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वे अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं। विशाल अपने पिता के सपनों को साकार करने के लिए डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
Bihar Board 10th Topper Priyanshu Story: प्रियांशु ने सेल्फ स्टडी को बनाया सफलता की सीढ़ी
मुंगेर के असरगंज प्रखंड के मकवा गांव के शिक्षक राजीव कुमार और शिक्षिका रीता कुमारी के बेटे प्रियांशु ने 97.60 प्रतिशत कुल 488 अंक लाकर टॉप टू में अपनी जगह बनाई। प्रियांशु ने बताया कि वह सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन क्लास किया करते थे। उन्होंने रामानंद एवं परसीराम उच्च विद्यालय जलालाबाद से दसवीं की परीक्षा दी और दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्रियांशु का सपना है कि वे आईएएस बनकर देश की सेवा करें।
Bihar Board 10th Topper Priya Kumari Story: गैरेज मैकेनिक की बेटी ने नाम किया रोशन
वैशाली जिले की प्रिया कुमारी ने 96.8% अंक हासिल कर राज्य के टॉप-10 में अपनी जगह बनाई है। हाजीपुर प्रखंड के बलवा कुआरी गांव के रहने वाले कार मैकेनिक आमोद कुमार साह की बेटी प्रिया ने यह सफलता अपने कठिन परिश्रम और माता-पिता के सहयोग से हासिल की है। उनकी मां गृहिणी हैं। प्रिया हाजीपुर के दिग्गी स्थित हाई स्कूल की छात्रा हैं। प्रिया ने बताया कि उसे पहले से ही भरोसा था कि वह रैंक हासिल करेगी, क्योंकि उसने पूरे समर्पण के साथ पढ़ाई की थी।
आईपीएस बनना चाहती हैं प्रिया
प्रिया ने आगे की पढ़ाई के बारे में बात करते हुए कहा कि वह आईपीएस बनना चाहती हैं और इसके लिए तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई भारतीय नेवी में हैं और उनकी बड़ी बहनों ने भी अच्छी पढ़ाई की है, जिससे उन्हें हमेशा प्रेरणा मिली।
Bihar Board 10th Topper Priya Kumari Story: पेंटर की बेटी ने किया कमाल
मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड के छाजन गांव के रहने वाले पेंटर प्रमोद सिंह की बेटी प्रिया कुमारी ने टॉप-10 स्टूडेंट्स में अपनी जगह बनाई है। प्रिया कुमारी ने 481 अकों के साथ रैंक-9 हासिल की है। टॉपर प्रिया ने बताया कि उन्हें अच्छे परिणाम आने की पहले से ही उम्मीद थी, क्योंकि उन्होंने कड़ी मेहनत और मन से पढ़ाई की थी।
प्रिया ने बताया कि वह रोज स्कूल जाती थीं और स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था उसको घर पर आकर के अच्छे से रिवाइज करती थीं। प्रिया आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।
10 घंटे पढ़ाई कर हासिल किया ये मुकाम
बिहार शरीफ के नेशनल प्लस 2 स्कूल शेखाना की छात्रा ईशाना प्रवीण ने राज्य में सातवां स्थान प्राप्त किया। मोहम्मद औरंगज़ेब की पुत्री ईशाना प्रवीण ने मैट्रिक परीक्षा में 483 अंक हासिल किए हैं। इशाना ने बताया कि वह रेगुलर पढ़ाई कर रही थीं। सोशल मीडिया का उपयोग सिर्फ उन्होंने पढ़ाई के लिए किया। स्कूल के अलावा उन्होंने ट्यूशन लेकर भी तैयारी की। पिता सऊदी अरब में मैकेनिक का काम करते हैं। लगातार 10 घंटे तक एग्जाम के समय में उसने पढ़ाई की और यह मुकाम हासिल किया है।
इशाना परवीन ने बताया कि वह आगे चलकर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनका पसंदीदा विषय गणित है। जब ईशाना का रिजल्ट आया तो पूरा स्कूल परिवार खुशी से झूम उठा और बधाई देने के लिए ईशान के घर पहुंचे।
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