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डीयू की दाखिला प्रक्रिया का बहिष्कार करेगा डूटा, जानें पूरा मामला
Mon, 15 Jul 2019 10:27 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Mon, 15 Jul 2019 10:27 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर गुस्से में हैं। ईडब्ल्यूएस कोटे के चलते पहले से काम कर रहे शिक्षकों को हटाए जाने व अन्य मामले को लेकर शिक्षक सोमवार को दाखिला प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे। इसके बाद कुलपति कार्यालय के समक्ष विद्वत परिषद की बैठक के दौरान धरना देंगे। अन्य कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों से भी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (डूटा) के अध्यक्ष डॉ राजीब रे व संयुक्त सचिव आलोक रंजन पांडेय ने मांग की है कि जब तक शिक्षकों को नए पद आवंटित नहीं हो जाते, तब तक ईडब्ल्यूएस को शैक्षणिक पदों में लागू नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस के नाम पर वर्षों से काम करे रहे जनरल कोटे के तदर्थ शिक्षकों को बाहर करने की तैयारी है। दूसरी मांग है कि तदर्थ शिक्षकों के अनुभवों को प्रमोशन में शामिल किया जाए, जो नहीं किया जा रहा है। तीसरी मांग यह है कि 2 जुलाई को कॉलेज खुलने पर सभी तदर्थ शिक्षकों की पुन: नियुक्ति की जाए।
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उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि जब तक शिक्षक एकजुट होकर अधिक से अधिक संख्या में डीयू प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं करेंगे, तब तक वीसी और उनकी टीम उनकी मांगें नहीं सुनेंगे। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई को एसी की मीटिंग होनी है, जिसमें डूटा के चुने हुए एसी के प्रतिनिधि बैठक में अनुचित नीतियों का विरोध करेंगे तो डीयू के शिक्षक बैठक के बाहर प्रशासन की नीतियों का विरोध करेंगे।
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