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Hindi News ›   Education ›   Bill to create single higher education regulator to be introduced in Parliament's winter session

Education: संसद में पेश होगा देश का नया उच्च शिक्षा नियामक विधेयक, शीतकालीन सत्र में एक दिसंबर से होगी चर्चा

Sat, 22 Nov 2025 05:55 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 22 Nov 2025 05:55 PM IST
सार

Higher Education Reform: संसद में जल्द पेश किया जाएगा नया उच्च शिक्षा नियामक विधेयक, जो यूजीसी की जगह काम करेगा। शीतकालीन सत्र में 1 दिसंबर से इसकी चर्चा शुरू होगी।

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Bill to create single higher education regulator to be introduced in Parliament's winter session
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

Parliamentary Winter Session: सरकार जल्द ही एक नया कानून लाने वाली है, जिसके जरिए एक नया उच्च शिक्षा नियामक बनाया जाएगा। यह नया नियामक यूजीसी (UGC) जैसी संस्थाओं की जगह काम करेगा। यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा, जो 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। लोकसभा की जानकारी के अनुसार, इस विधेयक का नाम "भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक" रखा गया है।

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एकल नियामक के रूप में HECI की भूमिका

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) का स्थान लेगा।

यूजीसी गैर-तकनीकी उच्च शिक्षा की देखरेख करता है, एआईसीटीई तकनीकी शिक्षा की देखरेख करता है, तथा एनसीटीई शिक्षक शिक्षा के लिए नियामक निकाय है।

उच्च शिक्षा आयोग (HECI) को एकल उच्च शिक्षा नियामक के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव है, लेकिन मेडिकल और लॉ कॉलेजों को इसके दायरे में नहीं लाया जाएगा। इसकी तीन प्रमुख भूमिकाएँ प्रस्तावित हैं - विनियमन, मान्यता और व्यावसायिक मानक निर्धारित करना।

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HECI के वित्तपोषण और पिछले मसौदे की चर्चा

चौथे चरण के रूप में देखे जाने वाले वित्तपोषण को एचईसीआई के अधीन करने का प्रस्ताव नहीं है। वित्तपोषण की स्वायत्तता प्रशासनिक मंत्रालय के पास रहेगी।

एचईसीआई की अवधारणा पर पहले भी मसौदा विधेयक के रूप में चर्चा की जा चुकी है।

भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम का निरसन) विधेयक, 2018 का मसौदा, जिसमें यूजीसी अधिनियम को निरस्त करने और भारतीय उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना का प्रावधान किया गया था, को हितधारकों के साथ फीडबैक और परामर्श के लिए 2018 में सार्वजनिक डोमेन में रखा गया था।

उच्च शिक्षा में नियामक सुधार के लिए नए प्रयास

जुलाई 2021 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में पदभार संभालने वाले धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में एचईसीआई को वास्तविकता बनाने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू किए गए।

एकल उच्च शिक्षा नियामक की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए, एनईपी-2020 दस्तावेज में कहा गया है, "उच्च शिक्षा क्षेत्र को फिर से सक्रिय करने और इसे फलने-फूलने में सक्षम बनाने के लिए नियामक प्रणाली में पूर्ण बदलाव की आवश्यकता है।"

इसमें कहा गया है कि नई प्रणाली को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विनियमन, मान्यता, वित्त पोषण और शैक्षणिक मानक निर्धारण के विशिष्ट कार्य अलग-अलग, स्वतंत्र और सशक्त निकायों द्वारा किए जाएं।
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