आरोप : समय पर फीस नहीं भरी तो निजी स्कूल ने 34 छात्रों को बनाया बंधक
अभिभावकों के अनुसार, इस दौरान स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों द्वारा बच्चों को खाने, पीने या शौचालय जाने की भी अनुमति नहीं दी गई।
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निजी स्कूलों की मनमानी और अनैतिकता का एक नया मामला सामने आया है। जहां एक निजी स्कूल के शिक्षकों द्वारा कथित तौर पर दर्जनों छात्रों को बंधक बनाते हुए एक कमरे में बंद कर दिया गया। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि छात्रों के परिजनों ने समय पर फीस का भुगतान नहीं किया था। मामला ओडिशा के भुवनेश्वर का है।
बच्चों को पांच घंटे तक कमरे में बंद करके रखा गया
घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को कई बच्चों के अभिभावकों ने घाटिकिया में स्कूल के गेट के सामने धरना दिया और प्रताड़ित करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके माता-पिता ने संवाददाताओं से कहा कि 34 छात्रों को सोमवार को करीब पांच घंटे तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। अभिभावकों के आरोपों के अनुसार, इस दौरान स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों द्वारा बच्चों को खाने, पीने या शौचालय जाने की भी अनुमति नहीं दी गई।
माता-पिता को फोन करने की गुजारिश भी नहीं सुनी
इतना ही नहीं, प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने आरोप लगाया कि शिक्षकों ने बच्चों के अपने माता-पिता को फोन करने की गुजारिश को अनसुना करते हुए खारिज कर दिया। इस बर्ताव की वजह जानना चाहने पर शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि उन्हें बंद कर दिया गया है, क्योंकि उनकी ट्यूशन फीस समय पर जमा नहीं हुई थी।
कई अभिभावक पहले ही कर चुके थे फीस जमा
इसके बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रों को नोटिस थमाया और उस नोटिस को अपने-अपने अभिभावकों को देने को कहा। प्रदर्शन करने पहुंचे माता-पिता और अभिभावकों में से एक ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही ट्यूशन फीस का भुगतान ऑनलाइन कर दिया था, लेकिन यह एक तकनीकी समस्या के कारण स्कूल के रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा था। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर स्कूल के प्रवक्ता ने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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