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Bucket Scam: अधिक कीमत पर बाल्टी खरीदकर कॉलेज को लगाया चूना, रिश्वत लेते प्रोफेसर को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

Thu, 24 Jul 2025 07:53 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 24 Jul 2025 07:53 PM IST
सार

Bucket Scam: अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में असिस्टेंट प्रोफेसर पवन गौड़र को 30 प्लास्टिक बाल्टियों की खरीद में घोटाले और रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार किया। बाल्टियां बाजार मूल्य से दोगुनी कीमत पर खरीदी गई थीं।
 

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Arunachal Professor Arrested by CBI for Taking Bribe in Plastic Bucket Scam Worth ₹75,000, Read here
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

Bucket Scam: क्या आप सोच सकते हैं कि एक प्लास्टिक बाल्टी की कीमत 2,500 रुपये हो सकती है? सुनने में भले ही हैरान कर देने वाली बात लगे, लेकिन अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में वाकई ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां कृषि महाविद्यालय में तैनात एक असिस्टेंट प्रोफेसर को सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

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सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक, असिस्टेंट प्रोफेसर पवन कुमार गौड़र और लोकल वेंडर मैट्रिक्स सॉल्यूशंस के मालिक आनंद कुमार द्विवेदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला 30 प्लास्टिक बाल्टियों की अत्यधिक कीमतों पर खरीद से जुड़ा है। 

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2,500 रुपये में खरीदी गई एक बाल्टी

इन बाल्टियों की आपूर्ति 3 जुलाई को की गई थी और इसके लिए कुल 75,000 रुपये का बिल बनाया गया, यानी एक बाल्टी की कीमत 2,500 रुपये। जबकि बाजार में इन्हीं बाल्टियों की कुल कीमत लगभग 36,000 रुपये आंकी गई है, जो कि प्रति बाल्टी 1,200 रुपये के हिसाब से है।

सीबीआई की एफआईआर में आरोप है कि गौड़र और द्विवेदी ने पहले से तय योजना के तहत एक-दूसरे से सांठगांठ कर कॉलेज को आर्थिक नुकसान पहुंचाया और खुद को लाभ पहुंचाया। रिश्वत के एवज में मनचाहा टेंडर पास कराया गया और भुगतान भी जारी करवाया गया।

जांच एजेंसी को जानकारी मिली कि गौड़र, द्विवेदी से 63,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे, जिसमें 39,000 रुपये बिल में की गई अधिक राशि थी और 24,000 रुपये पिछले लेन-देन के बदले मांगे गए थे। द्विवेदी ने इनमें से 55,000 रुपये देने पर सहमति जताई थी।

मामले की जांच जारी

इतना ही नहीं, सीबीआई को यह भी पता चला कि गौड़र के एक बैंक खाते में द्विवेदी द्वारा 1.95 लाख रुपये जमा कराए गए थे, ताकि अन्य सामग्रियों की खरीद में भी उन्हें प्राथमिकता मिल सके।

रिश्वत की इस संभावित लेन-देन की सूचना पर सीबीआई ने छापेमारी की और इस दौरान प्रोफेसर और वेंडर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की जांच जारी है।

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