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सुप्रीम कोर्ट में गुहार : 26 डॉक्टरों ने लगाई याचिका, आईएनआई सीईटी परीक्षा को स्थगित करने की मांग
Mon, 07 Jun 2021 01:57 PM IST
देवेश शर्मा
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश शर्मा
Updated Mon, 07 Jun 2021 01:57 PM IST
सार
याचिका में कहा गया है कि 16 जून को परीक्षा आयोजित करना, पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा नीट (पीजी) परीक्षा, 2021 को चार महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लेते वक़्त पीजी परीक्षाओं को स्थगित करने के संबंध में दिए गए आश्वासन की घोर अवहेलना है।
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सुप्रीम कोर्ट में डॉक्टरों की याचिका
- फोटो : social media
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विस्तार
26 डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा 16 जून 2021 को आयोजित होने वाली आईएनआई सीईटी परीक्षा, 2021 को स्थगित करने की गुहार लगाई है। यह परीक्षा उच्च अध्ययन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
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अधिवक्ता पल्लवी प्रताप के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि 16 जून को परीक्षा आयोजित करना, पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा नीट (पीजी) परीक्षा, 2021 को चार महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लेते वक्त पीजी परीक्षाओं को स्थगित करने के संबंध में दिए गए आश्वासन की घोर अवहेलना है।
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प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से यह भी कहा गया था कि उक्त परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को कम से कम एक महीने का समय दिया जाएगा। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में केवल 19 दिन की पूर्व सूचना दी गई है। यह पूरी तरह से गलत है और चिकित्साकर्मियों के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसा है।
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याचिकाकर्ता डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना काल में वे फ्रंट लाइन वर्कर्स की तरह काम कर रहे हैं। ऐसे में 19 दिनों की पूर्व नोटिस पर परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता डॉक्टरों का कहना है कि यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
इसके अलावा उनका यह भी कहना है कि परीक्षा केंद्र अलग-अलग राज्यों में हैं या उम्मीदवारों के काम करने की जगह से दूर हैं। कोविड-19 को लेकर पाबंदियों की वजह से परीक्षा के लिए बाहर आने - जाने में परेशानी आ सकती है। लिहाजा,इस परीक्षा को टाला जाना ही उचित होगा।
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