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NEET-UG row: नीट यूजी विवाद के बीच शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचा छात्रों का समूह, जानें क्या बातचीत हुई
Thu, 11 Jul 2024 03:28 PM IST
आकाश कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: आकाश कुमार
Updated Thu, 11 Jul 2024 03:28 PM IST
सार
Dharmednra Pradhan: नीट विवाद के बीच छात्रों का एक समूह आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पहुंचा। छात्रों के समूह ने शिक्षा मंत्री से नीट यूजी परीक्षा को लेकर बातचीत की।
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NEET-UG row
- फोटो : ANI
विस्तार
NEET-UG row: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने आवास पर कुछ छात्रों से मुलाकात की। छात्रों का यह समूह प्रधान के आवास पर उनसे नीट यूजी परीक्षा से संबंधित बातचीत के लिए आया था। छात्रों ने अपनी समस्याएं बताईं और परीक्षा के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा। प्रधान ने उनकी शिकायतों को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा।
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उन्होंने छात्रों की शैक्षिक आकांक्षाओं और भविष्य के करियर के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
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#WATCH | Delhi | A group of students today met Union Education Minister Dharmendra Pradhan at his residence over the NEET-UG examination pic.twitter.com/76KJtNytc6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 11, 2024
दूसरी ओर, आज ही सुप्रीम कोर्ट ने नीट मामले की सुनवाई 18 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी, एक दिन पहले ही राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने सर्वोच्च न्यायालय में अपना हलफनामा प्रस्तुत किया था।
शुरुआत में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने मामले की सुनवाई 12 जुलाई (कल) के लिए तय की थी, लेकिन फिर इसे सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सॉलिसिटर जनरल (एसजी) ने सोमवार और मंगलवार को मुश्किलें बताईं, जिसके बाद सीजेआई ने एनईईटी मामले की सुनवाई 18 जुलाई के लिए पुनर्निर्धारित कर दी।
सर्वोच्च न्यायालय को दिए गए अपने हलफनामे में एनटीए ने कहा, "किसी भी ट्रंक में कोई प्रश्नपत्र गायब नहीं पाया गया। प्रत्येक प्रश्नपत्र का एक विशिष्ट क्रमांक होता है और उसे किसी विशेष उम्मीदवार को सौंपा जाता था। कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं पाया गया। एनटीए पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ भी प्रतिकूल नहीं बताया गया। कमांड सेंटर में सीसीटीवी कवरेज की लगातार निगरानी की गई। कोई भी अप्रिय घटना या पेपर लीक होने का कोई संकेत नहीं मिला।"
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