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NExT कोचिंग के साथ, विदेश से एमबीबीएस करने के 7 बड़े फायदे, जानें यहां

Sun, 25 Aug 2024 03:55 PM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative
Media Solution Initiative Published by: Pushpendra Mishra Updated Sun, 25 Aug 2024 03:55 PM IST
सार

हर वर्ष विदेश की 20 हजार से अधिक एमबीबीएस सीटें भारतीय छात्रों द्वारा भरी जाती हैं। जिन देशों में भारतीय युवा एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जाते हैं उनमें रूस, कजाकिस्तान, इजिप्ट, नेपाल, जॉर्जिया, बांग्लादेश आदि शामिल हैं।अगर आप भी नीट क्वालीफाई हैं और भारत में मेडिकल सीट आपको नहीं मिल रही तो आप विदेश से एमबीबीएस का विकल्प चुन सकते हैं। 

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7 big benefits of doing MBBS from abroad with NExT coaching, know here-safalta
Study MBBS Abroad - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने नीट के नतीजे जारी कर दिये हैं। भारत में 1.9 लाख सीटों के लिए होने वाली काउंसिलिंग प्रक्रिया में सफल नीट अभ्यर्थी शामिल होंगे। लेकिन इस वर्ष तकरीबन 13 लाख छात्रों ने नीट क्वालीफाई किया है।ऐसे में बाकी 11.91 लाख छात्रों का मेडिकल कॅरिअर कैसे और कहां बनेगा।ऐसे छात्र जो भारत में एमबीबीएस सीट हासिल नहीं कर पा रहे या देश के निजी कॉलेजों में एमबीबीएस की भारी भरकम फीस (80 लाख से 1.2 करोड़) अदा करने की स्थिति में नहीं हैं उन्हें विदेश से एमबीबीएस का विकल्प चुनना चाहिए।विदेश में न सिर्फ 20 से 30 लाख रुपये में आप पूरी एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकते हैं बल्कि आपके एक विश्वस्तरीय डॉक्टर बनने का सपना भी पूरा हो सकता है वैसे भी हर वर्ष विदेश की 20 हजार से अधिक एमबीबीएस सीटें भारतीय छात्रों द्वारा भरी जाती हैं। जिन देशों में भारतीय युवा एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जाते हैं उनमें रूस, कजाकिस्तान, इजिप्ट, नेपाल, जॉर्जिया, बांग्लादेश आदि शामिल हैं।अगर आप भी नीट क्वालीफाई हैं और भारत में मेडिकल सीट आपको नहीं मिल रही तो आप विदेश से एमबीबीएस का विकल्प चुन सकते हैं। किसी भी तरह की शंका समाधान के लिए आप हमारे परामर्श नंबर 1800-571-0202 पर कॉल कर सकते हैं।या दिये गए लिंक पर क्लिक कर रजिस्टर कर सकते हैं।

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विदेश से एमबीबीएस करने के फायदे  
 

1-कम फीस

आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब या मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले छात्र भी विदेश से एमबीबीएस कर पा रहे हैं तो इसका केवल एक ही कारण है कि यहां की फीस, भारत के निजी कॉलेजों की अपेक्षा एक तिहाई है। जहां भारत में निजी कॉलेज 80 लाख से 1.2 करोड़ रुपये एमबीबीएस की पूरी पढ़ाई के आपसे वसूल करते हैं वहीं विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में 20 लाख से 35 लाख में एमबीबीएस की पूरी पढ़ाई हो जाती है।

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2-ग्लोबल एक्सपोजर

विदेशी यूनिवर्सिटीज में पढ़ने से आपका न सिर्फ स्वास्थ्य बेहतर रहता है बल्कि आप सांस्कृतिक और भाषाई रूप से बेहतर बनते हैं। क्योंकि भारत के तमाम बड़े शहरों में अक्टूबर से फरवरी के बीच होने वाले वायु प्रदूषण के कारण यहां की हवा बेहद जहरीली हो जाती है। जबकि विदेश में आपको स्वच्छ वातावरण, अच्छी आवो-हवा व पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिलता है।

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3-बेहतर कॅरिअर अवसर

विदेशी यूनिवर्सिटीज से एमबीबीएस के दौरान आपके अंदर संचार-पारस्परिक कौशल व प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करने की क्षमता विकसित होती है।इसके साथ ही एमबीबीएस कराने वाले देश प्रतिष्ठित अस्पतालों और रिसर्च इंस्टीट्यूट्स में आपको इंटर्नशिप करने का मौका देते हैं। जिससे आपके रिज्यूम में प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस बढ़ता है।

 

4-डिग्री की वैश्विक मान्यता
 

जरा सोचिये अगर आप ग्रेजुएशन करें और आपकी डिग्री पूरे विश्व में आपके लिए कॅरिअर के दरवाजे खोल दे तो कैसा रहेगा।विदेश से एमबीबीएस करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आपको जो एमबीबीएस की डिग्री मिलती है वह ग्लोबली मान्य होती है। जिसके बाद आप किसी भी देश में जॉब के लिए आवेदन कर सकते हैं।

 

5-बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकि
 

विदेश की कई यूनिवर्सिटीज में बड़े पैमाने पर आधुनिक टेक्नोलॉजी पर सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं ताकि छात्रों को मॉडर्न लैबोरेटरीज, रिसर्च सुविधाएं और बेहतर मेडिकल औजार उपलब्ध कराए जा सकें।इसके अलावा विदेश की मेडिकल यूनिवर्सिटीज बड़े अस्पतालों के साथ अनुबंधित हैं जो एमबीबीएस छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के ट्रेनर समेत सभी चिकित्सीय उपकरण - मशीनें उपलब्ध कराते हैं।

 

6-कोई डोनेशन शुल्क नहीं
 

विदेश से एमबीबीएस करना है या नहीं यह तय करने में डोनेशन शुल्क एक बड़ी भूमिका अदा करता है क्योंकि रूस, बांग्लादेश, जॉर्जिया, कजाकिस्तान, अर्मेनिया आदि देशों में मेडिकल छात्रों से कोई डोनेशन शुल्क नहीं लिया जाता।

 

7-एग्जिट एग्जाम NExT की तैयारी 

 विदेश जाने वाले अधिकतर युवाओं के लिए भारत में आकर प्रैक्टिस करने के लिए एग्जिट एग्जाम पास करना अनिवार्य होता है। अगर आप सफलता मोक्ष के जरिये कजाकिस्तान की कोक्शेताऊ, रूस की विदेश की किसी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेते हैं तो हम आपको NExT एग्जाम की तैयारी भी कराते हैं। इस तैयारी के जरिये आप आसानी से NExT में सफल होकर भारत में डॉक्टरी कर सकेंगे।

 

जानें कैसे मिलेगी विदेश की टॉप यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस सीट

यदि आप एक मेडिकल छात्र हैं और विदेश से MBBS की पढ़ाई के विकल्प तलाश रहे हैं तो सफलता मोक्ष आपको विदेश के 10 से ज्यादा देशों में 100 से अधिक कॉलेजों में एमबीबीएस सीट का विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं।बीते 12 वर्षों में 5000 से अधिक छात्र विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में सफलता पूर्वक दाखिला पा चुके हैं। अब आपकी बारी है।सफलता मोक्ष मेडिकल कॅरिअर काउंसिलिंग के अलावा भारत में पीजी और प्रैक्टिस के लिए लाइसेंसिंग एग्जाम NExT की तैयारी भी कराते हैं तो फिर देर किस बात की अभी दिए गए लिंक को स्कैन करें या इस टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल कर बिना कंसल्टेंसी फीस के विदेश की टॉप यूनिवर्सिटी में दाखिला पाएं।

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