World’s Best School: विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार में भारत से चार नाम शामिल, जानें इनके नाम
World’s Best School Prize: वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज़ 2025 में भारत के चार स्कूलों ने अलग-अलग श्रेणियों में टॉप-10 फाइनलिस्ट की सूची में जगह बनाई है। पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा अक्तूबर में की जाएगी।
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World’s Best School Prizes 2025: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्कूलों को सम्मानित करने के लिए आयोजित होने वाले वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज़ 2025 में भारत के चार स्कूलों ने अलग-अलग श्रेणियों में टॉप-10 फाइनलिस्ट की सूची में जगह बनाई है। यह पुरस्कार कार्यक्रम ब्रिटेन में आयोजित किया जाता है और इसका उद्देश्य स्कूलों के सामाजिक योगदान को पहचान देना है।
हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के ये स्कूल बेस्ट स्कूल टू वर्क प्रोग्राम की सदस्यता के दावेदार भी हैं, जो शिक्षकों को आकर्षित करने और बनाए रखने में मदद करता है। इन पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा अक्तूबर में की जाएगी।
पुरस्कार की श्रेणियां और उद्देश्य
वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज़ की पांच श्रेणियां हैं -
- कम्युनिटी कोलैबोरेशन (सामुदायिक सहयोग)
- एनवायर्नमेंटल एक्शन (पर्यावरणीय पहल)
- इनोवेशन (नवाचार)
- ओवरकमिंग एडवर्सिटी (विपरीत परिस्थितियों से जीत)
- सपोर्टिंग हेल्दी लाइव्स (स्वस्थ जीवन को बढ़ावा)
इस पहल की शुरुआत यूके स्थित T4 Education ने कोविड-19 महामारी के बाद की थी ताकि उन स्कूलों को मंच मिल सके जो अपनी कक्षाओं से आगे बढ़कर जीवन को बदल रहे हैं। यह मंच 100 से अधिक देशों के 2 लाख से अधिक शिक्षकों को जोड़ता है।
T4 Education के संस्थापक विकास पोता ने कहा, “आज की दुनिया में, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी बदलाव शिक्षा और रोजगार की दिशा को बदल रहे हैं, एक अच्छी और मानवीय शिक्षा पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।”
फाइनल में पहुंचे भारतीय स्कूल
1. गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एनआईटी-5, फरीदाबाद, हरियाणा
यह राज्य सरकार द्वारा संचालित माध्यमिक विद्यालय है। इसने समाज में हाशिए पर जी रही बालिकाओं के जीवन को शिक्षा, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक कल्याण को जोड़कर सकारात्मक रूप से बदला है। यह स्कूल 'सपोर्टिंग हेल्दी लाइव्स' श्रेणी में टॉप 10 में शामिल हुआ है।
2. ZP स्कूल, जालिंदर नगर, पुणे, महाराष्ट्र
यह एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय है जो ‘सब्जेक्ट फ्रेंड’ नामक प्रणाली के जरिए उम्र के हिसाब से विद्यार्थियों को एक-दूसरे से सीखने-सिखाने का मौका देता है। इससे सरकारी स्कूल शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आया है। यह स्कूल 'कम्युनिटी कोलैबोरेशन' श्रेणी का फाइनलिस्ट है।
3. एक्या स्कूल, जेपी नगर, बेंगलुरु, कर्नाटक
यह एक निजी किंडरगार्टन से लेकर सेकेंडरी स्तर तक का स्कूल है, जो विद्यार्थियों में डिज़ाइन थिंकिंग के ज़रिए नवाचार और समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित कर रहा है। यह 'इनोवेशन' श्रेणी के लिए टॉप 10 फाइनलिस्ट में शामिल है।
4. दिल्ली पब्लिक स्कूल, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
यह निजी विद्यालय अपने शिक्षण मॉडल के ज़रिए पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी को शिक्षा का हिस्सा बना रहा है। यह बच्चों को आत्मनिर्भर और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। यह स्कूल 'एनवायर्नमेंटल एक्शन' श्रेणी में फाइनलिस्ट है।
पुरस्कार प्रक्रिया और आगामी आयोजन
T4 Education के विकास पोता ने फाइनल में पहुंचे स्कूलों को बधाई देते हुए कहा, “ऐसे स्कूलों में हमें वह नवाचार और क्षमता दिखती है जो भविष्य को बेहतर बनाने की उम्मीद जगाती है। दुनिया के अन्य देशों के स्कूलों और नेताओं को इन भारतीय संस्थानों से बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है।”
इन पांचों श्रेणियों में कुल 50 फाइनलिस्ट स्कूलों में से एक विजेता का चयन विशेषज्ञों की जजिंग अकादमी द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा, सभी फाइनलिस्ट स्कूल एक पब्लिक वोटिंग में भी हिस्सा लेंगे जिससे कम्युनिटी चॉइस अवार्ड के विजेता का फैसला होगा।
अक्तूबर में होगी विजेताओं की घोषणा
अक्तूबर में विजेताओं की घोषणा की जाएगी। इसके बाद सभी फाइनलिस्ट और विजेता स्कूलों को 15-16 नवंबर को अबू धाबी में आयोजित होने वाले वर्ल्ड स्कूल्स समिट में आमंत्रित किया जाएगा। यहां वे अपने अनुभव, सफल मॉडल और रणनीतियां नीति-निर्माताओं और वैश्विक शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों के साथ साझा करेंगे।
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