Yamuna Flood: यमुना से दिल्ली को फिर खतरा, दो घंटे तक खतरे के निशान के ऊपर बहा पानी, थमी रही प्रशासन की सांसें
दिल्ली में खतरे के निशान पर यमुना झूल रही है। शनिवार को दिन में तीन बार यमुना ऊपर-नीचे हुई। वहीं बारिश के बाद दिल्ली में जलभराव की समस्या हुई।
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दिल्ली में यमुना शनिवार को खतरे के निशान पर झूलती रही। दोपहर करीब 12 बजे यमुना का जल स्तर खतरे के निशान 205.33 के नीचे आया। कुछ देर बार फिर से यमुना का जल स्तर बढ़ा और दोपहर तीन बजे जल स्तर बढ़कर खतरे के निशान को पार कर गया। करीब दो घंटे तक खतरे के निशान के ऊपर बहने के बाद यमुना पांच बजे खतरे के निशान के नीचे आई, लेकिन अगले ही घंटे फिर से खतरे के निशान को पार कर गई। हालांकि शाम सात बजे एक बार फिर यमुना का जल स्तर घटकर 205.32 हो गया।
खबर लिखे जाने तक यमुना का जल स्तर खतरे के नीचे बना हुआ है। हालांकि, चेतावनी स्तर के ऊपर यमुना बह रही है। यमुना में हरियाणा के हथिनी कुंड से औसतन 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी का घटने-बढ़ने पर जल स्तर ऊपर नीचे हो रहा है। शुक्रवार रात से यमुना का स्तर घट रहा है, लेकिन 205.33 के स्तर के ऊपर रहा और शनिवार दोपहर 12 बजे नीचे आया।
सिंचाई एवं बाढ़ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यमुना का जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर बने रहने से जगतपुर, यमुना बाजार, मदनपुर खादर, शास्त्री पार्क समेत दूसरे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्या बनी हुई है। स्तर बढ़ने पर इन क्षेत्रों में पानी भरने लगता है। हालांकि विभाग का कहना है कि अभी स्तर में बढ़त की उम्मीद नहीं है। हथिनीकुंड से पानी कम मात्रा में छोड़ना जारी रहा तो शनिवार को भी गिरावट आएगी।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को शाम सात जल स्तर 205.32 मीटर दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में बारिश का अनुमान जताया है। सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के मुताबिक, हथिनी कुंड बैराज से पानी को छोड़ने के स्तर में गिरावट दर्ज हो रही है।