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उपराष्ट्रपति ने 430 छात्रों को डिग्री देकर किया सम्मानित
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नई दिल्ली। महिलाओं को आगे बढ़ाए बिना कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता। महिला सशक्तीकरण से ही राष्ट्र आगे बढ़ता है। संसद में महिला राजनीतिकसशक्तीकरण की जरूरत है। मेरा मानना है कि संसद के साथ-साथ विधानसभा में भी महिलाओं की भूमिका बढ़ानी होगी। ये बातें उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडूू ने सोमवार को जेएनयू के तीसरे दीक्षांत समारोह में कहीं। उपराष्ट्रपति ने 430 छात्रों को डिग्री देकर सम्मानित किया।
एआईसीटीई ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रों और मीडिया के आने पर रोक थी। हालांकि पूर्व छात्रों समेत शिक्षक ही दीक्षांत समारोह में मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति ने डिग्री देते हुए पूर्व छात्रों से कहा कि भारत को दोबारा विश्व गुरु बनाने पर काम करने की जरूरत है। इसलिए मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि देश के विकास के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते रहे। उन्होंने कहा कि देश के साथ मातृृृभाषा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसलिए घर में अपनी मातृभाषा में बात करें। इसके माध्यम से अगली पीढ़ी भारतीय समेत क्षेत्रीय संस्कृति से रूबरू होती रहेगी। उन्होंने कहा कि जेएनयू को भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में शामिल होने की तैयारी करनी होगी। नायडू ने कहा कि देश की आबादी में दो तिहाई युवा ही हैं, इसलिए गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास और उच्च शिक्षण सुविधाओं तक उनकी पहुंच निश्चित तौर पर होनी चाहिए।
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एआईसीटीई ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रों और मीडिया के आने पर रोक थी। हालांकि पूर्व छात्रों समेत शिक्षक ही दीक्षांत समारोह में मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति ने डिग्री देते हुए पूर्व छात्रों से कहा कि भारत को दोबारा विश्व गुरु बनाने पर काम करने की जरूरत है। इसलिए मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि देश के विकास के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते रहे। उन्होंने कहा कि देश के साथ मातृृृभाषा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसलिए घर में अपनी मातृभाषा में बात करें। इसके माध्यम से अगली पीढ़ी भारतीय समेत क्षेत्रीय संस्कृति से रूबरू होती रहेगी। उन्होंने कहा कि जेएनयू को भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में शामिल होने की तैयारी करनी होगी। नायडू ने कहा कि देश की आबादी में दो तिहाई युवा ही हैं, इसलिए गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास और उच्च शिक्षण सुविधाओं तक उनकी पहुंच निश्चित तौर पर होनी चाहिए।
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