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नौकरी दिलाने वाली वेबसाइट से डाटा लेकर करते थे बेरोजगारों से ठगी
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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने के आरोपी।
- फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने नामी वेबसाइट से डाटा लेने के बाद नौकरी दिलाने का झांसा देकर देशभर के बेरोजगारों को ठगने वाले गैंग काभंडाफोड़ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें यूपी के बुलंदशहर के गांव ओलेढा निवासी मास्टर माइंड राहुल कुमार सिंह, बिजनौर के गांव पैजानिया का अजय पाल सिंह और महोबा के गांव कुल्पाहद, निवासी कृष्ण मोहन सिंह हैं।
आरोपी नोएडा के सेक्टर-62 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल, पांच कंप्यूटर, एक इंटरनेट राउटर, डेबिट कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने देशभर के सैकड़ों बेरोजगारों से ठगी की। आरोपियों से के दौरान ठगी के नौ मामलों का पता चला है। गैंग मुंबई, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड व देश के अन्य स्थानों पर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि पिछले दिनों साइबर पुलिस थाने में एक युवती ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने बताया कि उसने अपना बायोडाटा shine.com पर भेजा था। कुछ दिनों बाद उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन पहुंचा। आरोपी ने खुद को shine.com से बताया। उसे आरोपी ने बाईजू पर योगा टीचर का ऑफर दिया। आरोपियों ने सिक्योरिटी व दूसरे मदों में पीड़िता से धीरे-धीरे करके 1.72 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद पीड़िता को न रुपये वापस मिले और न ही नौकरी मिली। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस को पता चला कि आरोपी नोएडा सेक्टर-62 में प्लॉट एच-150 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। पुलिस ने वहां छापा मारकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
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ऐसे देते थे ठगी की वारदात को अंजाम
आरोपी राहुल ने बताया कि उसने shine.com पर अपना नंबर को रजिस्टर्ड कराया हुआ था। वह महीने के 20-22 हजार रुपये देकर हर माह बेरोजगार युवक-युवतियों का डाटा ले लेता था। इसमें से टीचर और नर्स की नौकरी ढूंढने वालों को निशाना बनाया जाता था। अगर कोई शिकायत करता था तो दूसरे राज्यों की पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती थी।
मास्टर माइंड ने दो साल पहले खोला था कॉल सेंटर
गैंग का मास्टर माइंड राहुल सिंह बुलंदशहर स्थित अपने गांव से नौकरी की तलाश में नोएडा आया था। बीए पास होने से यहां आकर उसने कॉल सेंटर में नौकरी की। इस दौरान उसने लोगों से ठगी का तरीका सीख लिया। दो साल साल पहले उसने अपना कॉल सेंटर खोलकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया था। आरोपी अजयपाल भी ग्रेजुएट है। कृष्ण मोहन सिंह ने बीसीए किया है। वह छह माह पहले राहुल के संपर्क में आया था।
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आरोपी नोएडा के सेक्टर-62 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल, पांच कंप्यूटर, एक इंटरनेट राउटर, डेबिट कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने देशभर के सैकड़ों बेरोजगारों से ठगी की। आरोपियों से के दौरान ठगी के नौ मामलों का पता चला है। गैंग मुंबई, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड व देश के अन्य स्थानों पर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
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पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि पिछले दिनों साइबर पुलिस थाने में एक युवती ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने बताया कि उसने अपना बायोडाटा shine.com पर भेजा था। कुछ दिनों बाद उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन पहुंचा। आरोपी ने खुद को shine.com से बताया। उसे आरोपी ने बाईजू पर योगा टीचर का ऑफर दिया। आरोपियों ने सिक्योरिटी व दूसरे मदों में पीड़िता से धीरे-धीरे करके 1.72 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद पीड़िता को न रुपये वापस मिले और न ही नौकरी मिली। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस को पता चला कि आरोपी नोएडा सेक्टर-62 में प्लॉट एच-150 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। पुलिस ने वहां छापा मारकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
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ऐसे देते थे ठगी की वारदात को अंजाम
आरोपी राहुल ने बताया कि उसने shine.com पर अपना नंबर को रजिस्टर्ड कराया हुआ था। वह महीने के 20-22 हजार रुपये देकर हर माह बेरोजगार युवक-युवतियों का डाटा ले लेता था। इसमें से टीचर और नर्स की नौकरी ढूंढने वालों को निशाना बनाया जाता था। अगर कोई शिकायत करता था तो दूसरे राज्यों की पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती थी।
मास्टर माइंड ने दो साल पहले खोला था कॉल सेंटर
गैंग का मास्टर माइंड राहुल सिंह बुलंदशहर स्थित अपने गांव से नौकरी की तलाश में नोएडा आया था। बीए पास होने से यहां आकर उसने कॉल सेंटर में नौकरी की। इस दौरान उसने लोगों से ठगी का तरीका सीख लिया। दो साल साल पहले उसने अपना कॉल सेंटर खोलकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया था। आरोपी अजयपाल भी ग्रेजुएट है। कृष्ण मोहन सिंह ने बीसीए किया है। वह छह माह पहले राहुल के संपर्क में आया था।