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जेएनयू : सत्र 2021 के दो हजार विद्यार्थियों को नहीं मिला हॉस्टल, छात्रों ने किया प्रदर्शन

Thu, 05 May 2022 04:43 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 05 May 2022 04:43 AM IST
सार

जेएनयू में शैक्षणिक सत्र 2021 में दाखिला लेने वाले विभिन्न डिग्री प्रोग्राम के करीब 2 हजार छात्रों को अभी तक हॉस्टल सीट न मिलने के मुद्दे पर सभी छात्र संगठन एकजुट हो गए हैं। एबीवीवी के बाद बुधवार को वामपंथी छात्र संगठनों ने भी विरोध दर्ज करवाया। 

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Two thousand students of session 2021 did not get hostel in JNU
JNU - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अभी तक शैक्षणिक सत्र 2021 के करीब दो हजार छात्रों को हॉस्टल अलॉट नहीं हुआ है। छात्रों ने हॉस्टल अलॉटमेंट की मांग को लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट कार्यालय के बाहर विरोध भी दर्ज करवाया।

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 वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल अलॉटमेंट की पहली सूची मई के दूसरे हफ्ते यानी 15 मई तक जारी करने की तैयारी चल रही है। फिलहाल इस बैच के 100 दिव्यांग छात्रों को हॉस्टल सीट अलॉट कर दी गई है, अन्य को जल्द मिल जाएगी। विश्वविद्यालय के विभिन्न हॉस्टल में पिछले दिनों करीब 1200 सीट खाली हुई हैं।
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जेएनयू में शैक्षणिक सत्र 2021 में दाखिला लेने वाले विभिन्न डिग्री प्रोग्राम के करीब 2 हजार छात्रों को अभी तक हॉस्टल सीट न मिलने के मुद्दे पर सभी छात्र संगठन एकजुट हो गए हैं। एबीवीवी के बाद बुधवार को वामपंथी छात्र संगठनों ने भी विरोध दर्ज करवाया। 
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एबीवीपी जेएनयू इकाई के अध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया कि जर्जर हॉस्टल, बिल्डिंगों को सुधारने के लिए यूजीसी ने धनराशि विश्वविद्यालय को दी है। इस पर जल्द काम शुरू होना चाहिए, ताकि छात्रों को हॉस्टल में सीट मिल सके।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि 15 मई से पहले प्रथम वर्ष के छात्रों को हॉस्टल आवंटन के तहत सीट मिलनी शुरू हो जाएगी। जैसे -जैसे हॉस्टल सीट उपलब्ध होगी, उन्हें अलॉट होती जाएंगी। 

वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों का कहना है कि हॉस्टल न मिलने के कारण छात्रों को मजबूरी में ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है। जेएनयू में आने वाले छात्र दूर-दराज, ग्रामीण व पिछड़े वर्गों के होते हैं। वे कैंपस से बाहर किराये पर महंगे कमरे नहीं ले सकते हैं। इन छात्रों की मजबूरी को समझते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को खाली सीटों की सूची जारी करनी चाहिए।


थीसिस जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलने से मुश्किल
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते 2020 से एमफिल और पीएचडी स्कॉलर्स अपनी थीसिस पूरी नहीं कर पाए थे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ऐसे छात्रों के लिए थीसिस जमा करने की अवधि दो साल तक बढ़ा दी थी। इसी कारण 2020 सत्र से पहले के स्कॉलर्स भी अभी थीसिस पूरी कर रहे हैं। इस कारण उन्होंने अभी तक हॉस्टल भी खाली नहीं किए हैं। इसी के चलते जेएनयू के शैक्षणिक सत्र 2021 में दाखिला लेने वाले छात्रों को अभी तक हॉस्टल नहीं मिले हैं। फिलहाल जेएनयू में बीए अंतिम वर्ष और जिन रिसर्च स्कॉलर्स की थीसिस पूरी हो रही है, वे अब हॉस्टल खाली कर रहे हैं। इसी के चलते करीब 12सौ सीट खाली हुई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब इन खाली सीट को मेरिट के आधार पर पहले वर्ष के छात्रों को अलॉट करेगा।

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