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जालसाजी कर एटीएम से रुपये निकालने वाले दो गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मेवात गिरोह के दो बदमाश। - अमर उजाला
- फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने मेवात गिरोह के ऐसे दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो एटीएम मशीन से रुपये भी निकाल लेेते थे और फिर पैसे नहीं निकलने का क्लेम कर बैंक से भी उगाही कर लेते थे। इस तरह आरोपी देशभर में 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं। एटीएम से पैसे निकालने का ये तरीका पहली बार सामने आया है। वारदात के लिए आरोपी हमेशा अपने साथ हथियार रखते थे। उनके कब्जे से दो स्वचालित पिस्टल .315 बोर के दो कारतूस, .32 बोर के दो कारतूस, 19 डेबिट कार्ड और एक कार बरामद की है।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि जिले के स्पेशल स्टाफ में तैनात सिपाही योगेन्द्र को सूचना मिली थी कि एटीएम से जालसाजी कर पैसे निकालने वाले मेवात के गिरोह के दो सदस्य साकेत इलाके में कार से आएंगे। स्पेशल स्टाफ प्रभारी अतुल त्यागी की देखरेख में एएसआई अशोक कुमार व अनिल कुमार की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। उनकी पहचान गांव सल्मबा पोस्ट फिरोजपुर नमक नूंह (हरियाणा) निवासी अख्तर हुसैन (47) और इरशाद (35) के रूप में हुई है।
रुपये निकालने का बेहद अनोखा तरीका
पैसे देकर आरोपी किसी के बैंक खाते की किट खरीद लेते थे। ये उस बैंक खाते में बहुत कम पैसे रखते थे। वह ऐसे एटीएम से पैसे निकालते थे जिसमें पैसे जमा कराने की सुविधा हो। एटीएम कार्ड को मशीन में डालते थे और पैसे निकालने की पूरा प्रक्रिया पूरी करते थे। जब पैसे एटीएम से निकलने शुरू होते थे तो ये नोटों को पूरी तरह निकलने से पहले ही पकड़ लेते थे। करीब एक से दो मिनट पकड़कर रखते थे। इस दौरान नोटों का आधा हिस्सा मशीन में होता था और आधा बाहर होता था। एक से दो मिनट तक पकड़े रखने पर मशीन आउट ऑफ ऑर्डर हो जाती थी। फिर ये नोटों को बाहर खींच लेते थे। इस तरह मशीन पैसे निकलने का रिकार्ड नहीं दिखा पाती थी, जबकि खाताधारक के बैंक से पैसे निकल जाते थे। इसके बाद ये बैंक के कस्टमर केयर को फोन कर शिकायत दर्ज कराते थे कि एटीएम से पैसा निकला नहीं है, जबकि उनके खाते से पैसे कट गए हैं। इस तरह ये बैंक से भी क्लेम ले लेते थे। आरोपी पीएनबी बैंक के एटीएम को ही निशाना बनाते थे। आरोपियों का कहना है कि पीएनबी बैंक क्लेम के पैसे जल्दी देता है।
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अख्तर के खिलाफ पांच केस
नूंह में टैक्सी चलाने वाले अख्तर के खिलाफ एटीएम लूटने आदि के पांच मामले दिल्ली में दर्ज हैं। इरशाद के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। आरोपियों की ख्वाहिश थी कि वह जल्द अमीर बन जाएं। इरशाद खेतों पर काम करता है।
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दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि जिले के स्पेशल स्टाफ में तैनात सिपाही योगेन्द्र को सूचना मिली थी कि एटीएम से जालसाजी कर पैसे निकालने वाले मेवात के गिरोह के दो सदस्य साकेत इलाके में कार से आएंगे। स्पेशल स्टाफ प्रभारी अतुल त्यागी की देखरेख में एएसआई अशोक कुमार व अनिल कुमार की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। उनकी पहचान गांव सल्मबा पोस्ट फिरोजपुर नमक नूंह (हरियाणा) निवासी अख्तर हुसैन (47) और इरशाद (35) के रूप में हुई है।
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रुपये निकालने का बेहद अनोखा तरीका
पैसे देकर आरोपी किसी के बैंक खाते की किट खरीद लेते थे। ये उस बैंक खाते में बहुत कम पैसे रखते थे। वह ऐसे एटीएम से पैसे निकालते थे जिसमें पैसे जमा कराने की सुविधा हो। एटीएम कार्ड को मशीन में डालते थे और पैसे निकालने की पूरा प्रक्रिया पूरी करते थे। जब पैसे एटीएम से निकलने शुरू होते थे तो ये नोटों को पूरी तरह निकलने से पहले ही पकड़ लेते थे। करीब एक से दो मिनट पकड़कर रखते थे। इस दौरान नोटों का आधा हिस्सा मशीन में होता था और आधा बाहर होता था। एक से दो मिनट तक पकड़े रखने पर मशीन आउट ऑफ ऑर्डर हो जाती थी। फिर ये नोटों को बाहर खींच लेते थे। इस तरह मशीन पैसे निकलने का रिकार्ड नहीं दिखा पाती थी, जबकि खाताधारक के बैंक से पैसे निकल जाते थे। इसके बाद ये बैंक के कस्टमर केयर को फोन कर शिकायत दर्ज कराते थे कि एटीएम से पैसा निकला नहीं है, जबकि उनके खाते से पैसे कट गए हैं। इस तरह ये बैंक से भी क्लेम ले लेते थे। आरोपी पीएनबी बैंक के एटीएम को ही निशाना बनाते थे। आरोपियों का कहना है कि पीएनबी बैंक क्लेम के पैसे जल्दी देता है।
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अख्तर के खिलाफ पांच केस
नूंह में टैक्सी चलाने वाले अख्तर के खिलाफ एटीएम लूटने आदि के पांच मामले दिल्ली में दर्ज हैं। इरशाद के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। आरोपियों की ख्वाहिश थी कि वह जल्द अमीर बन जाएं। इरशाद खेतों पर काम करता है।