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बुड्ढा दल के प्रधान व गवाह की हत्या करने जा रहे दो दबोचे

Thu, 11 Mar 2021 01:53 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 11 Mar 2021 01:53 AM IST
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Two arrested for planing killing the head of Buddha Dal and murder witness
नई दिल्ली। पुलिस की स्पेशल सेल ने दो आरोपियों को पकड़कर दो लोगों की हत्या को रोक दिया है। वे निहंग सिख जत्थेबंदी बुड्ढा दल के प्रधान बलबीर सिंह और हत्या की वारदात के एक गवाह को मारने जा रहे थे। बलबीर सिंह के सिर में गोली मारकर हत्या की साजिश थी। इसके लिए मध्य प्रदेश से हथियार का इंतजाम भी कर लिया गया था। पुलिस ने इनसे दो पिस्टल व 20 कारतूस बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी को हत्या में उम्रकैद हो चुकी है।
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स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि सेल की नार्दन रेंज के एसीपी जसबीर सिंह की टीम को 6 मार्च को सूचना मिली कि हत्या में उम्रकैद की सजा पाए लाल बाग, आजादपुर, दिल्ली निवासी मलकीत सिंह उर्फ जुझार सिंह उर्फ बाबा (27) पैरोल पर है। वह मध्य प्रदेश से अपने साथी गांव नबीपुर, सदर गुरदासपुर पंजाब निवासी भूपिंदर सिंह (24) के साथ हथियार लेकर आ रहा है। एसीपी जसबीर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर पंकज सिंह व नीरज कुमार की टीम ने बेरी वाला बाग, शालीमार बाग में घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पंजाब के पटियाला निवासी मलकीत सिंह के पिता बलदेव सिंह को लाल बाग, आजादपुर, दिल्ली स्थित गुरुद्वारा जैमल सिंह का वर्ष 2007 में ग्रंथी नियुक्त किया गया था। इसका पिता पटियाला में चार निहंग सिखों की हत्या में गिरफ्तार हो गया था। इसके बाद गुरुद्वारे का ग्रंथी लखबीर सिंह को नियुक्त किया गया था। मलकीत सिंह ने अपनी मां जसबीर कौर व दो अन्य सेवादारों सुखपाल सिंह और रंजीत सिंह के साथ मिलकर लखबीर का वर्ष 2010 में अपहरण किया और उसकी हत्या कर दी। वारदात में चारों गिरफ्तार हुए और कोर्ट ने इनको उम्रकैद की सजा सुनाई।
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वर्ष 2016 में मलकीत सिंह को एक महीने की पैरोल मिली। वर्ष 2017 में यह प्रधान बलबीर सिंह के बुड्ढा दल के मुक्तसर साहिब गुरुद्वारे की प्रॉपर्टी के विवाद को लेकर चार लोगों की हत्या में शामिल रहा। बाद में यह फतेहगढ़ साहिब के बलवानगढ़ साहिब गुरुद्वारे के सेवादार प्यारा सिंह की हत्या की साजिश में वर्ष 2017 में गिरफ्तार हुआ। तिहाड़ जेल में इसकी मुलाकात जगतार सिंह हवारा से हुई। कोविड के चलते मलकीत सिंह को एक अगस्त, 2020 में पैरोल मिल गई। जेल से बाहर आते ही इसने प्रधान बलवीर सिंह समेत दो लोगों की हत्या की साजिश रचना शुरू कर दिया।
मलकीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसे लगता था कि वह व उसकी मां समेत चारों आरोपी ज्यादा लंबे समय तक प्रधान बलबीर सिंह की वजह से जेल में रहे। इस कारण वह प्रधान की हत्या करना चाहता था। उसे पता था कि प्रधान बुलेटप्रूफ जैकेट पहनता है। इस कारण वह प्रधान के सिर में गोली मारने की प्रेक्टिस कर रहा था। वह प्रधान की इसी महीने पंजाब में होल्ला मोहल्ला उत्सव के दौरान हत्या करना चाहता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह लखविंदर सिंह की हत्या के गवाह की भी हत्या करना चाहता था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मलकीत सिंह ने हथियारों के लिए नाभा जेल में बंद हरविंदर सिंह पिंडा से संपर्क किया। हरविंदर ने उसे बुरहानपुर, मध्य प्रदेश के हथियार तस्कर ज्योति का नंबर दिया। इसने फेसबुक के जरिए ज्योति से संपर्क किया। ये पांच मार्च को हथियार लेने मध्य प्रदेश गए। छह मार्च को ये हथियार लेकर ट्रेन से दिल्ली आए। तभी दिल्ली पुलिस ने इनको दबोच लिया। भूपिंदर सिंह दोस्त करण के जरिए मलकीत सिंह से मिला था। इसके बाद उसकी दो हत्याओं की साजिश में शामिल हो गया।
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