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दिल्ली: राजीव गांधी अस्पताल में तीन मरीजों की मौत, अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
Mon, 07 Mar 2022 11:43 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 07 Mar 2022 11:43 PM IST
सार
जानकारी के अनुसार सोमवार को दिल्ली सरकार के राजीव गांधी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में तीन मरीज एंजियोग्राफी के लिए पहुंचे थे। इन मरीजों को दिल से जुड़ी परेशानी थी। साथ ही एंजियोग्राफी के दौरान तीनों के दिल की धमनियों में ब्लॉकेज पाया गया। इस दौरान डॉक्टरों ने मरीजों को स्टेंट लगाने की सलाह दी।
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फाइल फोटो
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विस्तार
पूर्वी दिल्ली के ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में सोमवार को तीन मरीजों की मौत के चलते भारी हंगामा हुआ। तीमारदारों ने अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस दौरान सुरक्षा गार्डों के साथ तीमारदारों की नोंकझोक भी हुई। देर शाम तक अस्पताल परिसर में तनातनी के चलते प्रबंधन ने घटना की जांच कराने का आश्वासन दिया। हालांकि देर रात तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच के लिए लिखित आदेश जारी नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार सोमवार को दिल्ली सरकार के राजीव गांधी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में तीन मरीज एंजियोग्राफी के लिए पहुंचे थे। इन मरीजों को दिल से जुड़ी परेशानी थी। साथ ही एंजियोग्राफी के दौरान तीनों के दिल की धमनियों में ब्लॉकेज पाया गया। इस दौरान डॉक्टरों ने मरीजों को स्टेंट लगाने की सलाह दी।
तीमारदारों की रजामंदी के बाद डॉक्टर ने एंजियोप्लास्टि के जरिए स्टेंट डाल दिए लेकिन प्रोसीजर पूरा होने के कुछ घंटे बाद मरीजों की मौत की सूचना आई। तीनों मरीजों की पहचान दिल्ली निवासी 64 वर्षीय पूजा सभरवाल, 45 वर्षीय विनोद और 46 वर्षीय कलवा खान के रुप में हुई है। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर तोड़ फोड़ किया। इस दौरान अस्पताल के गार्ड के साथ परिजनों मारपीट भी की।
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हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों के शांत कराया। तीमारदारों का गुस्सा देख डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी अस्पताल से निकल गए। इस दौरान सुरक्षा गार्डों के साथ बहस शुरू हुई। देर शाम तक बीच-बचाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है।
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जानकारी के अनुसार सोमवार को दिल्ली सरकार के राजीव गांधी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में तीन मरीज एंजियोग्राफी के लिए पहुंचे थे। इन मरीजों को दिल से जुड़ी परेशानी थी। साथ ही एंजियोग्राफी के दौरान तीनों के दिल की धमनियों में ब्लॉकेज पाया गया। इस दौरान डॉक्टरों ने मरीजों को स्टेंट लगाने की सलाह दी।
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तीमारदारों की रजामंदी के बाद डॉक्टर ने एंजियोप्लास्टि के जरिए स्टेंट डाल दिए लेकिन प्रोसीजर पूरा होने के कुछ घंटे बाद मरीजों की मौत की सूचना आई। तीनों मरीजों की पहचान दिल्ली निवासी 64 वर्षीय पूजा सभरवाल, 45 वर्षीय विनोद और 46 वर्षीय कलवा खान के रुप में हुई है। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर तोड़ फोड़ किया। इस दौरान अस्पताल के गार्ड के साथ परिजनों मारपीट भी की।
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हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों के शांत कराया। तीमारदारों का गुस्सा देख डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी अस्पताल से निकल गए। इस दौरान सुरक्षा गार्डों के साथ बहस शुरू हुई। देर शाम तक बीच-बचाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है।
अस्पताल की प्रवक्ता डॉ. छवि गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को इस मामले की जांच को लेकर एक समिति का गठन किया जाएगा। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि डॉक्टर गुप्ता ने घटना को लेकर इससे अधिक जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने मरने वालों की पहचान के बारे में भी नहीं बताया।
वहीं अस्पताल के निदेशक डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि इस घटना के बारे में प्रारंभिक जानकारी एकत्रित की जा रही है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों मरीजों की मौत होना दुर्भाग्य है और इसके बारे में निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी।
दूसरे डॉक्टर भी हैरान, कैसे हुई मौत?
अस्पताल के दूसरे डॉक्टर भी इस घटना को लेकर हैरान हैं। एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि एंजियोप्लास्टि के दौरान किसी मरीज की मौत होना थोड़ा आश्चर्य जनक है। ऐसी स्थिति तभी बन सकती है जब संबंधित डॉक्टर को मरीजों के जोखिम के बारे में अंदेशा न हो या फिर सही तरह से केस को नहीं देखा गया हो। उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के चलते इन मरीजों की मौत हो सकती है।
सस्ते स्टेंट, फिर भी 36 हजार का सामान
मृतक पूजा के पति नवीन कुमार ने बताया कि एंजियोप्लास्टि के लिए उनसे 36 हजार रुपये का सामान बाहरी मेडिकल स्टोर से मंगवाया गया। जबकि दिल्ली सरकार बीते कई वर्षों से बाहरी मेडिकल स्टोर से सामान मंगवाने के खिलाफ है। इतना ही नहीं कुछ ही समय पहले जीबी पंत अस्पताल में स्टेंट की कीमत नौ हजार तक आई है।
वहीं अस्पताल के निदेशक डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि इस घटना के बारे में प्रारंभिक जानकारी एकत्रित की जा रही है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों मरीजों की मौत होना दुर्भाग्य है और इसके बारे में निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी।
दूसरे डॉक्टर भी हैरान, कैसे हुई मौत?
अस्पताल के दूसरे डॉक्टर भी इस घटना को लेकर हैरान हैं। एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि एंजियोप्लास्टि के दौरान किसी मरीज की मौत होना थोड़ा आश्चर्य जनक है। ऐसी स्थिति तभी बन सकती है जब संबंधित डॉक्टर को मरीजों के जोखिम के बारे में अंदेशा न हो या फिर सही तरह से केस को नहीं देखा गया हो। उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के चलते इन मरीजों की मौत हो सकती है।
सस्ते स्टेंट, फिर भी 36 हजार का सामान
मृतक पूजा के पति नवीन कुमार ने बताया कि एंजियोप्लास्टि के लिए उनसे 36 हजार रुपये का सामान बाहरी मेडिकल स्टोर से मंगवाया गया। जबकि दिल्ली सरकार बीते कई वर्षों से बाहरी मेडिकल स्टोर से सामान मंगवाने के खिलाफ है। इतना ही नहीं कुछ ही समय पहले जीबी पंत अस्पताल में स्टेंट की कीमत नौ हजार तक आई है।
इसके बाद राजीव गांधी अस्पताल में भी यही कीमत में स्टेंट उपलब्ध होने की बात चल रही थी लेकिन फिर भी उन्हें 36 हजार रुपये का पर्चा थमाया। उन्होंने बताया कि शाम तीन बजे एंजियोप्लास्टि शुरू हुई थी लेकिन करीब साढ़े तीन बजे उन्हें पता चला कि मरीज की तबियत बिगड़ रही है। वे जब अंदर गए तब तक उनकी पत्नी का शरीर ठंडा पड़ा था। डॉक्टर, नर्स और बाकी कर्मचारी कोई कुछ नहीं बोल रहा था। इसके थोड़ी देर भी नहीं गुजरी कि वहां मौजूद बाकी दो मरीज की मौत भी हो गई।