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Exam Fever : परीक्षा में नहीं होगा ब्लैकआउट, अगर पहले देंगे मॉक टेस्ट. अभिभावकों के लिए है यह सलाह

Mon, 13 Feb 2023 03:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 13 Feb 2023 03:28 AM IST
सार

मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों का सुझाव है कि परीक्षा से पहले बच्चों का मॉक टेस्ट लेना चाहिए। घर में परीक्षा भवन जैसा माहौल बनाकर देखना चाहिए कि वह कैसा व्यवहार कर रहा हैं।

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There will be no blackout in the exam, if you give mock test first
Board Exam Tips - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बोर्ड परीक्षा देने पहुंची शनाया को प्रश्नपत्र देखते ही आंखों के सामने अंधेरा सा छा गया। उसे लगा कि एक भी सवाल का जवाब नहीं आता, जबकि पिछले दो माह से विषय को अच्छी तरह से पढ़ रही थी। परीक्षा भवन में ऐसा केवल शनाया के साथ ही नहीं, बल्कि हजारों के साथ होता है। 

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अक्सर देखा गया है कि बेहतर प्रदर्शन की चाहत में छात्र तनावग्रस्त हो जाते हैं। हालांकि, पढ़ा हुआ विषय उनके अवचेतन मन में होता है। यदि वह खुद पर विश्वास रखकर कोशिश करते हैं तो फिर से याद आ जाता है। मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों का सुझाव है कि परीक्षा से पहले बच्चों का मॉक टेस्ट लेना चाहिए। घर में परीक्षा भवन जैसा माहौल बनाकर देखना चाहिए कि वह कैसा व्यवहार कर रहा हैं।
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इस बारे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर नंद कुमार ने कहा कि बच्चों को परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट देना चाहिए। इस दौरान घर में परीक्षा केंद्रों जैसा माहौल बनाना चाहिए ताकि डर खत्म हो जाए। डॉ. कुमार ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि बच्चे पढ़ते समय टीवी देखना, हल्की आवाज में म्यूजिक चलाना या अन्य काम करते हैं, जिसकी उन्हें आदत बन जाती है और परीक्षा भवन का माहौल बदलते ही खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
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वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. लोकेश शेखावत ने कहा कि जिन बच्चों को खुद के याददाश्त पर विश्वास नहीं, अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर डर बना होता है। ऐसे छात्र एक जगह पर ध्यान नहीं लगा पाते और ब्लैकआउट जैसी समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। अक्सर देखा गया है कि बच्चों को जिस प्रश्न को लेकर डर है और कई बार पढ़ने में गलती भी करते हैं जिससे तनाव और बढ़ जाता है। 


35 लाख बच्चे देंगे बोर्ड की परीक्षा
15 फरवरी से शुरू हो रहे सीबीएसई की परीक्षा में इस बार करीब 35 लाख बच्चे बोर्ड की परीक्षा देंगे। इनमें से अधिक बच्चों में पाया गया है कि वह डर के कारण परीक्षा भवन में सब कुछ भूल जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या ज्यादा अंक की चाहत वालों की होती है।

कैसे करें याद
तथ्य आधारित 

स्मृति-विज्ञान के आधार पर पढ़े, यह शार्ट टर्म मेमोरिज में रहता है, परीक्षा से एक दिन पहले रिवाइज जरूर करें।

अवधारणा आधारित 
कहानी बनाकर याद करें, लांग टर्म मेमोरिज में रहता है, परीक्षा के दो-तीन दिन पहले याद करें।

कैसे करें खुद को तैयार

  • परीक्षा से पहले घर पर बनाएं परीक्षा का माहौल
  • पहले सरल प्रश्न का करें हल
  • परीक्षा भवन में घबराए नहीं, प्रश्न हल करने से बढ़ता है आत्मविश्वास


परीक्षा से पहले क्या करें

  • परीक्षा की एक रात पहले पूरी नींद लें, परीक्षा स्थल पर समय से पहले पहुंचे
  • जो सामान जरूरी है उसे एक रात पहले ही रख लें। सुबह हल्का आहार लें, दूध न पीए
  • परीक्षा देने से पहले दो-तीन बार लंबी सांस लें। परीक्षा केंद्र पर किसी से विषय के संबंध में किसी से चर्चा न करें
  • परीक्षा केंद्र पर खड़े रहकर याददाश्त की जांच न करें। याद रखें कि यह अंतिम परीक्षा नहीं है
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