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दिल्ली चिड़ियाघर ने उठाया पांच वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण का जिम्मा, उत्तराखंड से मिलेगी मदद
Wed, 01 Sep 2021 06:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 01 Sep 2021 06:13 AM IST
सार
- संगाई हिरण, सिंह, गैंडा, बंगाल टाइगर, रेड जंगल फाउल व एशियाई सिंह को किया जाएगा संरक्षित
- उतराखंड स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान करेगा मदद, अलग-अलग राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़े जाएंगे वन्यजीव
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चिड़ियाघर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली चिड़ियाघर देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच वन्यजीव प्रजातियों को संरक्षित करने का काम करेगा। इस पहल के तहत संगाई हिरण, गैंडा, बंगाल टाइगर, एशियाई सिंह व रेड जंगल फाउल को अलग-अलग राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़ उनके संरक्षण से लेकर उनकी जनसंख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान दिल्ली चिड़ियाघर की मदद करेगा।
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चिड़ियाघर की निदेशक डॉ.सोनाली घोष के मुताबिक, भारतीय वन्यजीव संस्थान के साथ देशभर के चिड़ियाघर वन्यजीवों को संरक्षित करने के लिए पहल कर रहे हैं। इस कड़ी में दिल्ली चिड़ियाघर भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया कि चिड़ियाघर में संगाई हिरण सीमित संख्या से अधिक मौजूद हैं। ऐसे में चिड़ियाघर का प्रयास है कि इन्हें यहां सीमित संख्या में रख अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़ा जाए। इसके साथ सिंह से लेकर बंगाल टाइगर तक को संरक्षित करने के लिए चिड़ियाघर काम करेगा।
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इस नीति से छोड़े जाएंगे वन्यजीव
जंगलों में वन्यजीवों को छोड़ने के लिए एक नीति भी बनाई गई है, जिस पर काम चल रहा है। अधिकारी ने बताया कि वन्यजीवों को छोड़ने से पहले उनकी टैगिंग की जाएगी। क्योंकि, वन्यजीव चिड़ियाघर से जंगल में रहने के लिए जाएंगे। ऐसे में उन्हें वहां के माहौल में ढलने में परेशानी आना स्वाभाविक है। इसके लिए उनके सॉफ्ट रीलिज पर भी ध्यान दिया जाएगा। वन्यजीवों के लिए जंगलों में एक क्षेत्र सुनिश्चित किया जाएगा। इसके दायरे में ही वन्यजीवों को रखा जाएगा। इसके कुछ महीने बाद तक उनके व्यवहार को लेकर अध्ययन भी किया जाएगा। अध्ययन के आधार पर उनके संरक्षण के लिए नई नीति भी बनाई जाएगी।
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चिड़ियाघर में सीमित संख्या में वन्यजीवों के लिए सीजेडए दे चुका है निर्देश
चिड़ियाघर में एक ही बाड़े में सीमित संख्या से अधिक संगाई व चीतल हिरण मौजूद हैं। ऐसे में एक ही स्थान पर अधिक वन्यजीव होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। वहीं, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण(सीजेडए) की ओर से एक बाड़े के लिए अधिक से अधिक 40 वन्यजीवों की संख्या निर्धारित की गई है। वर्तमान में दिल्ली चिड़ियाघर में 1070 वन्यजीव हैं। इनमें 83 प्रजातियां, 35 स्तनधारी, 36 पक्षी व 12 सरीसृप हैं।