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सुल्ली-बुल्ली बाई एप मामला : ट्रेड महासभा ग्रुप के सात से ज्यादा सदस्यों की पहचान

Mon, 07 Feb 2022 04:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली 
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 07 Feb 2022 04:26 AM IST
सार

दिल्ली पुलिस ने सभी को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज दिया है। पुलिस पूछताछ कर उस सदस्य का पता लगाएगी, जिसने ट्रेड महासभा ग्रुप बनाया था।
 

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Sulli-Bulli by Ape case: Identification of more than seven members of Trade Mahasabha Group
Bulli Bai Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुल्ली डील्स व बुल्ली बाई विवादित एप मामले में नया खुलासा सामने आया है। दोनों विवादित एप बनाने से पहले ट्विटर हैंडल पर बने ट्रेड महासभा ग्रुप के सात से ज्यादा सदस्यों की पहचान हो गई है। दिल्ली पुलिस ने सभी को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज दिया है। पुलिस पूछताछ कर उस सदस्य का पता लगाएगी, जिसने ट्रेड महासभा ग्रुप बनाया था।

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सुल्ली डील्स बनाने वाले ओंकारेश्वर ठाकुर व बुल्ली बाई एप बनाने वाले नीरज बिश्नोई ने पूछताछ में खुलासा किया था कि दोनों विवादित एप बनाने से पहले ट्विटर हैंडल पर ट्रेड महासभा ग्रुप बना था। ये ग्रुप जनवरी, 2021 में बना था। ये ग्रुप किसी तीसरे शख्स ने बनाया था। इस ग्रुप में बातचीत के बाद दोनों विवादित एप बनाने का निर्णय लिया गया था। सुल्ली डील्स जून-जुलाई, 21 में बनाया था। ट्रेड महासभा ग्रुप में 50 से ज्यादा थे। सभी सदस्य एक-दूसरे को नहीं जानते और न ही कभी मिले। इनकी इंटरनेट पर ही दोस्ती हुई थी।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की यूनिट इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) मामले की जांच कर रही है। आईएफएसओ ने नीरज व ओंकारेश्वर ठाकुर के अलावा ग्रुप के सात से ज्यादा लोगों की पहचान कर ली है। सभी को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस दे दिया गया है। ये सदस्य आरोपी तो नहीं हैं, बल्कि ट्रेड सभा ग्रुप पर हुई बातचीत में शामिल थे।
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नीरज के मोबाइल और लैपटॉप की रिपोर्ट मिली
दूसरी तरफ आईएफएसओ को नीरज बिश्नोई के मोबाइल व लैपटॉप की रिपोर्ट मिल गई है। लैपटॉप में मनुस्मृति के स्क्रीन शॉट काफी मात्रा में मिले हैं। इसके अलावा ऐसे लेख मिले हैं जिनसे ये पता लगा है कि हिंदू धर्म का पतन कैसे हुआ और कैसे हिंदू धर्म का नाश किया जा रहा है। लैपटॉप की रिपोर्ट से पता लगा है कि आरोपी टोर ब्राउजर का इस्तेमाल करता था। उसके मोबाइल से 150 से ज्यादा लिंक मिले हैं। लिंक पर हिंदू धर्म का पूरा इतिहास है। पुलिस ओंकारेश्वर ठाकुर के लैपटॉप व मोबाइल रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। 

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