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दिल्ली : देशभक्ति पाठ्यक्रम के पीरियड में पांच मिनट का राष्ट्रभक्ति ध्यान करेंगे छात्र
Fri, 01 Oct 2021 06:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 01 Oct 2021 06:13 AM IST
सार
देशभक्ति की पढाई पांच मिनट के ध्यान से शुरू होगी। देशभक्ति डायरी भी तैयार करनी होगी, झंडे आधारित गतिविधियां भी होंगी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में नर्सरी से बाहरवी कक्षा के बच्चों के लिए शुरू किये गए देशभक्ति पाठ्यक्रम के पीरियड में पांच मिनट का देशभक्ति ध्यान करेंगे।
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इस ध्यान के दौरान वह अपने मन में मैं देश के आगे सर झुकाता हूँ और भारत माता का सम्मान करता हूँ का जाप करेंगे। 40 मिनट की कक्षा की शुरुआत देशभक्ति डायरी से होगी। जिसमे छात्रों को देशभक्ति के सीखने के अनुभवों को साझा करना होगा। यह एक तरह का होमवर्क भी होगा।
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दिल्ली सरकार ने देशभक्ति पाठ्यक्रम के लिए तीन हैंडबुक तैयार की हैं। जो की नर्सरी से पाँचवी, कक्षा छ: से आठवीं कक्षा और नौंवी से बाहरवीं के लिए हैं। जिसमे बच्चों में देशभक्ति जगाने के लिए गतिविधियाँ शामिल की गयी हैं। कक्षा में होमवर्क एक्टिविटी के दौरान छात्र अपने पाठ के प्रशन आयु में बड़े तीन लोगों से पूछेंगे। जिनमे दो उनके परिवार से और एक बाहर से होगा।
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इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को अपने आसपास के लोगों, व्यस्कों, और परिचितों के विचार और राय जानने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों का दृष्टिकोण व्यापक बनेगा। झंडा दिवस गतिविधि का उदेशय छात्रों के व्यवहार और देश के बीच संबंध स्थापित करना है।
उन्हें यह अहसास दिलाना है कि उनका हर कार्य देश के झंडे को दुखी या खुश करता है। प्रत्येक छात्र पाठ्यक्रम की शुरुआत में अपना झंडा खुद बनाएंगे। सरकार ने जो हैंडबुक तैयार की है उनमे क्या करें क्या ना करें भी दिया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वह बच्चों के उन उत्तरों की आलोचना ना करें जिनसे वे सहमत नही है।
चर्चा के दौरान बच्चों को अपने विचार स्वयं बंनाने दें। इस पाठ्यक्रम के लिए कोई पाठ्य पुस्तक नही होगी। 700-800 देशभक्ति की कहानियाँ पढ़ेंगेदेशभक्ति पाठ्यक्रम में छात्र हर साल 100 देशभक्ति की कहानियाँ पढ़ेंगे। ऐसा हर साल होगा। इस तरह से छात्र कम से कम 700-800 कहानियाँ, और 500-600 देशभक्ति के गीत और कविताएं देख समझ सकेंगे।
मालूम हो कि देशभक्ति पाठ्यक्रम लांच करते समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम बच्चों में देशभक्ति के मूल्यों को बढ़ाएंगे। हम देशभक्त डॉक्टर, वकील अभिनेता और देशभक्त गायक तैयार करेंगे। हम बच्चों में देशभक्ति की भावना की अलख जगायेंगे।
सिसोदिया ने कहा था कि इसमें सिर्फ देशभक्ति की बात नही होगी बल्कि बच्चों में जुनून पैदा किया जायेगा। जब तक छात्र 19 साल का होगा वह शहीद हेमू कलानी की तरह होगा जिसने कम उम्र में देश के लिए बलिदान दिया था।