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कौशल विश्वविद्यालय ने युवाओं को पढ़ाया उद्यमिता का पाठ
Sat, 21 Aug 2021 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 21 Aug 2021 05:43 AM IST
सार
वेबिनार में शिक्षा व चिकित्सा जगत के दिग्गजों ने युवाओं में जोश भरने का काम किया। वेबिनार का संचालन कुलपति प्रो (डॉ.) नेहारिका वोहरा ने किया।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विश्व उद्यमी दिवस के अवसर पर दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) ने कोविड 19 के दौरान उद्यमिता: पोस्ट कोविड विश्व में उद्यमियों पर अंतर्दृष्टि विषय पर वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार में शिक्षा व चिकित्सा जगत के दिग्गजों ने युवाओं में जोश भरने का काम किया। वेबिनार का संचालन कुलपति प्रो (डॉ.) नेहारिका वोहरा ने किया।
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उद्यमी एवं टीआईई दिल्ली एनसीआर के अध्यक्ष श्रीकांत शास्त्री, टेसोल के सीईओ रजत गुप्ता, स्वरा की संस्थापक आशा स्कारिया वेट्टूर और भारत फंड्स प्लेटफॉर्म के सह संस्थापक श्याम मेनन के पैनल ने युवाओं के साथ अपनी अंतर्दृष्टि को साझा किया। वेबिनार के दौरान भारत फंड्स प्लेटफॉर्म के संस्थापक श्याम मेनन ने कोविड 19 के दौरान एवं कोविड के बाद उद्यमी वेंचर्स के बारे में बताया कि महामारी के दौरान सभी उद्यमी या उद्यमों को जीवित रहने के लिए अपनी लड़ाई लड़नी पड़ी।
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इस दौरान कंपनियों को अपने कर्मचारियों को बनाए रखने के प्रबंधन के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि महामारी ने कंपनियों को बहुत से अतिरिक्त खर्चों की पहचान करने और कटौती करने में सक्षम बनाया। टीम अपनी कंपनियों में छंटनी से बचने के लिए खर्च में कटौती करने के लिए भी तैयार थी। इसी अवधि के दौरान एक बड़ा डिजिटल परिवर्तन भी देखा गया।
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स्वरा की संस्थापक आशा स्कारिया ने एक उद्यम को बनाए रखने के लिए अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि संधारणीय और नैतिक फैशन विकल्पों की बढ़ती प्रवृत्ति का दौर है। जब महामारी की आई तो लोगों ने अपने जीवन विकल्पों पर सवाल उठाना और आत्म निरीक्षण करना शुरू किया। अध्ययन से पता चलता है कि महामारी के दौरान लोग पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक विकल्प खोज रहे थे।
उपभोक्ताओं ने महसूस करना शुरू कर दिया है कि यदि मानव जाति को कायम रखना है तो लोगों को धरती और पर्यावरण को बचाने के लिए और ठोस कदम उठाने होंगे।वहीं, टेसोल के सीईओ रजत गुप्ता ने कहा कि हमारे सभी हितधारक (स्टेकहोल्डर्स) -ग्राहक, कर्मचारी, एवं निवेशकों के साथ निरंतर संवाद करना महत्वपूर्ण है, ताकि उन्हें स्पष्ट रूप से स्थिति की सही जानकारी मिलती रहे। इससे कंपनी के प्रति विश्वास पैदा होता है। अन्य स्थिति में हुई अनिश्चितता स्टेकहोल्डर्स के बीच घबराहट और अविश्वास पैदा कर सकती है।
टीआईई के दिल्ली- एनसीआर क्षेत्र के अध्यक्ष श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि 90 दिनों में 20 लोगों की एक टीम एक तिहाई खर्चे पर वेंटिलेटर बनाने में सक्षम थी। उन्होंने युवाओं से कहा कि एक सफ़ल उद्यम बनाने के लिए ओपन फीडबैक एवं व्यक्तिगत रुचियों से ऊपर सामाजिक कारणों को रखना भी आवश्यक है।
वहीं, डीएसईयू को वाईस चांसलर नेहारिका वोहरा ने छात्रों को उनके विचारों के लिए परीक्षण का अवसर प्रदान करना और इन्वेस्टमेंट करने से पहले प्रतियोगिता का विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वेबिनार के दौरान हुई चर्चाओं से यह स्पष्ट है कि एक मजबूत छात्र उद्यमिता नीति विकसित करना अनिवार्य है। यह ऐसा समय है जब कुछ ऐसा बनाया जाए जो मौजूद नहीं है। इसमें लगातार निवेश भी किया जाए।
वोहरा ने कहा कि विश्वविद्यालय उद्यमिता के प्रति युवाओं के लिए एक सतत विकास नेटवर्क स्थापित करना चाहती है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता की मूल बातें सीखने के अवसर प्रदान करना है । उनके डोमेन के लिए मांग व आपूर्ति का विश्लेषण करना व उनके विचारों का परीक्षण करने के साथ सलाह, मेंटरशिप और फंडिंग के माध्यम से उनकी सहायता करके उनके विचारों का आगे बढ़ाना विश्वविद्यालय का उद्देश्य है।