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जामिया हिंसा: पुलिस के हलफनामे पर जवाब की भाषा पर एसजी ने जताई आपत्ति

Tue, 07 Jul 2020 12:30 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2020 12:30 AM IST
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SG objects the objects the petitioner by calling his reply irresponsible
नई दिल्ली। जामिया हिंसा मामले में पुलिस के हलफनामे पर याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश जवाब की भाषा पर सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने आपत्ति जताते हुए उसे गैर जिम्मेदाराना बताया। वहीं याचिकाकर्ताओं ने पुलिस द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे पर कई आपत्तियां जताईं। अब 13 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई करेगी।
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मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के समक्ष दिल्ली पुलिस की ओर से एसजी ने याचिकाकर्ताओं के जवाब के उस हिस्से पर आपत्ति जताई जिसमें कहा गया कि स्पष्ट तौर पर पुलिस को कानून तोड़ने की मंजूरी मिली हुई थी। बहुत संभावना है कि संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च के लिए जामिया के बाहर जमा हो रहे छात्रों की बेरहमी से पिटाई और उनकी हड्डियां तोड़ने का आदेश गृह मंत्री की तरफ से आया। याचिकाकर्ता नबीला हसन की ओर से दाखिल जवाब में यह दलील दी गई है।
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एसजी ने कहा यह गैर जिम्मेदाराना दलील का एक उदाहरण है। गैर जिम्मेदाराना दलील देना एक चलन बन गया है। यह प्रदर्शन स्थल पर दिया जाने वाला बयान है, अदालत में इस तरह की दलील नहीं दी जा सकती। आप संवैधानिक प्राधिकारों को ऐेसे बदनाम नहीं कर सकते।
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हसन ने जामिया के याचिकाकर्ताओं, छात्रों और वहां के निवासियों पर कथित निर्ममतापूर्वक हमला करने के लिए पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है। याचिका में विश्वविद्यालय में छात्रों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के कथित अत्यधिक बल प्रयोग के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया है ।
वहीं मेहता ने हसन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंजाल्विस से पूछा कि वह गृह मंत्री के खिलाफ इस तरह के आरोप क्यों लगा रहे हैं और वह फैसला करें कि क्या वह उन्हें हटा सकते हैं। इस पर गोंजाल्विस ने कहा कि वह संबंधित वाक्यों को तुरंत हटा देंगे। मेहता द्वारा उल्लेख किए गए वाक्यों को हटाने के बाद वह फिर से जवाब दाखिल करेंगे।

वहीं हिंसा पर गौर करने के लिए एक न्यायिक आयोग के गठन के लिए दाखिल छह याचिकाओं का विरोध करते हुए पुलिस ने कहा कि पुलिसिया ज्यादती के दावे बेबुनियाद हैं। पुलिस ने वकीलों, जामिया के छात्रों, ओखला के निवासियों की ओर से दाखिल विभिन्न याचिकाओं के जवाब में हलफनामा दाखिल किया है।
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