फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Seelampur police arrested a young man who claimed to be a police inspector and IES officer

कभी इंस्पेक्टर तो कभी बना IAS; ट्रैफिक रूल तोड़ते ही पुलिस ने पकड़ा, सड़क पर दिखाने लगा रौब; हुआ गिरफ्तार

Wed, 02 Aug 2023 09:46 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 02 Aug 2023 09:46 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस ने फर्जी अधिकारी बनकर घुम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसकी  कार से पुलिस की टोपी, तीन फर्जी आई कार्ड और अन्य सामान बरामद हुआ है।

विज्ञापन
Seelampur police arrested a young man who claimed to be a police inspector and IES officer
सीलमपुर पुलिस स्टेशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खुद को पुलिस इंस्पेक्टर और आईईएस अधिकारी बताकर रौब झाड़ रहा युवक सीलमपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी अधिकारियों वाली सफेद रंग की मारुति सियाज कार में सवार था। उसने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को डराने-धमकाने की खूब कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। बाद में उसे लोकल पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान अफजालपुर-पावटी, जानी, मेरठ निवासी रउफ अली के रूप में हुई है। सीलमपुर थाना पुलिस ने आरोपी के पास से एक सियाज कार, तीन फर्जी आईकार्ड और एक पुलिस की टोपी बरामद की है।

विज्ञापन


उत्तर-पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनात एएसआई अरुण कुमार त्यागी सीलमपुर एरिया में धर्मपुरा लाल बत्ती के पास अपने टीआई के साथ ड्यूटी पर थे। इस बीच सुबह करीब 11.30 बजे उन्होंने देखा कि लाल बत्ती पर खड़ी सफेद रंग की सियाज गाड़ी स्टाप लाइन से आगे थी। वह चालक के पास पहुंचे और स्टाप लाइन नियम तोड़ने की बात कर लाइसेंस मांगा। इस पर चालक भड़क गया। 
विज्ञापन


वह कहने लगा कि उसकी हिम्मत कैसे हुई लाइसेंस मांगने की, वह दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर है। अरुण ने देखा कि कार के डैशबोर्ड पर एक पुलिस की टोपी व तीन आई कार्ड रखे थे। कुछ देर बाद आरोपी खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताने लगा। उसने एक आईकार्ड भी अरुण को दे दिया। आईकार्ड पर विपिन गर्ग लिखा था। आरोपी ने खुद को कस्टम में अधिकारी बताया। अरुण ने आईकार्ड पर लिखे नंबर पर कॉल किया तो आरोपी का भेद खुल गया। वह नंबर किसी कस्टम अधिकारी का नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन


भेद खुलने पर आरोपी खुद को आईईएस अधिकारी संजय गोयल बताकर रौब झाड़ने लगा। अरुण आरोपी को अपने टीआई के पास ले गया। टीआई ने उससे पूछताछ की तो आरोपी का भेद खुल गया। आरोपी ने अपना नाम रऊफ बताया। उसने बताया कि वह दिल्ली में जहांगीरपुरी में रहता है। वह यहां एक वर्कशॉप में नौकरी कर रहा है। भेद खुलने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किसकी कार लेकर आया था। उसने आईकार्ड कहां से प्राप्त किए और असल में वह इनका क्या करता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed