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रोहिणी कोर्ट रूम धमाका : आईईडी से किया था ब्लास्ट, काले बैग वाले की पहचान में जुटी पुलिस

Sat, 11 Dec 2021 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 11 Dec 2021 05:27 AM IST
सार

पुलिस को एनएसजी से सैंपल जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार। पुलिस ने कहा सभी पहलूओं की हो रही है जांच।

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Rohini courtroom Blast was done with IED says delhi police
Delhi Rohini Court Blast - फोटो : ANI

विस्तार

रोहिणी कोर्ट में किया गया धमाका आईईडी ब्लास्ट था। धमाके के लिए तीन सौ ग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इसे टिफिन में रखा गया था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसे ठीक से सेट नहीं किया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अभी तक की जांच में पुलिस को विस्फोटक रखने वाले के बारे में कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा है। 

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पुलिस अधिकारियों तौर पर कुछ भी कहने से बच रही है। पुलिस अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि घटनास्थल से मिले सैंपल को एनएसजी की टीम जांच के लिए ले गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस धमाके के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ बता पाएगी। सूत्रों का कहना है कि विस्फोटक में तीन सौ ग्राम अमोनियम नाइट्रेट, बैटरी, तार और पहली बार बम में छोटे स्क्रू का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही बम में शीशे के टूकडे भी डाले गए हैं। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से बम को तैयार किया गया था, उससे काफी ज्यादा नुकसान हो सकता था। 
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अभी तक की जांच में पुलिस को विस्फोटक रखने वाले के बारे में सुराग नहीं मिला है। हालांकि सीसीटीवी कैमरे की जांच के दौरान पुलिस को कई लोग काले बैग लेकर जाते मिले हैं। उन सभी लोगों के बारे में पुलिस जानकारी हासिल कर रही है लेकिन अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस कोर्ट परिसर में लगे 70 कैमरों की छानबीन में जुटी है।
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पुलिस बृहस्पतिवार सुबह से कोर्ट में आने वाले वाहनों की जानकारी हासिल कर रही है। सभी वाहनों के नम्बर नोट कर एक लिस्ट तैयार की गई है। जिसके बाद वाहनों के मालिकों की भूमिका की जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि इन दिनों कोर्ट में गैंगस्टर मंजीत महाल की पेशी होनी थी। इसको लेकर भी इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा सकता है। पुलिस इस पहलू को भी ध्यान रखकर जांच कर रही है।

पुलिस आयुक्त से कहा- सुनिश्चित करें सुरक्षा

उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को रोहिणी में तीन लोगों की मौत के बाद आवश्यक संख्या में कर्मियों को तैनात करने और उपकरण लगाने के लिए एक विशेषज्ञ टीम द्वारा सुरक्षा ऑडिट के आधार पर अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया है। रोहिणी कोर्ट में 24 सितंबर को एनकांउटर हुआ था। 

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने अदालत परिसरों में सुरक्षा और सुरक्षा से संबंधित मामलों में पारित अपने आदेश में कहा कि दिल्ली पुलिस मुख्य रूप से नियमित और निरंतर सुरक्षा, पर्याप्त कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा आवश्यक बजटीय आवंटन करने के लिए दिल्ली सरकार करेगी।

पीठ ने उच्च रिजॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से अदालत भवनों की चौबीसों घंटे निगरानी करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं हर गेट पर महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, बिना तलाशी किसी को भी अदालत परिसर में न जाने का निर्देश भी दिया है।

अदालत ने कहा कि न्यायिक परिसरों में प्रवेश को विनियमित करने के उनके निर्देशों का सभी द्वारा ईमानदारी से पालन किया जाए। इसके अलावा अदालत परिसर में मेटल डिटेक्टर, एक्स-रे स्कैनर आदि सहित केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा अतिरिक्त सहायता के साथ अधिक संख्या में सुरक्षा पुलिस कर्मियों की तैनाती। 
अदालत ने 24 नवंबर को अपने आदेश में कहा था कि पुलिस आयुक्त, दिल्ली, दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर के साथ-साथ दिल्ली के सभी जिला न्यायालय परिसरों की सुरक्षा ऑडिट करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम का गठन करेंगे।

अदालत ने आदेश दिया कि अदालत परिसर में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों की सुरक्षा कर्मियों द्वारा जांच की जाए और परिसरों के प्रवेश बिंदुओं के साथ-साथ अदालतों के आवास वाले भवनों में भी तलाशी ली जाए।

अदलत ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और सिटी बार एसोसिएशनों को अदालत परिसरों के अंदर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए सभी सदस्य अधिवक्ताओं को क्यूआर कोड या स्मार्ट चिप के साथ गैर-हस्तांतरणीय आईडी कार्ड जारी करने का भी निर्देश दिया था।

अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामान या वाहनों को उचित जांच के बिना अनुमति नहीं दी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी सुरक्षा उपकरण पर काम किया जाए और किसी भी तकनीकी विफलता के मामले में बैकअप हो। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि केवल आवश्यक ॐस्टिकरॐ वाले अधिकृत वाहनों को अदालत परिसर के अंदर अनुमति दी जाएगी।

सीसीटीवी से मिलेगा सुराग

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए धमाके के बाद पुलिस सबसे अहम कड़ी की तलाश में जुट गई। दहशतगर्द कौन थे और वह विस्फोटक लेकर कैसे कोर्ट रूम तक पहुंचा। इसके लिए पुलिस न सिर्फ सीसीटीवी खंगाल रही है बल्कि कोर्ट परिसर में काम करने वाले सभी लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। अंदेशा है कि कोर्ट की कार्रवाई शुरू होने से पहले आरोपी अदालत परिसर में पहुंचा और कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही विस्फोटक रखकर निकल गया।

पुलिस के सामाने सबसे अहम सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा के बीच टिफिन बम कोर्ट रूम में कैसे पहुंचा। सुरक्षा के लिए कोर्ट के गेट पर लगाई गई मेटल डिटेक्टर की पकड़ में आखिर क्यों नही आया। ऐसे तमाम सवाल हैं जिनकी पुलिस जांच कर रही है। जांच से जुडे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमाका के दौरान कोर्ट में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई है। खास तौर पर घटना में घायल हवलदार से भी पूछताछ की गई है। घटना के बाद से हवलदार दहशत में है, इसलिए उससे घटना के बारे में दोबारा पूछताछ की जाएगी। हालांकि पूछताछ में संदिग्ध के बारे में कुछ खास जानकारी हासिल नहीं हो पाई है। 

आखिरकार पुलिस की तफ्तीश तकनीकी जांच पर टिक गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कोर्ट परिसर में करीब 70 कैमरे हैं। जिनकी फुटेज को कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है। स्पेशल सेल की करीब आधा दर्जन टीम तकनीकी जांच में जुटी है। पुलिस को आशंका है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए संदिग्धों ने रेकी की गई होगी। इसकी वजह से पुलिस करीब एक सप्ताह का फुटेज खंगाल रही है। पुलिस टीम मोबाइल फोन के डंप डाटा की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद जताई है कि किसी न किसी सीसीटीवी कैमरे में संदिग्ध जरूर कैद हुआ होगा। छानबीन के बाद पुलिस जल्द किसी नतीजे पर पहुंचेगी।

गाड़ियों की जांच पर पुलिस की निगाह टिकी

विस्फोट की जांच में पुलिस की निगाह गाड़ियों पर टिक गई है। अंदेशा है कि दहशतगर्द गाड़ी से कोर्ट परिसर में आया और पार्किंग में कार लगाने के बाद लिफ्ट से कोर्ट रूम तक पहुंचा होगा। पुलिस इस क्यास को लेकर बृहस्पतिवार को कोर्ट परिसर में आने वाले सभी गाड़ियों की जांच में जुट गई है। 

रोहिणी कोर्ट परिसर में आने के लिए नौ गेट हैं। जिसमें से तीन गेट से आम लोग आते हैं, जबकि तीन गेट कर्मचारियों और वकील के आने लिए है। एक गेट से जज परिसर में आते हैं। जबकि अन्य दो गेट बंद रहते हैं। जिन गेटों से परिसर में आने की व्यवस्था है, उन गेटों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की जाती है।

वकीलों और कर्मचारियों का पहचान पत्र देखा जाता है जबकि तरीख पर आने वालों को परिसर में आने से पहले आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या फिर मतदाता पहचान पत्र दिखाना होता है। साथ ही उनके सामान की जांच की जाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट परिसर में करीब 30 पुलिसकर्मी और 45 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। 

वहीं, सूत्रों का कहना है कि गाड़ियों से कोर्ट परिसर आने वालों की ठीक ढंग से जांच नहीं हो पाती है। गाड़ियां भूमिगत पार्किंग में खड़ी की जाती है। जहां आठ लिफ्ट हैं। जिसमें से सात लिफ्ट के पास तलाशी की व्यवस्था है और एक में नहीं है। आशंका है कि विस्फोटक रखने वाला गाड़ी से आया होगा। पुलिस पार्किंग में खड़ी वाहनों की जांच में भी जुटी है। 

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