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Delhi News: मुफ्त फॉरेंसिक विशेषज्ञ उपलब्ध कराने की मांग पर मांगा जवाब
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कानूनी सहायता पाने वाले वादियों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश करने के लिए मुफ्त फॉरेंसिक विशेषज्ञ उपलब्ध कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि वंचित वर्ग के व्यक्ति यदि भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (बीएसए) की धारा 63 के तहत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश करने में असमर्थ रहते हैं तो इससे उनके न्याय तक पहुंच के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
अदालत ने कहा, हमारा प्रारंभिक मत है कि यदि समाज के वंचित वर्ग का कोई व्यक्ति धारा 63 के अनुसार साक्ष्य पेश करने में असमर्थ है तो यह उसके न्याय तक पहुंच के अधिकार का उल्लंघन करता है इसलिए हम नालसा को इस पहलू पर विचार कर एक संभावित योजना के बारे में अदालत को अवगत कराने का निर्देश देते हैं। याचिका अधिवक्ता जीशान एखलाक और अमन भिड़े ने दायर की है। ब्यूरो
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अदालत ने कहा, हमारा प्रारंभिक मत है कि यदि समाज के वंचित वर्ग का कोई व्यक्ति धारा 63 के अनुसार साक्ष्य पेश करने में असमर्थ है तो यह उसके न्याय तक पहुंच के अधिकार का उल्लंघन करता है इसलिए हम नालसा को इस पहलू पर विचार कर एक संभावित योजना के बारे में अदालत को अवगत कराने का निर्देश देते हैं। याचिका अधिवक्ता जीशान एखलाक और अमन भिड़े ने दायर की है। ब्यूरो
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