Power Crisis In Delhi : आंबेडकर अस्पताल में बत्ती गुल, बिगड़े हालात, शिफ्ट करने पड़े मरीज
रोहिणी स्थित दिल्ली सरकार के बाबा भीमराव आंबेडकर अस्पताल के समीप शॉर्ट सर्किट होने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हुई। शुक्रवार शाम 3 बजे से अस्पताल में बत्ती गुल हो गई। कुछ देर तक अस्पताल प्रबंधन ने इंतजार किया, लेकिन इसके बाद हड़कंप मच गया। आईसीयू के मरीजों को बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ा। रात 11 बजे तक अस्पताल में आपूर्ति नहीं होने की जानकारी सामने आई।
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दिल्ली के अस्पताल में बिजली आपूर्ति ठप होने की वजह से सभी मरीजों की आफत आ गई। उन्हें आनन-फानन दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़ा। शुक्रवार देर रात तक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं भी ठप रहीं।
रोहिणी स्थित दिल्ली सरकार के बाबा भीमराव आंबेडकर अस्पताल के समीप शॉर्ट सर्किट होने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हुई। शुक्रवार शाम 3 बजे से अस्पताल में बत्ती गुल हो गई। कुछ देर तक अस्पताल प्रबंधन ने इंतजार किया, लेकिन इसके बाद हड़कंप मच गया। आईसीयू के मरीजों को बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ा। रात 11 बजे तक अस्पताल में आपूर्ति नहीं होने की जानकारी सामने आई।
अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि बिजली आपूर्ति की यह परेशानी बीते एक सप्ताह के दौरान दूसरी बार देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर और आईसीयू पर भर्ती मरीजों को तत्काल बुराड़ी अस्पताल शिफ्ट किया गया। एंबुलेंस की मदद लेकर एक साथ तीन-तीन रोगियों को वहां भेजना पड़ा। हालांकि, राहत रही कि बिजली आपूर्ति न होने की वजह से किसी मरीज की जान को जोखिम नहीं हुआ। डॉक्टर ने बताया कि बिजली के बारे में पूछताछ करने पर उन्हें ट्रांसफार्मर में खराबी आने और आग लगने की सूचना मिली है।
देर रात तक ऑटो में घूमती रही बबीता : पूठकलां निवासी बबीता अपनी 23 वर्षीय बेटी नेहा को लेकर देर रात तक ऑटो में घूमती रही। रात साढ़े 11 बजे वे दीप चंद बंधु अस्पताल के बाहर थीं। उन्होंने बताया कि आंबेडकर अस्पताल में बिजली न आने की वजह से हालत काफी खराब है। कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। वहां के कर्मचारियों का व्यवहार काफी गलत है। उन्होंने मरीजों को रामभरोसे छोड़ दिया। वे अपनी बेटी को लेकर तीन अस्पतालों के चक्कर लगाती रहीं। उनकी बेटी को ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी परेशानी है।
आठ घंटे से मरीज को नहीं मिला रक्त : रोहिणी निवासी दीपू ने बताया कि वह अपनी बहन को लेकर दो दिन पहले अस्पताल आया था। काफी भागदौड़ के बाद उसकी बहन को भीमराव आंबेडकर अस्पताल में दाखिला मिला, लेकिन शुक्रवार को बिजली जाने के बाद आठ घंटे तक उन्हें बहन के लिए रक्त नहीं मिला।
इस बार मई में सर्वाधिक रही राजधानी में बिजली की मांग
भीषण गर्मी के कारण दिल्ली में बिजली की मांग बढ़कर 7070 मेगावाट तक पहुंच गई है। डिस्कॉम अधिकारियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार देर रात बिजली की मांग बढ़ गई, जो मई में अब तक सर्वाधिक है। दिल्ली के इतिहास में यह चौथा साल है, जब बिजली की चरम (पीक) मांग 7,000 मेगावाट को पार कर गई है।
राज्य लोड प्रेषण केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात 11.24 बजे बिजली की मांग 7,070 पर पहुंच गई। शुक्रवार को सर्वाधिक पीक डिमांड 6,943 दर्ज की गई थी, जिसके बढ़ने के बाद देर रात तक 7,000 मेगावाट से अधिक होने की संभावना है। इससे पहले चरम मांग 10 जुलाई, 2018 में पहली बार 7,000 मेगावाट के स्तर को पार कर 7,016 मेगावाट पर पहुंच गई थी। 2019 में दो जुलाई को 7,409 मेगावाट दर्ज हुई, जो अब तक सर्वाधिक है। 2020 में यह 7,000 मेगावाट को पार नहीं कर सकी, लेकिन 6314 मेगावाट पर पहुंच गई। 2021 में दो जुलाई में दिल्ली में बिजली की मांग सर्वाधिक मांग 7,323 मेगावाट थी।
अधिकारियों ने कहा कि इस साल बिजली की अधिकतम मांग 8,200 मेगावाट है। बीएसईएस के एक प्रवक्ता ने कहा कि बीआरपीएल और बीवाईपीएल में बिजली की अधिकतम मांग मई में अब तक की सर्वाधिक है।